- महिंद्रा XEV 9e से किया सफर, कार का नंबर ‘विकसित भारत 2047’ का प्रतीक; पीएम मोदी के मितव्ययता के संदेश को बढ़ाया आगे
अजनबी न्यूज भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पर्यावरण संरक्षण और सादगी की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। 3 जून को उन्होंने अपने काफिले में आधुनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) को शामिल किया। ऐसा करने वाले वे देश के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं। सीएम डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास से स्टेट हैंगर भोपाल तक इसी नई ईवी से सफर कर जनता को ‘ग्रीन और क्लीन’ एनर्जी का संदेश दिया।
एक चार्ज में 500 किमी का सफर, वीआईपी सुरक्षा के लिए विशेष ट्रेनिंग
मुख्यमंत्री के काफिले में देश की जानी-मानी कंपनी महिंद्रा की XEV 9e इलेक्ट्रिक कार शामिल की गई है।
दमदार परफॉर्मेंस: कंपनी का दावा है कि यह कार सिंगल चार्ज में 500 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है।
हाईटेक फीचर्स: कार 360 डिग्री कैमरा और अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस है।
स्पेशल ट्रेनिंग: सीएम की सुरक्षा और सुचारू यातायात को देखते हुए इस वाहन के ड्राइवरों को विशेष प्रशिक्षण (Special Training) दिया गया है।

चर्चा में है कार का नंबर: ‘MP-02-VB-2047’
मुख्यमंत्री की इस नई कार का रजिस्ट्रेशन नंबर ‘MP-02-VB-2047’ इस समय हर तरफ चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीतिक गलियारों और आम जनता में इस नंबर के खास मायने निकाले जा रहे हैं:
VB का अर्थ: ‘विकसित भारत’ (Viksit Bharat)
2047 का लक्ष्य: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साल 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प का प्रतीक।
पर्यावरण और सौर ऊर्जा के प्रति संकल्पित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मानना है कि प्रकृति को नुकसान पहुंचाकर किया गया विकास अधूरा है। यही वजह है कि वे सौर ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
वाइल्डलाइफ का संरक्षण: हाल ही में पारिस्थितिक तंत्र (Ecosystem) को संतुलित करने के लिए राज्य में गिद्धों और मगरमच्छों को उनके अनुकूल प्राकृतिक आवासों में छोड़ा गया।
रिन्यूएबल एनर्जी पर जोर: सीएम के अनुसार, सौर ऊर्जा जैसे विकल्प ही आने वाले समय में देश और दुनिया को विकास की नई राह दिखाएंगे।
सादगी और मितव्ययता की कई मिसालें
यह पहली बार नहीं है जब डॉ. मोहन यादव ने सादगी की मिसाल पेश की हो। प्रधानमंत्री मोदी की मितव्ययता (Frugality) की अपील को अमलीजामा पहनाते हुए वे पहले भी कई कदम उठा चुके हैं:
घटाया काफिला: मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपने काफिले में सुरक्षा गाड़ियों की संख्या को सीमित कर दिया।
बस में सफर: इंदौर दौरे के दौरान वे स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अफसरों के साथ ‘टेम्पो ट्रैवलर’ बस में बैठकर राजवाड़ा पहुंचे थे। वहीं सिंगरौली में भी उन्होंने टूरिस्ट बस से सफर कर वीआईपी कल्चर को दरकिनार किया था।


