Category: ग्वालियर

  • ममता शर्मसार: ‘राज’ खुलने के डर से मां बनी जल्लाद, मासूम को दो मंजिल नीचे फेंका; अब सलाखों के पीछे कटेगी उम्र

    ममता शर्मसार: ‘राज’ खुलने के डर से मां बनी जल्लाद, मासूम को दो मंजिल नीचे फेंका; अब सलाखों के पीछे कटेगी उम्र

    ​          // राहुल अष्ठाना अजनबी //

    अजनबी न्यूज ग्वालियर। कहते हैं कि पूत कपूत सुने हैं, पर माता न सुनी कुमाता… लेकिन ग्वालियर से आई एक खबर ने ममता के इस पावन शब्द को कलंकित कर दिया है। महज 5 साल के मासूम जतिन को क्या पता था कि जिस मां की गोद में वह सुकून ढूंढता था, वही हाथ उसे मौत की गहरी खाई में धकेल देंगे।

    वह मनहूस शाम और मासूम की ‘गलती’

    ​घटना 28 अप्रैल 2023 की है। थाटीपुर इलाके में रहने वाली ज्योति राठौर अपने प्रेमी उदय इंदौलिया के साथ घर की दूसरी मंजिल पर थी। खेलता हुआ मासूम जतिन वहां पहुंचा और उसने वह देख लिया जो शायद उसकी नन्हीं आंखों के लिए नहीं था। उसने अपनी मां को प्रेमी की बांहों में देख लिया।

    ​बस यही मासूमियत जतिन की दुश्मन बन गई। अपनी करतूत और अवैध संबंधों के उजागर होने के डर से ज्योति के भीतर की ‘मां’ मर गई और एक ‘कातिल’ जाग उठा। उसने आव देखा न ताव, अपने ही कलेजे के टुकड़े को दो मंजिला छत से नीचे फेंक दिया।

    हादसा नहीं, सुनियोजित हत्या

    ​शुरुआत में इसे एक आम दुर्घटना मानकर देखा जा रहा था, लेकिन पुलिस की पैनी नजर और सीसीटीवी फुटेज ने इस खौफनाक सच से पर्दा उठा दिया। पुलिस ने महज 15 दिनों में साबित कर दिया कि यह गिरना नहीं, बल्कि गिराया जाना था।

    अदालत का फैसला: मां को उम्रकैद

    शनिवार को अपर सत्र न्यायालय ने इस मार्मिक मामले पर अपना फैसला सुनाया। सीसीटीवी फुटेज और पुख्ता सबूतों के आधार पर न्यायालय ने ज्योति राठौर को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई। हालांकि, पर्याप्त साक्ष्य न होने के कारण उसके प्रेमी उदय इंदौलिया को दोषमुक्त कर दिया गया।

    लोक अभियोजक विजय शर्मा के शब्द: “पुलिस की वैज्ञानिक जांच और परिस्थितियों ने साफ कर दिया कि मां ने ही अपने बच्चे की जान ली। यह समाज के लिए एक काला धब्बा है।”

     

    एक मासूम की जान सिर्फ इसलिए चली गई क्योंकि उसने अपनी मां के ‘राज’ को देख लिया था। आज जतिन तो नहीं है, लेकिन इंसाफ की मुहर ने यह साफ कर दिया है कि गुनाह की उम्र चाहे कितनी भी छोटी क्यों न हो, सजा पत्थर की लकीर होती है।

  • सहायक नेत्र चिकित्सक हरिओम श्रीवास्तव हुए सेवानिवृत्त; ईमानदारी और सेवा भाव के लिए जाने जाएंगे

    सहायक नेत्र चिकित्सक हरिओम श्रीवास्तव हुए सेवानिवृत्त; ईमानदारी और सेवा भाव के लिए जाने जाएंगे

           // राहुल अष्ठाना “अजनबी”//

    अजनबी न्यूज ​शिवपुरी। स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय तक अपनी सेवाएँ देने वाले सहायक नेत्र चिकित्सक हरिओम श्रीवास्तव आज अपनी सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हो गए। उनके विदाई अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सहकर्मियों और शहरवासियों ने उनके अनुकरणीय कार्यकाल की सराहना की।

    ईमानदारी और साफ-स्वच्छ छवि की मिसाल

    ​हरिओम श्रीवास्तव का पूरा कार्यकाल बेदाग और पारदर्शिता से भरा रहा। विभाग में उनकी पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में रही जिन्होंने हमेशा नियमों का पालन किया और अनुशासन के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। सहकर्मियों के अनुसार, श्रीवास्तव जी ने कभी भी अपने काम में कोताही नहीं बरती और उनकी ‘साफ-स्वच्छ छवि’ नए आने वाले चिकित्सकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

    मरीजों को माना अपना परिवार

    ​उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी विशेषता मरीजों के प्रति उनका मानवीय दृष्टिकोण रहा। उन्होंने अस्पताल आने वाले हर मरीज को केवल एक ‘रोगी’ नहीं, बल्कि ‘परिवार का सदस्य’ मानकर उनकी सेवा की। उनकी सौम्य वाणी और संवेदनशीलता के कारण मरीज उन पर अटूट विश्वास करते थे। विदाई के क्षणों में कई पुराने मरीजों ने भी उपस्थित होकर उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

    सहकर्मियों ने दी भावभीनी विदाई

    ​विदाई समारोह के दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और सहयोगियों ने उन्हें फूल-मालाओं और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। वक्ताओं ने कहा कि:

    ​”हरिओम जी जैसे समर्पित चिकित्सक का जाना विभाग के लिए एक बड़ी रिक्ति है। उनकी ईमानदारी और मरीजों के प्रति प्रेम को हमेशा याद रखा जाएगा।”

    सेवानिवृत्त हुए नेत्र सहायक हरिओम श्रीवास्तव, बेटों ने भी समाज में बढ़ाया मान

    स्वास्थ्य विभाग में अपनी निष्कलंक सेवा और सेवाभावी स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले सहायक नेत्र चिकित्सक हरिओम श्रीवास्तव आज अपनी शासकीय सेवाओं से सेवानिवृत्त हो गए। जहाँ एक ओर विभाग ने उन्हें एक कर्मठ योद्धा के रूप में विदाई दी, वहीं उनके परिवार और बेटों की उपलब्धियों ने इस पल को और भी गौरवान्वित कर दिया है।

     

    ईमानदारी और सेवा भाव की मिसाल

    ​हरिओम श्रीवास्तव का कार्यकाल हमेशा ईमानदारी और साफ-स्वच्छ छवि के लिए जाना गया। उन्होंने अस्पताल आने वाले हर मरीज को अपना परिवार मानकर उनकी सेवा की। उनकी सौम्य कार्यप्रणाली और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता ने उन्हें स्वास्थ्य विभाग में एक अलग पहचान दिलाई। विदाई के समय सहकर्मियों ने उनके अटूट समर्पण की जमकर प्रशंसा की।

    होनहार बेटों ने किया कायस्थ समाज का नाम रोशन

    ​श्रीवास्तव जी की सफलता केवल उनके करियर तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि उनके द्वारा दिए गए संस्कारों का प्रतिफल उनके दोनों बेटों की सफलता में भी झलकता है। उनके दोनों होनहार बेटों ने अपनी मेहनत से कायस्थ समाज और शिवपुरी जिले का नाम रोशन किया है। ​अनुभव श्रीवास्तव (बड़ा बेटा) वर्तमान में ओरिएंटल इंश्योरेंस जैसी प्रतिष्ठित संस्था में मैनेजर के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ​अंकित श्रीवास्तव (छोटा बेटा) वर्तमान में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), शिवपुरी में कनिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी (Junior Statistical Officer) के रूप में कार्यरत हैं।

    संस्कारों की जीत

    इस दौरान ​समाज के प्रबुद्ध जनों का कहना है कि यह एक आदर्श परिवार का उदाहरण है, जहाँ पिता ने ईमानदारी से विभाग की सेवा की और उन्हीं पदचिन्हों पर चलते हुए दोनों पुत्रों ने भी प्रशासनिक और वित्तीय क्षेत्रों में सफलता के झंडे गाड़े हैं। विदाई समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने हरिओम श्रीवास्तव जी को उनके सुखद और स्वास्थ्यप्रद सेवानिवृत्त जीवन की शुभकामनाएं दीं।

    ​”एक सफल करियर और बच्चों को उच्च पदों पर देखना ही एक अभिभावक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। हरिओम जी ने इसे अपनी मेहनत और ईमानदारी से सच कर दिखाया है।”

     

  • दुःखद समाचार : ग्वालियर एडिशनल कलेक्टर सी.बी. प्रसाद की धर्मपत्नी श्रीमती ममता प्रसाद का दिल का दौरा पड़ने से असमायिक निधन

    दुःखद समाचार : ग्वालियर एडिशनल कलेक्टर सी.बी. प्रसाद की धर्मपत्नी श्रीमती ममता प्रसाद का दिल का दौरा पड़ने से असमायिक निधन

     

     

    आज बुधवार को होगा अंतिम संस्कार

    अजनबी न्यूज ग्वालियर। एडिशनल कलेक्टर ग्वालियर श्री सी.बी. प्रसाद जी की धर्मपत्नी श्रीमती ममता प्रसाद का मंगलवार को दिल का दौरा पड़ने के कारण असमायिक निधन हो गया। वे अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। उनका अंतिम संस्कार बुधवार 19 नवम्बर को प्रातः 11 बजे मुरार मुक्तिधाम में किया जाएगा। इससे पूर्व 34 रेसकोर्स रोड स्थित श्री प्रसाद के

    शासकीय बंगला नं. 34 से अंतिम यात्रा मुक्तिधाम के लिए प्रस्थान करेगी। श्रीमती प्रसाद के असमायिक निधन पर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारियों ने शोक संवेदनायें प्रकट की हैं। उनके निधन की खबर जैसे ही लोगों को लगी तो उनके शासकीय आवास पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सभी ने अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए।

  • ट्रैक्टर-ट्रॉली में घुसी फॉर्च्यूनर, 5 की मौतः ग्वालियर में गाड़ी काटकर निकालने पड़े शव; मृतकों में एक प्रॉपर्टी कारोबारी का इकलौता बेटा

    ट्रैक्टर-ट्रॉली में घुसी फॉर्च्यूनर, 5 की मौतः ग्वालियर में गाड़ी काटकर निकालने पड़े शव; मृतकों में एक प्रॉपर्टी कारोबारी का इकलौता बेटा

    अजनबी न्यूज ग्वालियर। ग्वालियर में तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि फॉर्च्यूनर सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। कार ट्रॉली के नीचे घुस गई, जिसकी वजह से कोई भी यात्री बच नहीं पाया।

    हादसा ग्वालियर-झांसी हाइवे पर शहर से करीब 20 किलोमीटर पहले रविवार सुबह साढ़े 5 से 6 बजे के बीच हुआ। सभी मृतक ग्वालियर निवासी बताए जा रहे हैं। वे MP07 CG 9006 नंबर की फॉर्च्यूनर में उत्तर प्रदेश के झांसी से एक कार्यक्रम में शामिल होकर ग्वालियर लौट रहे थे। कार जैसे ही मालवा कॉलेज के सामने पहुंची, मोड़ पर रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली सामने आ गई। तेज रफ्तार होने के कारण ड्राइवर, कार को नियंत्रित नहीं कर सका और कार पीछे से ट्रॉली में घुस गई।

    शव कार और ट्रॉली के बीच बुरी तरह फंसे हुए थे। पुलिस और स्थानीय निवासियों ने कटर मशीन की मदद से गाड़ी को काटकर शवों को बाहर निकाला।

    • मृतकों के नाम
    • क्षितिज उर्फ प्रिंस राजावत ,कौशल भदोरिया ,आदित्य प्रताप सिंह जादौन,अभिमन्यु सिंह,शिवम राजपुरोहित
  • एक विश्व एक स्वास्थ्य: स्वस्थ वातावरण, स्वास्थ्य और पोषण , स्वस्थ व्यवहारों के प्रति जागरूकता जरूरी : डॉक्टर राजेश अहिरवार

    एक विश्व एक स्वास्थ्य: स्वस्थ वातावरण, स्वास्थ्य और पोषण , स्वस्थ व्यवहारों के प्रति जागरूकता जरूरी : डॉक्टर राजेश अहिरवार

    एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं ने चलाया स्वास्थ्य सचेत अभियान

    अजनबी न्यूज शिवपुरी। श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, शिवपुरी के कम्यूनिटी मेडीसिन विभाग द्वारा अधिष्ठाता डॉक्टर डी परमहंस के मार्गदर्शन, विभागाध्यक्ष डॉक्टर राजेश अहिरवार के नेतृत्व में शनिवार को एक विश्व एक स्वास्थ्य कार्यक्रम इंडियन कौंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च (ICMR) एंड इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन (IAPSM) के संयुक्त तत्वाधान में ग्राम नोहरी कला में एमबीबीएस के छात्र- छात्राओं की ओर से चिकित्सा शिक्षा के साथ स्वास्थ्य सचेत अभियान चलाया। एमबीबीएस छात्र-छात्राओं की टीम ने नोहरी कलां आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र पर जागरूकता कार्यक्रम के साथ-साथ घर-घर जाकर अपने स्वास्थ्य, पर्यावरण के स्वास्थ्य एवं जानवरों के स्वास्थ्य के लिए जागरूकता लाने का कार्यक्रम किया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कम्यूनिटी मेडीसिन विभागाध्यक्ष डॉक्टर राजेश अहिरवार द्वारा गांव के स्कूली बच्चों एवं शिक्षकों को इस कार्यक्रम के बारे में बताया और कहा कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे एक विश्व एक स्वास्थ्य कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों,महिलाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है, जिसमें रोगों की रोकथाम, शीघ्र निदान और उपचार शामिल है। इसके अंतर्गत स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना, स्वास्थ्य और पोषण के बारे में जागरूकता बढ़ाना, और स्वस्थ व्यवहारों को बढ़ावा देना भी शामिल है। स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छता बहुत जरूरी है। इसलिए घर के साथ आस पास की सफाई का भी विशेष ध्यान रखे। क्योंकि गंदगी से ही बीमारियां जन्म लेती है। इसी क्रम में हमारे एमबीबीएस छात्र-छात्राओं सहित प्रशिक्षु डॉक्टर्स ने स्कूल कैंपस से गांव में रैली निकालकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया।

    कार्यक्रम के नोडल डॉक्टर विष्णु गुप्ता द्वारा उप स्वास्थ्य केंद्र पर केंद्र के कर्मचारियों, आशा वर्कर, आंगनवाड़ी वर्कर और आशा सहायक कर्मी को भी इस कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी जिससे ग्रामीण एक लेवल के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी अपने स्तर पर लोगों को एक विश्व एक स्वास्थ्य कार्यक्रम को आम जनता तक पहुंचाएं एवं जागरूक बनाएं। इसी क्रम में एमबीबीएस छात्र छात्राओं द्वारा नोहरी गांव के परिवारों को बताया गया कि हम लोग सभी चीजों का स्वास्थ्य का ध्यान रखें जिसमें इंसान, पर्यावरण एवं जानवर सम्मिलित है, तभी हम सभी को स्वस्थ रख पाएंगे क्योंकि इंसान, पर्यावरण और जानवरों का स्वास्थ्य एक दूसरे से कहीं ना कहीं जुड़ा होता है और एक दूसरे के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।

    कार्यक्रम के दौरान डॉक्टर बीरभान, डॉक्टर सौम्या, डॉक्टर प्रिया गुप्ता, चंद्रेश धाकड़, सहा. पीआरओ राहुल अष्ठाना, आमजन सहित कॉलेज के समस्त वरिष्ठ सीनीयर, जूनियर डॉक्टर्स, पैरामेडिकल छात्र – छात्राऐं उपस्थित हुए।

    स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के मुख्य उद्देश्य

    शिक्षा और जानकारी: लोगों को बीमारियों और स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में शिक्षित करना।

    जागरूकता बढ़ाना: विशिष्ट स्वास्थ्य मुद्दों, जैसे कि मौसमी बीमारियाँ, हृदय रोग या मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता फैलाना।

    व्यवहार परिवर्तन: लोगों को स्वस्थ खाने की आदतें, नियमित व्यायाम और उचित स्वच्छता बनाए रखने जैसे स्वस्थ व्यवहार अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना।

    रोकथाम: बीमारियों की रोकथाम के लिए निवारक उपायों को बढ़ावा देना।

  • आए दिन बढ़ रहे स्तन कैंसर पर हमें शर्म छोड़कर जागरूक होने की आवश्यकता : डॉक्टर डी.परमहंस

    आत्म-स्तन परीक्षण पर विशेष जागरूकता की आवश्यकता: डॉक्टर डी.परमहंस

    स्तन कैंसर जागरूकता माह अभियान जारी:मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञों ने कहा- लक्षणों की जानकारी से शुरुआत में ही पहचान करना जरूरी

    अजनबी न्यूज शिवपुरी। श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, शिवपुरी में सर्जरी विभाग द्वारा अधिष्ठाता डॉक्टर डी परमहंस के मार्गदर्शन में विभागाध्यक्ष डॉक्टर अनंत राखोन्डे के नेतृत्व में मंगलवार को ‘स्तन कैंसर जागरूकता माह’ के तहत अभियान चलाया गया। इसका उद्देश्य महिलाओं में तेजी से बढ़ते स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें समय पर इलाज के लिए प्रेरित करना है। मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु डॉक्टरों द्वारा ” रोल प्ले” (नाटक) के माध्यम से ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता संदेश दिया। कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों ने कहा कि स्तन कैंसर का शुरुआती चरण में पता चलना जीवन बचाने में सहायक होता है।

    कार्यक्रम के दौरान डीन डॉक्टर डी.परमहंस न कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि सभी को शर्म छोड़कर बीमारी के बारे जागरूक होना बेहद जरूरी है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य स्तन कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाना, आत्म-स्तन परीक्षण (self-breast examination) के महत्व पर जोर देना और शीघ्र निदान को प्रोत्साहित करना है। हम कुछ समुदाय के साथ मिलकर या अपने ओपीडी में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का प्रयास भी कर रहे हैं, जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टर भी शामिल हो। मेडिकल कॉलेज में एफएनएसी जांच के साथ-साथ हिस्टोपैथोलाॅजी द्रारा जांच के लिए निकाली गई गठान से कैंसर का बायोप्सी टेस्ट भी हमारी पैथोलॉजी में निःशुल्क किया जा रहा है।

    इस दौरान डॉक्टर हेमलता बामोरिया ने बताया कि एफएनएसी (Fine Needle Aspiration Cytology) एक महत्वपूर्ण जांच है जो डॉक्टर गांठ, सिस्ट, या सूजन जैसे असामान्य द्रव्यमान से कोशिकाओं का एक छोटा नमूना लेने के लिए एक पतली सुई का उपयोग करते हैं। यह प्रक्रिया त्वरित, अपेक्षाकृत सस्ती और न्यूनतम आक्रामक है, जो आमतौर पर ट्यूमर कैंसरग्रस्त है या नहीं, यह पता लगाने के लिए की जाती है। इस नमूने का विश्लेषण एक पैथोलॉजिस्ट द्वारा किया जाता है ताकि निदान किया जा सके, इस जांच से कम समय में एवं बिना किसी परेशानी के आंचल की गठान, कैंसर की गठान है या नही, इसका पता लगाया जा सकता है। जिससे मरीज का इलाज सही समय पर हो सके। अतः एफएनएसी की जांच कराने से डरे नही। जिम्मेवार जागरूक नागरिक बने।

     

    जागरूकता के अभाव में होती है महिलाओं की मौत

    सीनियर रेसीडेन्ट डॉक्टर संगीता राजपूत के अनुसार, समय पर जांच और सही उपचार से स्तन कैंसर का इलाज पूरी तरह संभव है। इसलिए, किसी भी गांठ या असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें, बल्कि तत्काल जांच कराएं। अधिकांश जगह देखने में आता है जागरूकता के अभाव में बड़ी संख्या में महिलाओं की मौत हो जाती है।

     

    कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉक्टर अनंत राखोन्डे ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में राष्ट्रीय स्तन कैंसर जागरूकता पर कार्यशाला में छात्रों द्वारा नाटक, पोस्टर और प्रस्तुत कर लोगों जागरूक करने का प्रयास किया। ‘पिंक कलर’ के नाम से बनाए गए ‘लोगो’ के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि यह सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि समय पर सजगता की आवश्यकता है। डीन सर द्वारा कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे में विस्तृत बताया गया। विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों ने बहुत ही सरल भाषा में( डॉ कौशलेंद्र , डॉ संगीता , डॉ हेमलता बमौरिया , डॉ अनिल कुशवंशी ) ने उपस्थित सदस्यों को जागरूकता हेतु जानकारी दी। मंच संचालन के साथ अतिथियों का स्वागत डॉ सौरभ चौहान एवं आभार डॉक्टर रमन ओहरी द्वारा किया गया।

    डाक्टर कौशलेंद्र नरवरिया ने कहा कि महिलाओं में होने वाले कैंसर में स्तन कैंसर सबसे आम है। चिंताजनक बात यह है कि जागरूकता की कमी के कारण ज्यादातर मामले एडवांस स्टेज में सामने आते हैं, जिससे इलाज जटिल हो जाता है।

    कार्यक्रम के दौरान चिकित्सालय अधीक्षक डॉ आशुतोष चौऋषि, विभागाध्यक्ष डॉक्टर इला गुजरिया, डॉक्टर विभागाध्यक्ष धीरेंद्र त्रिपाठी (एम. टी .ए. अध्यक्ष ), विभागाध्यक्ष अपराजिता तोमर, विभागाध्यक्ष डॉक्टर ऋतू चतुर्वेदी, सहा. पीआरओ राहुल अष्ठाना सहित कॉलेज के समस्त वरिष्ठ सीनीयर, जूनियर डॉक्टर्स, नर्सिंग ऑफिसर, पैरामेडिकल स्टाफ के साथ एमबीबीएस छात्र – छात्राऐं , सिक्योरिटी स्टाफ , सफाई कर्मचारी , मरीज और उनके परिजनों की भागीदारी रही ।

  • मेडिकल कॉलेज में 7 वीं नेशनल कांफ्रेंस ऑफ़ SOBSICON 2025 का हुआ आगाज

    मेडिकल कॉलेज में 7 वीं नेशनल कांफ्रेंस ऑफ़ SOBSICON 2025 का हुआ आगाज

    शिवपुरी पहली बार में राष्ट्रीय स्तरीय कांफ्रेंस आयोजित

    चिकित्सा क्षेत्र में विशेषज्ञ और शोधकर्ताओं को एक साथ लाने, नवाचार को बढ़ावा देना कांफ्रेंस का मुख्य उद्देश्य : डॉक्टर शशांक त्यागी

    शिवपुरी। श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया चिकित्सा महाविद्याल एवं चिकित्सालय शिवपुरी में अधिष्ठाता डॉक्टर डी.परमहंस के मार्गदर्शन एवं बायोमेस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉक्टर शशांक त्यागी के नेतृत्व में बायोकेमेस्ट्री विभाग ने 4 दिवसीय राष्ट्रीय कांफ्रेंस 2025 का शुभारंभ सरस्वती पूजन के साथ हुआ। बायोकेमेस्ट्री विभाग के द्वितीय प्रोफेसर डॉ. धर्मवीर शर्मा एवं आयोजक सचिव डॉ ज्योति शुक्ला द्वारा सफल मंच संचालन करने के साथ कार्यक्रम की अहम भूमिका में रहे।

    बायोमेस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉक्टर शशांक त्यागी ने बताया कि राष्ट्रीय स्तरीय कांफ्रेंस आयोजित करने वाला पहला शिवपुरी मेडिकल कॉलेज है। कांफ्रेंस का उद्देश्य मेडिकल साइंस के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति पर केंद्रित है। सम्मेलन का उद्देश्य आमतौर पर चिकित्सा क्षेत्र में नवीनतम प्रगति पर चर्चा करने के लिए विशेषज्ञ और शोधकर्ताओं को एक साथ लाने, नवाचार को बढ़ावा देने और ज्ञान के आदान-प्रदान को सुगम बनाने के लिए आयोजित किए जाते हैं। कांफ्रेंस में देश विदेश के जाने-माने सुप्रसिद्ध डॉक्टर सुखेश मुखर्जी एम्स भोपाल, डॉक्टर बी एस डाँगी पीपुल विश्वविद्यालय सहित विशेषज्ञ डॉक्टर्स का आगमन हुआ। इसी के साथ एम.डी.एवं पी.एच डी. छात्र डॉ. सुनील सिंह तोमर, डॉ. इशिता यासमिन, डॉ सुनील कुमार यादव, डॉ. आकाश कुमार गोयल, डॉ. मुकेश गुर्जर, डॉ. शबाना साहिन, डॉ. अंजलि रानी, डॉ. आयुषी नेमा, डॉ. विभा शुक्ला, डॉ अंकित, डॉ. आयुषी खरे सहित अन्य स्टेट के डॉक्टर्स ने भाग लिया।

    कार्यक्रम के दौरान एम्स भोपाल से आये डॉ सुखेश मुखर्जी एवं पीपुल विश्वविद्यालय के डॉ बी. एस डॉगी द्वारा विभिन्न जॉचों एवं मशीनों पर विस्तृत जानकारी दी, वहीं कॉलेज की पैथोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अपराजिता तोमर एवं डॉ. हेमलता बामोरिया सह प्राध्यापक द्वारा HPLC जॉच एवं मशीनो की भूमिका के सम्बंध में बताया गया।

    इस दौरान प्रभारी डीन डॉक्टर पंकज शर्मा, डॉ. भरत सिंह बाथम, डॉ शालिनि रत्नाकर, डाॅ नरेन्द्र, रजनीगंधा प्रधान, सहायक पीआरओ राहुल अष्ठाना, शाबिर अली खान, अरविन्द शाक्य, विजय प्रताप सिंह भदौरिया एवं हिमांशु सक्सेना, राजु परिहार सहित एमबीबीएस छात्र-छात्राओं,पैरामेडिकल स्टाफ सहित ब्लड बैंक का समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।

  • आपराधिक न्यायशास्त्र कार्यशाला फैजलअली शाह और कमल जैन ने नये अधिवक्ताओं को दी जानकारी

     भाजपा विधि प्रकोष्ठ की आपराधिक न्यायशास्त्र   कार्यशाला 

    ग्वालियर  । भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ की साप्ताहिक कार्यशालाओं की श्रृंखला में एक और अध्याय जुड़ गया। इसी तारतम्य में मंगलवार को उच्च न्यायालय परिसर ग्वालियर में “आपराधिक न्याय व्यवस्था” विषय पर कार्यशाला ‌में मुख्य वक्ता अधिवक्ता श्री फैजल अली शाह अतिथि अधिवक्ता श्री कमल जैन थे।

    इस अवसर पर मुख्य वक्ता अधिवक्ता श्री फैजल अली शाह ने आपराधिक न्यायशास्त्र (Criminal Jurisprudence) विषय पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया।
    उन्होंने आपराधिक न्याय व्यवस्था के मूल सिद्धांतों, अभियोजन प्रक्रिया और अभियुक्त के अधिकारों के साथ-साथ न्यायिक विवेक के व्यावहारिक पहलुओं को विस्तारपूर्वक समझाया। कार्यशाला के मुख्य अतिथि अधिवक्ता श्री कमल जैन रहे।
    कार्यशाला में विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश सहसंयोजक श्री दिलीप अवस्थी, श्री नितिन अग्रवाल , श्री रवि जैन, श्री आर. ए. रोमन, श्री प्रवीण निवासकर तथा मुरैना जिला विधि प्रकोष्ठ के संयोजक श्री तोमर सहित अनेक वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिवक्ता उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम के समापन पर विधि प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने अधिवक्ता श्री फैजल अली शाह एवं अन्य अतिथियों व अधिवक्ताओं का स्वागत कर उनका आभार व्यक्त किया।

  • ग्रीनिंग वेस्टलैंड ऑफ इंडिया थीम पर कैडेटस ने सुने व्याख्यान

     

     

    ग्वालियर।  आठवी एमपी बटालियन एनसीसी ग्वालियर के कमान अधिकारी सुमित दुआ के निर्देशन में शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई उत्कृष्ट स्नातकोत्तर महाविद्यालय ग्वालियर में ग्रीनिंग वेस्टलैंड ऑफ इंडिया थीम पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।
    इसमें मुख्यावक्ता के रूप में गिर्राज गोयल जी विशिष्ट अतिथि सब इंस्पेक्टर उपेन्द्र धाकड़ जो कि एनसीसी के पूर्व कैडेट रहे। सरस्वती वंदना से कार्यक्रम प्रारंभ हुआ इसी क्रम में अतिथियों का स्वागत किया गया। मंच का संचालन कैडेट मुस्कान द्वारा किया।
    इस कार्यक्रम में डी ए व्ही उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नया बाजार एवं शासकीय एम एल बी कॉलेज के जूनियर एवं सीनियर विंग के 150 कैडेट्स ने भाग लिया।
    एनसीसी कैडेट्स को पूर्व प्रमुख इंजीनियरिंग निर्माण संगठन, सैन्य अभियंता सेवा से मुख्य अभियंता श्री गिर्राज गोयल द्वारा व्याख्यान के माध्यम से ग्रीनबीच , गो ग्रीन क्लीन ब्रीद, बंजर भूमि का किस तरह पौधारोपण कर पर्यावरण को सुरक्षित किया जाए। बंजर भूमि की जलवायु के अनुसार पौधों का चुनाव कर पधारोपण करें, विषय पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।इसी क्रम में सब इंस्पेक्टर एनसीसी कैडेट को देश निर्माण में भूमिका निभाने पर प्रकाश डाला।
    यह सामाजिक गतिविधि प्राचार्य महोदय की उपस्थिति में संपन्न हुई, पर्यावरण को हरा भरा बनाने हेतु पोस्टर के माध्यम से भी अभिव्यक्ति की गई । महाविद्यालय प्राचार्य ने सभी कैडेट्स को बधाई देते हुए उनके कार्य की सराहना की।
    कार्यक्रम के दौरान एनसीसी अधिकारी गजेन्द्र जैन,केयर टेकर प्रोफेसर कपिल कौरव प्रोफेसर नीरज झा,कृष्ण राठौर आदि उपस्थित रहे।
    कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गीत से हुए कार्य में आभार केयर टेकर प्रोफेसर कपिल कौरव किया।

  • ग्वालियर जिले के सभी स्कूल रहेंगे बंद

    15 अक्टूबर बुधवार को जिले में12वी  कक्षा तक सभी बच्चों के लिये अवकाश घोषित

    ग्वालियर 14 अक्टूबर 2025/ ग्वालियर जिले में बुधवार 15 अक्टूबर को 12वी कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिये अवकाश रहेगा। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने इस आशय का आदेश जारी किया है। इस दिन संभावित स्थानीय आयोजन एवं यातायात व्यवस्था बाधित होने की स्थिति निर्मित होने की संभावना बनने पर बच्चों को असुविधा न हो और उनके हित प्रभावित न हो, इस बात को ध्यान में रखकर यह छुट्टी घोषित की गई है।
    जिला शिक्षा अधिकारी श्री हरिओम चतुर्वेदी से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में 15 अक्टूबर को जिले में संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त एवं सी.बी.एस.ई. व आई.सी.एस.ई. विद्यालयों में अध्ययनरत 12वी कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिये अवकाश घोषित किया गया है। इस दिन सभी शिक्षक अपने स्कूल में उपस्थित होकर अन्य शासकीय कार्य सम्पादित करेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा।