Author: Ajnabi News

  • होटल के कमरे में छात्रा की संदिग्ध मौत; दोस्त के साथ रुकी थी युवती, जांच में जुटी पुलिस

    होटल के कमरे में छात्रा की संदिग्ध मौत; दोस्त के साथ रुकी थी युवती, जांच में जुटी पुलिस

     

    – क्या ​यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और साजिश?

    – होटल के कमरे में ऐसा क्या हुआ कि युवती को जान गंवानी पड़ी?

    अजनबी न्यूज शिवपुरी। शहर के फिजिकल थाना क्षेत्र स्थित ‘युवराज होटल’ में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक 20 वर्षीय कॉलेज छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। छात्रा अपने एक पुरुष मित्र के साथ होटल पहुंची थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की गुत्थी सुलझाना शुरू कर दिया है।

    क्या है पूरा मामला?

    ​मिली जानकारी के अनुसार, सेसई गांव की रहने वाली नैनसी राठौर (20) शिवपुरी के एक शासकीय कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी। बुधवार सुबह करीब 11 बजे वह परिजनों से कॉलेज का फॉर्म भरने की बात कहकर घर से निकली थी। लेकिन कॉलेज जाने के बजाय वह गांव के ही एक युवक अंकुश के साथ युवराज होटल पहुंची, जहां दोनों ने एक कमरा किराए पर लिया।

    अस्पताल पहुंचने पर हुई मौत की पुष्टि

    ​बताया जा रहा है कि कमरे के भीतर दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। कुछ देर बाद, अंकुश युवती को बेसुध हालत में निजी अस्पताल (एमएम हॉस्पिटल) लेकर पहुंचा। हालांकि, वहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद नैनसी को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रबंधन ने मामले की गंभीरता और संदिग्ध हालात को देखते हुए तुरंत पुलिस को सूचित किया।

    सवालों के घेरे में ‘आत्महत्या’ की थ्योरी

    ​शुरुआती जानकारी में फांसी लगाकर आत्महत्या की बात सामने आ रही है, लेकिन पुलिस इसे पूरी तरह सच नहीं मान रही है। घटना स्थल पर युवक की मौजूदगी और अचानक हुई मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:

    क्या यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और साजिश?

    होटल के कमरे में ऐसा क्या हुआ कि युवती को जान गंवानी पड़ी?

    विवाद की असली वजह क्या थी?

    ​”मृतिका के पिता ने बताया कि बेटी घर से फॉर्म भरने का कहकर निकली थी, बाद में उसकी मौत की खबर आई। जिस युवक के साथ वह थी, वह गांव का ही है और बाहर नौकरी करता है, जो हाल ही में गांव आया था।”

    ​फिजिकल थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने युवती के मित्र अंकुश को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट (PM Report) आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल होटल के सीसीटीवी फुटेज और कमरे की तलाशी ली जा रही है।

     

  • खूनी सनक: जिस हाथ ने थामी थी कलाई, उसी ने बरसाया हथौड़ा!

    खूनी सनक: जिस हाथ ने थामी थी कलाई, उसी ने बरसाया हथौड़ा!

     

    शिवपुरी के नरवर में बीच बाजार दहशत का तांडव; बचाने आई भाभी को भी नहीं बख्शा

       /// राहुल अष्ठाना अजनबी ///

    ​नरवर (शिवपुरी): एक साल से सूनी पड़ी मांग, आंखों में अपनी मासूम बेटी का भविष्य और दिल में पति की प्रताड़ना का डर… राजकुमारी ने सोचा भी नहीं था कि जिस रास्ते से वो अपनी लाड़ली को स्कूल लेने जा रही है, वहां उसकी जिंदगी का सबसे खौफनाक मंजर इंतज़ार कर रहा है।

    ​🔨 बीच सड़क पर ‘हथौड़ा मार’ पति का तांडव

    ​सोमवार की वो शाम नरवर के पुराने डाकघर इलाके के लिए आम नहीं थी। नारायणपुर की बेटी राजकुमारी (23) अपनी भाभी नीलम के साथ बेटी को लेने स्कूल जा रही थी। तभी अचानक पीछे से काल बनकर आया उसका पति रवि कुशवाह। इससे पहले कि राजकुमारी कुछ समझ पाती, रवि के हाथ में चमक रहे लोहे के भारी हथौड़े ने उसकी खोपड़ी पर जोरदार प्रहार किया।

    ​चीख-पुकार और खून के फव्वारों के बीच जब भाभी नीलम अपनी ननद को बचाने के लिए ढाल बनी, तो सनकी पति ने उस पर भी रहम नहीं किया। बीच बाजार हथौड़े चलते रहे और लोग मूकदर्शक बने तमाशा देखते रहे।

    ​🏠 मायके की दहलीज और टूटता रिश्ता

    ​राजकुमारी और रवि की शादी कुछ साल पहले बड़े अरमानों के साथ हुई थी, लेकिन जल्द ही यह रिश्ता ‘मारपीट’ और ‘क्लेश’ की भेंट चढ़ गया।

    ​एक साल का अलगाव: पति की हरकतों से तंग आकर राजकुमारी एक साल से मायके में अपनी बेटी के साथ रह रही थी।

    ​दबाव का खूनी अंजाम: आरोपी रवि लगातार उस पर लौटने का दबाव बना रहा था, लेकिन राजकुमारी को क्या पता था कि इनकार की कीमत उसे अपने खून से चुकानी पड़ेगी।

     

    ​🚔 पुलिस की तलाश और अस्पताल में जंग

    ​वारदात को अंजाम देकर दरिंदा पति तो फरार हो गया, लेकिन पीछे छोड़ गया लहूलुहान सड़कों पर दर्द की दास्तां। दोनों घायल महिलाओं को गंभीर हालत में ग्वालियर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जहां उनकी जिंदगी और मौत के बीच जंग जारी है।

    ​”यह सिर्फ एक हमला नहीं, एक मां की ममता और एक औरत के आत्मसम्मान पर वार है। पुलिस आरोपी को पाताल से भी ढूंढ निकालेगी।” — विनय यादव, थाना प्रभारी नरवर

  • ममता की मूरत बने CEO मोगराज मीणा: गौशाला निरीक्षण के दौरान नन्हे बछड़े को गोद में उठा जीता सबका दिल

    ममता की मूरत बने CEO मोगराज मीणा: गौशाला निरीक्षण के दौरान नन्हे बछड़े को गोद में उठा जीता सबका दिल

     “सच्ची सेवा वही है जो बेजुबानों के प्रति करुणा से भरी हो। गौमाता और उनके वंशज हमारी संस्कृति का आधार हैं, उनकी सेवा करना हमारा नैतिक कर्तव्य है”

     

       //// राहुल अष्ठाना अजनबी ////

    अजनबी न्यूज शिवपुरी। अक्सर सरकारी अधिकारियों की छवि फाइलों और सख्त अनुशासन के इर्द-गिर्द सिमटी होती है, लेकिन जनपद पंचायत सीईओ मोगराज मीणा ने अपनी एक ऐसी तस्वीर पेश की है जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया है। अपनी ईमानदार कार्यशैली और कर्तव्यनिष्ठा के लिए पहचाने जाने वाले श्री मीणा जब गौशाला का निरीक्षण करने पहुंचे, तो वहां एक बेहद मार्मिक दृश्य देखने को मिला।

    निरीक्षण के बीच झलका ‘गौ-प्रेम’

    ​निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक बारीकियों को देखने के साथ-साथ मीणा जी की नजर एक छोटे से बछड़े पर पड़ी। बिना किसी हिचकिचाहट के, उन्होंने उस नन्हे जीव को अपनी गोद में उठा लिया। जिस आत्मीयता और दुलार के साथ उन्होंने बछड़े को पुचकारा, वह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखों में चमक और चेहरे पर मुस्कान ले आया।

    क्यों खास है यह पहल?

    ​संवेदनशीलता का परिचय: यह दर्शाता है कि एक अधिकारी केवल कागज पर ही नहीं, बल्कि जमीन पर भी जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशील है।

    ​प्रेरणादायक संदेश: सरकारी व्यवस्था में गौशालाओं की स्थिति को लेकर अक्सर चर्चा होती है, लेकिन सीईओ साहब का यह निजी जुड़ाव कर्मचारियों को भी पशुओं की बेहतर सेवा के लिए प्रेरित करता है।

    ​सादगी की मिसाल: बड़े पद पर होने के बावजूद एक मूक पशु के प्रति ऐसा निस्वार्थ प्रेम उनकी सादगी को बयां करता है।

     

     

  • विदाई सम्मान: “ईमानदारी, सरल व्यवहार की मिसाल बने अष्ठाना: ईई शुभम अग्रवाल 

    विदाई सम्मान: “ईमानदारी, सरल व्यवहार की मिसाल बने अष्ठाना: ईई शुभम अग्रवाल 

     

    विदाई समारोह में अष्ठाना बोले ​एक ऐसी पारी जिसका अंत भी शुरुआत जैसा चमकदार रहा… 

    अजनबी न्यूज शिवपुरी। ​कहते हैं कि इंसान का पद उसकी पहचान नहीं होता, बल्कि उसका व्यवहार और काम करने का तरीका उसकी असली पहचान बनाता है। विभाग में अपनी लंबी और शानदार सेवाओं के बाद जब श्री दिनेश कुमार अष्ठाना ने अपनी सेवानिवृत्ति के अवसर पर विदाई भाषण दिया, तो उनकी बातों में अनुभव का सागर और ईमानदारी की चमक साफ दिखाई दी।

    ​”काम ही पूजा है”: अष्ठाना का मंत्र

    ​अपने विदाई भाषण के दौरान दिनेश अष्ठाना भावुक नजर आए, लेकिन उनके शब्द उतने ही स्पष्ट थे। उन्होंने अपनी सफलता और सुकून का राज साझा करते हुए कहा:

    ​”यदि आप अपने काम को पूरी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निभाते हैं, तो जीवन में कभी कोई परेशानी आपके सामने टिक नहीं पाएगी। काम को बोझ नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारी समझें।”

     

    सहकर्मियों की नजर में एक आदर्श व्यक्तित्व

    ​समारोह में मौजूद वरिष्ठ अधिकारी पीएचई विभाग के मुखिया ईई शुभम अग्रवाल ने दिनेश जी की तारीफों के पुल बांधे। अधिकारियों ने उनके कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि श्री अष्ठाना ने न केवल एक कर्मचारी के रूप में, बल्कि एक मार्गदर्शक के रूप में अपनी भूमिका निभाई। इसी के साथ श्री अग्रवाल ने कहा कि

    ​ईमानदारी उनके पूरे करियर में पारदर्शिता उनकी सबसे बड़ी ताकत रही। कार्यस्थल पर किसी भी चुनौती को स्वीकार करने के लिए वे हमेशा सबसे आगे खड़े रहे। उन्होंने कभी भी काम की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया।

    दिल को छू लेने वाला विदाई पल

    ​जब विदाई की घड़ी आई, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं। यह केवल एक कर्मचारी की विदाई नहीं थी, बल्कि एक ऐसे स्तंभ की विदाई थी जिसने विभाग को अपनी मेहनत से सींचा था। अधिकारियों ने फूलों के हार और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामनाओं के साथ पीएचई विभाग से एसडीओ श्रीवास्तव को भी सेवानिवृत्ति के मौके पर श्री अग्रवाल ने उन्हें शाॅल श्रीफल के साथ भगवान राम (आयोध्या) की प्रतिमा से सम्मानित कर कार से छोड़ने आए। इस दौरान श्री अष्ठाना के परिवार से उनकी मां श्री मति जलदेवी अस्थाना , धर्म पत्नी सीमा व उनके दामाद धर्मेंद्र सक्सेना भाई राजेश अस्थाना, राहुल अष्ठाना “अजनबी”  एवं अन्य परिजननों के साथ साथ समस्त स्टाफ  उपस्थित रहे।

     

  • ​”धुएं के गुबार में गुम हुई एक बुलंद आवाज: बारामती विमान दुर्घटना में डिप्टी सीएम ‘अजित पवार’ का दुखद अवसान, देशभर में शोक”

    ​”धुएं के गुबार में गुम हुई एक बुलंद आवाज: बारामती विमान दुर्घटना में डिप्टी सीएम ‘अजित पवार’ का दुखद अवसान, देशभर में शोक”

    अजनबी न्यूज। महाराष्ट्र के बारामती में उप मुख्यमंत्री अजित पवार का विमान हादसे का शिकार हो गया। लैंडिंग के वक्त विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। जिसमें डिप्टी सीएम अजित पवार का निधन हो गया। इस हादसे में चार अन्य लोगों की भी जान चली गई। निजी विमान एयरपोर्ट पर उतरते समय क्रैश हुआ है। अजित पवार जिला परिषद चुनावों को लेकर आज (बुधवार) बारामती आ रहे थे। घटनास्थल से वीडियो भी सामने आया है। जो कि काफी डरावनी है। घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ मौजूद हैं। विमान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है।

    न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक मुंबई से बारामती जा रहा चार्टर प्लेन बारामती में सुबह 8.45 बजे क्रैश लैंड हो हुआ है। डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने घटना को लेकर बताया कि बारामती क्रैश लैंडिंग में उपमुख्यमंत्री अजित पवार, 2 और लोगों (1 पीएसओ और 1 अटेंडेंट) और 2 क्रू (PIC+FO) सदस्यों के साथ विमान में सवार थे। विमान में सवार कोई भी व्यक्ति इस दुर्घटना में जीवित नहीं बचा है।

    एक दिन पहले कैबिनेट बैठक में लिया था हिस्सा

    बता दें कि अजित पवार मंगलवार को मुंबई में थे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में महाराष्ट्र कैबिनेट की अवसंरचना समिति की बैठक में भाग लिया था। अजित पवार महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले उपमुख्यमंत्री थे, जिन्होंने लगातार छह बार यह पद संभाला। 1982 में अजित पवार ने एक सहकारी चीनी कारखाने के बोर्ड में चुने जाने के बाद अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। 1991 में वे पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष चुने गए।

    वे पहली बार 1991 में बारामती संसदीय क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुने गए और बाद में उन्होंने अपने चाचा शरद पवार के लिए यह सीट खाली कर दी। वे बारामती विधानसभा क्षेत्र से सात बार महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुने गए। उन्होंने पहली बार 1991 के उपचुनाव में जीत हासिल की और उसके बाद 1995, 1999, 2004, 2009 और 2014 में भी जीत दर्ज की।

    नवंबर 2019 में उन्होंने एनसीपी के एक धड़े के साथ भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हुए और उपमुख्यमंत्री बने।

  • नन्हीं तान्या के मासूम सवाल ने जीता SDOP का दिल: “अंकल, मुझे भी आपके जैसा पुलिस अफसर बनना है”

    नन्हीं तान्या के मासूम सवाल ने जीता SDOP का दिल: “अंकल, मुझे भी आपके जैसा पुलिस अफसर बनना है”

    अजनबी न्यूज ​शिवपुरी। कहते हैं कि बच्चों के मन में जो बैठ जाता है, वही उनके भविष्य की नींव बनता है। कुछ ऐसा ही भावुक और प्रेरणादायक नजारा तब देखने को मिला जब राहुल अष्ठाना पत्रकार की नन्हीं बेटी तान्या की मुलाकात SDOP संजय चतुर्वेदी से हुई। तब अपनी मासूम आवाज और आंखों में ढेर सारे सपने लिए तान्या ने जब वर्दी में सजे अधिकारी को देखा, तो वह अपनी उत्सुकता रोक नहीं पाई। उसने बड़ी ही मासूमियत के साथ एसडीओपी चतुर्वेदी से कहा “अंकल, मुझे भी आपकी तरह पुलिस बनना है।” इस दौरान एसडीओपी संजय चतुर्वेदी ने कहा कि ​”बच्चों की आंखों में देश की सेवा का सपना देखना सबसे सुखद अनुभव है। तान्या जैसी नन्हीं प्रतिभाएं ही कल का सुरक्षित भारत बनाएंगी।”

    मासूमियत और खाकी का अनूठा मेल

    ​आमतौर पर पुलिस की छवि सख्त मानी जाती है, लेकिन तान्या की इस मार्मिक इच्छा ने वहां मौजूद हर शख्स के चेहरे पर मुस्कान ला दी। एसडीओपी संजय चतुर्वेदी ने भी किसी कड़क अफसर की तरह नहीं, बल्कि एक अभिभावक की तरह तान्या को दुलारा और उसका हौसला बढ़ाया।

    महत्वपूर्ण बातें…..

    ​प्रेरणा: छोटे बच्चों का पुलिस सेवा के प्रति यह आकर्षण समाज में खाकी के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

    ​मार्मिक पल: तान्या का अपनी तोतली आवाज में “अंकल” कहकर संबोधित करना और अपने भविष्य का सपना साझा करना बेहद भावुक कर देने वाला था।

    ​इसी के साथ राहुल अष्ठाना पत्रकार की बेटी के इस जज्बे को देखकर वहां उपस्थित सुभाषपुरा थाना प्रभारी एस आई राजीब दुबे ने कहा कि अगर बच्चों को सही दिशा और प्रोत्साहन मिले, तो वे देश का गौरव बढ़ा सकते हैं।

     

     

     

     

  • सलाखों के पीछे ‘इश्क’: पुराने प्रेमी के लिए किया था कत्ल, अब नए हमसफर के साथ लेंगी सात फेरे

    सलाखों के पीछे ‘इश्क’: पुराने प्रेमी के लिए किया था कत्ल, अब नए हमसफर के साथ लेंगी सात फेरे

    अजनबी न्यूज ​जयपुर। राजस्थान के अपराध जगत की सबसे सनसनीखेज कहानियों में से एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आया है। साल 2018 के बहुचर्चित दुष्यंत शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी प्रिया सेठ, जिसने कभी अपने प्रेमी का कर्ज उतारने के लिए मौत का खूनी खेल खेला था, अब अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करने जा रही है। हैरानी की बात यह है कि उसे यह नया प्यार किसी डेटिंग ऐप पर नहीं, बल्कि जेल की चारदीवारी के बीच मिला है।

    अतीत का ‘खूनी’ कर्ज

    ​प्रिया सेठ की कहानी किसी को भी सिहरा देने वाली है। उसने अपने तत्कालीन प्रेमी दीक्षांत कामरा के सिर चढ़े कर्ज को उतारने के लिए साजिश की एक ऐसी जाल बुनी थी, जिसमें फंसकर मासूम दुष्यंत शर्मा को अपनी जान गंवानी पड़ी। डेटिंग ऐप के जरिए दोस्ती और फिर अपहरण के बाद बेरहमी से हत्या—इस जुर्म ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। इस गुनाह के लिए प्रिया आज आजीवन कारावास की सजा काट रही है।

    जेल की काल कोठरी में खिला ‘गुलाब’

    ​कहते हैं प्यार जगह नहीं देखता। जयपुर की खुली जेल में सजा काटते हुए प्रिया की मुलाकात हनुमान प्रसाद से हुई। हनुमान भी हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। सजा के लंबे सफर के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और अब यह रिश्ता शादी की दहलीज तक पहुंच गया है।

    ​📜 पैरोल पर शादी की शहनाई

    ​राजस्थान हाईकोर्ट के हस्तक्षेप और जिला पैरोल एडवाइजरी कमेटी की मंजूरी के बाद, दोनों की जिंदगी में 15 दिन की खुशियां आई हैं:

    ​मंजूरी: कोर्ट ने प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद दोनों को 15 दिन की पैरोल दी है।

    ​शादी की तारीख: दोनों कल यानी 23 जनवरी को अलवर जिले के बड़ौदामेव में विवाह बंधन में बंधेंगे।

    ​पैरवी: अधिवक्ता विश्राम प्रजापत ने कोर्ट में उनका पक्ष रखा, जिसके बाद यह ऐतिहासिक पैरोल मंजूर हुई।

     

  • यादव परिवार में महासंग्राम: क्या टूटने वाली है प्रतीक-अपर्णा की 25 साल पुरानी ‘लव स्टोरी’?

     

    – रिश्ता निभाना मेरा मकसद था, लेकिन परिवार की बलि देकर नहीं: प्रतीक यादव

    अजनबी न्यूज ​लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे ताकतवर परिवारों में से एक, ‘यादव कुनबे’ से एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। समाजवादी पार्टी के मुखिया पूर्व मअखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव और उनकी पत्नी अपर्णा यादव के बीच दरार अब सोशल मीडिया की सुर्खियों तक पहुँच गई है। प्रतीक यादव के एक हालिया पोस्ट ने सियासी और सामाजिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

    ​📱 इंस्टाग्राम पोस्ट से मचा हड़कंप

    ​प्रतीक यादव ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल से एक भावुक और कड़ा पोस्ट साझा किया है। उन्होंने संकेत दिया है कि वह इस रिश्ते को अब और खींचने के मूड में नहीं हैं। उनके पोस्ट के मुख्य बिंदु कुछ इस प्रकार हैं:

    ​तलाक का संकेत: प्रतीक ने साफ कहा कि वह जल्द से जल्द इस बंधन से मुक्त होना चाहते हैं।

    ​गंभीर आरोप: उन्होंने अपर्णा पर ‘परिवार को तोड़ने’ और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है।

    ​स्वार्थ का मुद्दा: प्रतीक का कहना है कि उनकी पत्नी केवल अपनी शोहरत और राजनीतिक रसूख बढ़ाने में व्यस्त हैं, जिससे घर और बच्चों पर असर पड़ रहा है।

    ​🌹 ई-मेल से शुरू हुई थी प्रेम कहानी

    ​यह खबर इसलिए भी हैरान करने वाली है क्योंकि अपर्णा और प्रतीक की जोड़ी को ‘परफेक्ट कपल’ माना जाता था।

    ​2001 में शुरुआत: दोनों की मुलाकात एक बर्थडे पार्टी में हुई थी।

    ​ई-मेल लव: उस दौर में दोनों के बीच ई-मेल के जरिए बातें शुरू हुईं, जो 10 साल लंबे अफेयर में बदली।

    ​शाही शादी: साल 2011 में सैफई में हुई इनकी शादी में अमिताभ बच्चन जैसी हस्तियों ने शिरकत की थी।

    ​🧐 आखिर क्या रही वजह?

    ​जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ समय से अपर्णा यादव की राजनीतिक सक्रियता और बीजेपी में उनकी बढ़ती दिलचस्पी ने परिवार के भीतर दूरियां पैदा की थीं। हालांकि, 4 दिसंबर 2025 को अपर्णा के जन्मदिन पर प्रतीक उनके साथ दिखे थे, लेकिन अचानक आए इस बयान ने सबको हक्का-बक्का कर दिया है।

    ​🔍 आगे क्या होगा?

    ​क्या मुलायम सिंह यादव की विरासत को संभालने वाला यह परिवार इस निजी कलह को सुलझा पाएगा? या फिर यूपी की राजनीति के इस ‘पावर कपल’ का अंत कोर्ट के चक्करों के साथ होगा? सबकी निगाहें अब अपर्णा यादव के जवाब पर टिकी हैं।

     

  • ममता शर्मसार: ‘राज’ खुलने के डर से मां बनी जल्लाद, मासूम को दो मंजिल नीचे फेंका; अब सलाखों के पीछे कटेगी उम्र

    ममता शर्मसार: ‘राज’ खुलने के डर से मां बनी जल्लाद, मासूम को दो मंजिल नीचे फेंका; अब सलाखों के पीछे कटेगी उम्र

    ​          // राहुल अष्ठाना अजनबी //

    अजनबी न्यूज ग्वालियर। कहते हैं कि पूत कपूत सुने हैं, पर माता न सुनी कुमाता… लेकिन ग्वालियर से आई एक खबर ने ममता के इस पावन शब्द को कलंकित कर दिया है। महज 5 साल के मासूम जतिन को क्या पता था कि जिस मां की गोद में वह सुकून ढूंढता था, वही हाथ उसे मौत की गहरी खाई में धकेल देंगे।

    वह मनहूस शाम और मासूम की ‘गलती’

    ​घटना 28 अप्रैल 2023 की है। थाटीपुर इलाके में रहने वाली ज्योति राठौर अपने प्रेमी उदय इंदौलिया के साथ घर की दूसरी मंजिल पर थी। खेलता हुआ मासूम जतिन वहां पहुंचा और उसने वह देख लिया जो शायद उसकी नन्हीं आंखों के लिए नहीं था। उसने अपनी मां को प्रेमी की बांहों में देख लिया।

    ​बस यही मासूमियत जतिन की दुश्मन बन गई। अपनी करतूत और अवैध संबंधों के उजागर होने के डर से ज्योति के भीतर की ‘मां’ मर गई और एक ‘कातिल’ जाग उठा। उसने आव देखा न ताव, अपने ही कलेजे के टुकड़े को दो मंजिला छत से नीचे फेंक दिया।

    हादसा नहीं, सुनियोजित हत्या

    ​शुरुआत में इसे एक आम दुर्घटना मानकर देखा जा रहा था, लेकिन पुलिस की पैनी नजर और सीसीटीवी फुटेज ने इस खौफनाक सच से पर्दा उठा दिया। पुलिस ने महज 15 दिनों में साबित कर दिया कि यह गिरना नहीं, बल्कि गिराया जाना था।

    अदालत का फैसला: मां को उम्रकैद

    शनिवार को अपर सत्र न्यायालय ने इस मार्मिक मामले पर अपना फैसला सुनाया। सीसीटीवी फुटेज और पुख्ता सबूतों के आधार पर न्यायालय ने ज्योति राठौर को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई। हालांकि, पर्याप्त साक्ष्य न होने के कारण उसके प्रेमी उदय इंदौलिया को दोषमुक्त कर दिया गया।

    लोक अभियोजक विजय शर्मा के शब्द: “पुलिस की वैज्ञानिक जांच और परिस्थितियों ने साफ कर दिया कि मां ने ही अपने बच्चे की जान ली। यह समाज के लिए एक काला धब्बा है।”

     

    एक मासूम की जान सिर्फ इसलिए चली गई क्योंकि उसने अपनी मां के ‘राज’ को देख लिया था। आज जतिन तो नहीं है, लेकिन इंसाफ की मुहर ने यह साफ कर दिया है कि गुनाह की उम्र चाहे कितनी भी छोटी क्यों न हो, सजा पत्थर की लकीर होती है।

  • श्रीमती राज श्री देवी जी का शोक संदेश एवं श्रद्धांजलि सभा सोमवार को

    श्रीमती राज श्री देवी जी का शोक संदेश एवं श्रद्धांजलि सभा सोमवार को

         // श्रद्धांजलि सभा //

    “मां, दादी, और मार्गदर्शक… श्रीमती राज श्री देवी जी (धर्मपत्नी श्री लज्जाराम सिंह तोमर) आप भले ही हमसे दूर चली गईं, लेकिन आपके दिए हुए संस्कार हमारे जीवन की हर राह को रोशन करते रहेंगे।”

    1. ​अत्यंत दुख के साथ सूचित किया जाता है कि हमारी पूजनीय श्रीमती राज श्री देवी जी का स्वर्गवास हो गया है। उनके पुण्य स्मरण और आत्मा की शांति हेतु एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है।

    कार्यक्रम का विवरण:

    • दिनांक: सोमवार, 19 जनवरी 2026
    • स्थान: डॉ. सुनील तोमर का निवास, कोठी नंबर 6, फिजिकल रोड, शिवपुरी (म.प्र.)

    शोकाकुल परिवार:

    • पति: श्री लज्जाराम सिंह तोमर
    • पुत्र: श्री राकेश सिंह तोमर
    • नाती: डॉ. सुनील तोमर, डॉ. रवि तोमर एवं समस्त तोमर परिवार