Category: Top-4

  • मेडिकल कॉलेज में 7 वीं नेशनल कांफ्रेंस ऑफ़ SOBSICON 2025 का हुआ आगाज

    मेडिकल कॉलेज में 7 वीं नेशनल कांफ्रेंस ऑफ़ SOBSICON 2025 का हुआ आगाज

    शिवपुरी पहली बार में राष्ट्रीय स्तरीय कांफ्रेंस आयोजित

    चिकित्सा क्षेत्र में विशेषज्ञ और शोधकर्ताओं को एक साथ लाने, नवाचार को बढ़ावा देना कांफ्रेंस का मुख्य उद्देश्य : डॉक्टर शशांक त्यागी

    शिवपुरी। श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया चिकित्सा महाविद्याल एवं चिकित्सालय शिवपुरी में अधिष्ठाता डॉक्टर डी.परमहंस के मार्गदर्शन एवं बायोमेस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉक्टर शशांक त्यागी के नेतृत्व में बायोकेमेस्ट्री विभाग ने 4 दिवसीय राष्ट्रीय कांफ्रेंस 2025 का शुभारंभ सरस्वती पूजन के साथ हुआ। बायोकेमेस्ट्री विभाग के द्वितीय प्रोफेसर डॉ. धर्मवीर शर्मा एवं आयोजक सचिव डॉ ज्योति शुक्ला द्वारा सफल मंच संचालन करने के साथ कार्यक्रम की अहम भूमिका में रहे।

    बायोमेस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉक्टर शशांक त्यागी ने बताया कि राष्ट्रीय स्तरीय कांफ्रेंस आयोजित करने वाला पहला शिवपुरी मेडिकल कॉलेज है। कांफ्रेंस का उद्देश्य मेडिकल साइंस के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति पर केंद्रित है। सम्मेलन का उद्देश्य आमतौर पर चिकित्सा क्षेत्र में नवीनतम प्रगति पर चर्चा करने के लिए विशेषज्ञ और शोधकर्ताओं को एक साथ लाने, नवाचार को बढ़ावा देने और ज्ञान के आदान-प्रदान को सुगम बनाने के लिए आयोजित किए जाते हैं। कांफ्रेंस में देश विदेश के जाने-माने सुप्रसिद्ध डॉक्टर सुखेश मुखर्जी एम्स भोपाल, डॉक्टर बी एस डाँगी पीपुल विश्वविद्यालय सहित विशेषज्ञ डॉक्टर्स का आगमन हुआ। इसी के साथ एम.डी.एवं पी.एच डी. छात्र डॉ. सुनील सिंह तोमर, डॉ. इशिता यासमिन, डॉ सुनील कुमार यादव, डॉ. आकाश कुमार गोयल, डॉ. मुकेश गुर्जर, डॉ. शबाना साहिन, डॉ. अंजलि रानी, डॉ. आयुषी नेमा, डॉ. विभा शुक्ला, डॉ अंकित, डॉ. आयुषी खरे सहित अन्य स्टेट के डॉक्टर्स ने भाग लिया।

    कार्यक्रम के दौरान एम्स भोपाल से आये डॉ सुखेश मुखर्जी एवं पीपुल विश्वविद्यालय के डॉ बी. एस डॉगी द्वारा विभिन्न जॉचों एवं मशीनों पर विस्तृत जानकारी दी, वहीं कॉलेज की पैथोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अपराजिता तोमर एवं डॉ. हेमलता बामोरिया सह प्राध्यापक द्वारा HPLC जॉच एवं मशीनो की भूमिका के सम्बंध में बताया गया।

    इस दौरान प्रभारी डीन डॉक्टर पंकज शर्मा, डॉ. भरत सिंह बाथम, डॉ शालिनि रत्नाकर, डाॅ नरेन्द्र, रजनीगंधा प्रधान, सहायक पीआरओ राहुल अष्ठाना, शाबिर अली खान, अरविन्द शाक्य, विजय प्रताप सिंह भदौरिया एवं हिमांशु सक्सेना, राजु परिहार सहित एमबीबीएस छात्र-छात्राओं,पैरामेडिकल स्टाफ सहित ब्लड बैंक का समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।

  • राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) निजी क्षेत्र के हवाले

    नई दिल्ली।  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी  वर्ष मना रहा है इसी की छत्रछाया में नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली भाजपा नीत राजग सरकार ने   राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) का कामकाज भी भाजपा-आरएसएस के नज़दीकी श्रीधर वेम्बु के ‘जोहो’ को सौंप दिया  है।  आगे की बात करें तो  महानगर टेलीफ़ोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) अब कहां है, कुछ मालूम है? विदेश संचार निगम लिमिटेड (वीएसएनएल) कहां गया, कुछ पता है? भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) दम तोड़ रहा है।

    सरकारी डेटा की बढ़ती असुरक्षा  के खतरे कब समझेगी सरकार

    नीतीश कुमार चन्द्राबाबू नायडू की बैसाखी वाली सरकार  दूर संचार-इंटरनेट की सभी सरकारी कंपनियों को अपने चहेते निजी क्षेत्र के हवाले करने के पीछे क्या है? डेटा आज की दुनिया का सब से बड़ा हथियार है। सरकारी क्षेत्र के नियम-क़ानून फिर भी डेटा-सुरक्षा की काफी हद तक पुख़्ता देखभाल करते रहे हैं। निजी क्षेत्र तो आजकल हमारे देश में हर क़ानून से परे हैं। डेटा-जगत पूरी तरह उस के हवाले करने के पीछे सरकार की असली मंशा क्या है?

  • वायुसेना दिवस 93-राष्ट्रीय ध्वज, भारतीय वायु सेना का ध्वज और ऑपरेशन सिंदूर ध्वज से सजे एमआई-171वी हेलीकॉप्टरों ने वायुसेना प्रमुख को दी सलामी

    गाजियाबाद।भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की 93वीं वर्षगांठ  को हिंडन वायु सेना स्टेशन पर धूमधाम से मनाई गई। इस कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, थल सेनाध्यक्ष और नौसेना प्रमुख विशेष रूप से आमंत्रित थे। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने औपचारिक परेड का निरीक्षण किया। इस अवसर पर पूर्व वायु सेना प्रमुख और भारतीय वायु सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

    93वीं वर्षगांठ समारोह की शुरुआत राष्ट्रपति ध्वज की मार्चिंग के साथ हुई, जो गौरव, एकता, शक्ति एवं सैन्य भावना की प्रतीक है। वायु सेना प्रमुख का स्वागत उनके आगमन पर तीन एमआई-17 1वी हेलीकॉप्टरों द्वारा हवाई सलामी देकर किया गया, जिनमें राष्ट्रीय ध्वज, भारतीय वायु सेना का ध्वज और ऑपरेशन सिंदूर ध्वज शामिल थे। औपचारिक परेड का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन चेतन प्रदीप देशपांडे ने किया। वायु सेना बैंड की देशभक्ति से ओतप्रोत धुनों ने मार्च पास्ट की लय निर्धारित की, जबकि वायु योद्धाओं के सटीक और ऊर्जावान कदमों ने भी ताल से ताल मिलाई। वायु योद्धा ड्रिल टीम ने अपनी तीक्ष्ण व समन्वित गतिविधियों से उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और सभी पर अमिट छाप छोड़ी। समारोह के समापन पर, वायु सेना प्रमुख ने वायु योद्धाओं को विभिन्न श्रेणियों में कुल 97 पदक और छह यूनिट प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

    वायुसेना प्रमुख ने परेड को संबोधित करते हुए भारतीय वायुसेना की साधारण शुरुआत से लेकर “विश्व की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना” बनने तक की असाधारण गौरव यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना सटीकता और गति के साथ सैन्य परिणामों को आकार देने में सक्षम है। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायु सेना के साहसिक तथा सटीक हमलों ने उसके पराक्रम को प्रमाणित किया और राष्ट्रीय चेतना में आक्रामक हवाई कार्रवाई का उचित स्थान स्थापित किया। वायुसेना प्रमुख ने स्वदेशी रूप से विकसित एकीकृत हथियार प्रणालियों के प्रदर्शन में भारतीय वायु सेना के विश्वास और कौशल का गर्व के साथ बखान किया। उन्होंने नवाचार व अनुकूलनशीलता के प्रति वायु सेना की वचनबद्धता पर जोर दिया और प्रशिक्षण एवं योजना में उसके दृष्टिकोण का उल्लेख किया, जो “जैसे हम लड़ते हैं, वैसे ही प्रशिक्षण लें” के सिद्धांत पर आधारित है।

    इस आयोजन स्थल पर इनोवेशन एरिना को भी प्रदर्शित किया गया, जो प्रतिभा और नवाचार का गौरवशाली प्रदर्शन था। यहां पर भारतीय वायुसेना की विभिन्न इकाइयों के वायु योद्धाओं द्वारा परिकल्पित नवीन विचारों और समाधानों को प्रदर्शित किया गया। इनोवेशन एरिना के साथ ही, एक विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसने बीते वर्ष की भारतीय वायु सेना की चुनौतियों, उपलब्धियों और अद्वितीय समर्पण की कहानी जीवंत रूप में दर्शाई।

    इस वायु सेना दिवस समारोह का प्रमुख आकर्षण हेरिटेज फ्लाइट का शानदार हवाई प्रदर्शन था। इस ऊर्जावान प्रदर्शनी में ऐतिहासिक ‘टाइगर मॉथ’ और ‘एचटी-2’ विमानों का संयोजन शामिल था, जिसके बाद विंटेज ‘हार्वर्ड’ विमान का एकल प्रदर्शन हुआ। हेरिटेज फ्लाइट ने भारतीय वायु सेना के गौरवशाली इतिहास को श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्र के प्रति उसकी निरंतर सेवा का उत्सव प्रस्तुत किया। पारंपरिक फ्लाईपास्ट और हवाई प्रदर्शन का आयोजन 9 नवंबर 2025 को गुवाहाटी में किया जाएगा।

    स्थिर प्रदर्शनी में अत्याधुनिक विमानों और उपकरणों की एक प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की गई। इसमें सी-17 ग्लोबमास्टर, एसयू-30 एमकेआई, अपाचे, मिग-29, मिग-21 बाइसन, राफेल, एएलएच एमके-II, एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल एयरक्राफ्ट, सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस, आकाश मिसाइल सिस्टम और रोहिणी रडार शामिल थे।

    यह कार्यक्रम भारतीय वायुसेना के राष्ट्र के प्रति 93 वर्षों के अटूट समर्पण और अद्वितीय सेवा को सम्मानित करने वाली एक सशक्त श्रद्धांजलि के रूप में आयोजित किया गया,

  • प्रधानमंत्री 8 अक्टूबर को इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 9वें संस्करण का उद्घाटन करेंगे

    प्रधानमंत्री 8 अक्टूबर को इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 9वें संस्करण का उद्घाटन करेंगे

    आईएमसी 2025 में 400 से अधिक कंपनियां, लगभग 7,000 वैश्विक प्रतिनिधि और 150 से अधिक देशों के लगभग 1.5 लाख आगंतुक शामिल होंगे

    नई दिल्ली।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 8 अक्टूबर बुधवार को सुबह 9.45  बजे यशोभूमि, नई दिल्ली में एशिया के सबसे बड़े दूरसंचार, मीडिया और प्रौद्योगिकी कार्यक्रम, इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2025 के 9वें संस्करण का उद्घाटन करेंगे।

    दूरसंचार विभाग (डीओटी) और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित आईएमसी 2025 का आयोजन 8 से 11 अक्टूबर तक “इनोवेट टू ट्रांसफॉर्म” विषय के अंतर्गत किया जाएगा, जिसमें डिजिटल परिवर्तन और सामाजिक प्रगति के लिए नवाचार का लाभ उठाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता का उल्लेख किया जाएगा।

    आईएमसी 2025 दूरसंचार और उभरती प्रौद्योगिकियों में नवीनतम प्रगति को प्रदर्शित करेगा और वैश्विक प्रमुखों, नीति निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों और नवप्रवर्तकों को एक साथ एक मंच पर लाएगा। यह कार्यक्रम ऑप्टिकल संचार, दूरसंचार में सेमीकंडक्टर, क्वांटम संचार, 6जी और धोखाधड़ी जोखिम संकेतक जैसे प्रमुख विषयों पर केंद्रित होगा, जो अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी, डिजिटल संप्रभुता, साइबर धोखाधड़ी रोकथाम और वैश्विक प्रौद्योगिकी नेतृत्व में भारत की रणनीतिक प्राथमिकताओं को दर्शाता है।

    इस कार्यक्रम में 150 से ज़्यादा देशों से 1.5 लाख से ज़्यादा आगंतुकों, 7,000 से ज़्यादा वैश्विक प्रतिनिधियों और 400 से ज़्यादा कंपनियों के भाग लेने की आशा है। 5जी/6जी, एआई, स्मार्ट मोबिलिटी, साइबर सुरक्षा, क्वांटम कंप्यूटिंग और हरित प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में 1,600 से ज़्यादा नए उपयोग-मामलों को 100 से ज़्यादा सत्रों और 800 से ज़्यादा वक्ताओं के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।

    आईएमसी 2025 अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पर भी बल देता है, जिसमें जापान, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, रूस, आयरलैंड और ऑस्ट्रिया के प्रतिनिधिमंडल भाग ले रहे हैं।

  • USA duo Mary E. Brunkow,Fred Ramsdell & japanese scinest Shimon Sakaguchi won Nobelprize

     

     Stockhom.The Nobel Assembly at Karolinska Institutet has decided to award the 2025 Nobel Prize in Physiology or Medicine to:Mary E. Brunkow Institute for Systems Biology,Seattle, USA,Fred Ramsdel Sonoma Biotherapeutics San Francisco, USA and Shimon Sakaguchi Osaka University,Osaka, Japanthey won 2025 nobel prize for their discoveries concerning peripheral immune tolerance”

    The Nobel Assembly, consisting of 50 professors at Karolinska Institutet, awards the Nobel Prize in Physiology or Medicine. Its Nobel Committee evaluates the nominations. Since 1901 the Nobel Prize has been awarded to scientists who have made the most important discoveries for the benefit of humankind.

    They discovered how the immune system is kept in check

    The body’s powerful immune system must be regulated, or it may attack our own organs. Mary E. Brunkow, Fred Ramsdell and Shimon Sakaguchi are awarded the Nobel Prize in Physiology or Medicine 2025 for their groundbreaking discoveries concerning peripheral immune tolerance that prevents the immune system from harming the body.

    Every day, our immune system protects us from thousands of different microbes trying to invade our bodies. These all have different appearances, and many have developed similarities with human cells as a form of camouflage. So how does the immune system determine what it should attack and what it should defend?

    Mary Brunkow, Fred Ramsdell and Shimon Sakaguchi are awarded the Nobel Prize in Physiology or Medicine 2025 for their fundamental discoveries relating to peripheral immune tolerance. The laureates identified the immune system’s security guards, regulatory T cells, which prevent immune cells from attacking our own body.

    “Their discoveries have been decisive for our understanding of how the immune system functions and why we do not all develop serious autoimmune diseases,” says Olle Kämpe, chair of the Nobel Committee.

    Shimon Sakaguchi was swimming against the tide in 1995, when he made the first key discovery. At the time, many researchers were convinced that immune tolerance only developed due to potentially harmful immune cells being eliminated in the thymus, through a process called central tolerance. Sakaguchi showed that the immune system is more complex and discovered a previously unknown class of immune cells, which protect the body from autoimmune diseases.

    Mary Brunkow and Fred Ramsdell made the other key discovery in 2001, when they presented the explanation for why a specific mouse strain was particularly vulnerable to autoimmune diseases. They had discovered that the mice have a mutation in a gene that they named Foxp3. They also showed that mutations in the human equivalent of this gene cause a serious autoimmune disease, IPEX.

    Two years after this, Shimon Sakaguchi was able to link these discoveries. He proved that the Foxp3 gene governs the development of the cells he identified in 1995. These cells, now known as regulatory T cells, monitor other immune cells and ensure that our immune system tolerates our own tissues.

    The laureates’ discoveries launched the field of peripheral tolerance, spurring the development of medical treatments for cancer and autoimmune diseases. This may also lead to more successful transplantations. Several of these treatments are now undergoing clinical trials.

     


    Mary E. Brunkow, born 1961. Ph.D. from Princeton University, Princeton, USA. Senior Program Manager at the Institute for Systems Biology, Seattle, USA.

    Fred Ramsdell, born 1960. Ph.D. 1987 from the University of California, Los Angeles, USA. Scientific Advisor, Sonoma Biotherapeutics, San Francisco, USA.

    Shimon Sakaguchi, born 1951. M.D. 1976 and Ph.D. 1983 from Kyoto University, Japan. Distinguished Professor at the Immunology Frontier Research Center, Osaka University, Japan.

  • सोनम वांगचुक की एनएसए में गिरफ्तारी पर केन्द्र सरकार को नोटिस 14 को जबाब पेश करें

    नईदिल्ली।लद्दाख में हुई  हिंसा के लिए  केन्द्र सरकार  द्वारा की गई सोनम वांगचुक  गिरफ्तारी को सर्वोन्या में चुनौती दी गई थी ।जिस पर न्यायालय ने सोमवार को केंद्र सरकार से जवाब मांगा है अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज है ,और उन्हें जोधपुर जेल भेजा गया है उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका दायर की थी।
    याचिका करता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी के होना नजर बंदी के आधार बताए जाने चाहिए तब सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी की नजरबंदी के आधार बंदी सोनम बैंकॉक को बताई जा चुके हैं सॉलिसिटर जनरल ने कहा कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है की पत्नी को नसबंदी के आधार बताए जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजरिया की कॉन्फिडेंस टेबल से कहा वह याचिका करता को नजर बंदी के आधार बताने के संबंध में आपको आदेश नहीं देगी जस्टिस कुमार ने पूछा करने की मैं क्या बात है प्रदान करने का कोई कानूनी आदेश नहीं है जा सकती उन्होंने स्पष्ट किया की पत्नी को हिरासत के आधार न दिए जाने को हिरासत की चुनौती देने का आधार नहीं माना जाएगा वह ऐसा इसलिए कर रहे हैं।
    सिंपल ने यात्रिक करता के लिए मेडिकल सहायता की मांग करते हुए अंतिम राहत का भी मुद्दा उठाया इस संबंध में सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि जब विरासत में लिए गए व्यक्ति को मेडिकल जांच के लिए पेश किया गया तो उसने कहा कि वह कोई दवा नहीं ले रहा है हालांकि कॉलेज यह भी कहा कि यदि किसी मेडिकल आपूर्ति की आवश्यकता होगी से मिलने की अनुमति दी जाए जस्टिस कुमार ने पूछा क्या उन्होंने उनसे मिलने का कोई अनुरोध किया यह देखते हुए कि उन्होंने ऐसा कोई औपचारिक अनुरोध नहीं किया तो जस्टिस कुमार ने कहा ऐसा कोई आदेश पारित नहीं किया जा सकता है तो फिर अदालत का रुख करें

  • अरत्ताई हमारा अपना मैसेंजर एप



    जोहा कार्पोरेशन को हम अमेरिकी कम्पनी माइक्रोसॉफ्ट के विकल्प के तौर पर देख सकते हैं । यह कम्पनी लगभग वह सारा काम करती है , जो माइक्रोसॉफ्ट करती है । हम स्वदेशी कम्पनी जोहो की सेवा ले सकते हैं ।
    यह कम्पनी 1996 में आरम्भ हुई । इसके कर्ताधर्ता श्रीधर वेम्बु जी हैं । इस कम्पनी का मुख्यालय चेन्नई में है । अभी यह कम्पनी 60 से अधिक देशों में सेवा दे रही है और इस कम्पनी का बाजार मूल्य 1 लाख करोड़ रुपये है । यह कम्पनी शेयर बाजार से जुड़ी हुई नहीं है ; अमेरिका में नौकरी करने वाले एक व्यक्ति ने अपनी प्रतिभा के बल पर इसे यहाँ तक पहुँचाया है । देश-विदेश की प्रसिद्ध कम्पनियाँ बहुत पहले से जोहो से जुड़ी हुई हैं ।
    व्हाट्सअप के स्थान पर इस कम्पनी का एप है – #ARATTAI अरत्ताई। इस मैसेंजर एप का प्रयोग करने वालों का कहना है कि यह एप व्हाट्सअप , टेलीग्राम और गूगल मीट का समन्वय है । इस तरह से तो यह बहुत अच्छा है । यह एप प्ले स्टोर पर उपलब्ध है । मैंने इस एप को डाउनलोड कर स्वदेशी की ओर पग बढ़ा दिया है ।
    हम सभी चाहते थे कि माइक्रोसॉफ्ट तथा समस्त सोशल मीडिया का भारतीय एप उपलब्ध हो । जोहो हमें उसी दिशा की ओर चलने के लिये आमंत्रण दे रहा है । वर्तमान परिस्थियों को देखते समझते हुए हमें अपने स्वदेशी एप का समर्थन कर अन्य स्वदेशी एप्स के सामने आने का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए ।
    अगर हम अरत्ताई एप का हिंदी नाम देखे तो हमे सामयिक संयोग इंगलिश में कहें तो casual conversation

    जोहो और ऐसी ही अन्य स्वदेशी कम्पनियों को हम भारतीयों को स्वागत करना चाहिये जुड़ना चाहिये

  • बचत उत्सव के बीच हेल्पलाईन पर दूध की कीमतों और इलेक्ट्रॉनिक सामान की शिकायते एनसीएच के अनुसार, 3,981 कॉल;69 प्रतिशत शिकायतें 31 प्रतिशत प्रश्न




    केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) को जीएसटी से संबंधित 1,992 शिकायतें भेजी गई हैं

    नईदिल्ली।राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) को अगली पीढ़ी के वस्तु और सेवाकर (जीएसटी) सुधार 2025 के कार्यान्वयन के मद्देनजर, अब तक 3,981 जीएसटी-संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें 31 प्रतिशत प्रश्न और 69 प्रतिशत शिकायतें शामिल हैं। भारत सरकार का उपभोक्ता कार्य विभाग इन शिकायतों पर उनके शीघ्र समाधान/स्पष्टीकरण के लिए कड़ी नजर रख रहा है। शिकायतों को त्वरित कार्रवाई के लिए संबंधित ब्रांड मालिकों/ई-कॉमर्स संस्थाओं तक पहुँचा दिया गया है। इसके अलावा, सीसीपीए ने जहाँ भी आवश्यक हो, सामूहिक कार्रवाई शुरू करने के लिए इन शिकायतों की विस्तृत समीक्षा शुरू कर दी है।

    शिकायतों के एक महत्वपूर्ण हिस्से ने इस बारे में गलत धारणाओं को उजागर किया कि किन वस्तुओं पर जीएसटी में कटौती हुई है और किन पर नहीं। इसलिए, सीसीपीए का विश्लेषण एक स्पष्टीकरणात्मक हस्तक्षेप के रूप में और उपभोक्ताओं को गलत सूचना, अनुचित व्यापार प्रथाओं और पारदर्शिता की कमी से बचाने के अपने अधिदेश की पुनः पुष्टि के रूप में कार्य करता है।

    शिकायतों का एक बड़ा हिस्सा दूध के मूल्य निर्धारण से संबंधित था। बड़ी संख्या में उपभोक्ता एनसीएच के पास यह मानकर पहुँचे कि जीएसटी सुधार के बाद, दूध कंपनियों को ताज़ा दूध की कीमतें कम करनी होंगी। उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि दूध कंपनियाँ सुधार से पहले वाली कीमतें वसूल रही हैं, जिससे उन्हें कम जीएसटी दर का लाभ नहीं मिल रहा है। सीसीपीए ने इस मामले की जाँच के बाद पाया है कि ताज़ा दूध पहले से ही जीएसटी से मुक्त है। हाल ही में जीएसटी दर सुधारों में यूएचटी दूध को भी छूट दी गई है।

    शिकायतों का एक और बड़ा समूह ई-कॉमर्स वेबसाइटों के माध्यम से खरीदे गए इलेक्ट्रॉनिक सामानों से संबंधित था। उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि ऑनलाइन खरीदे गए लैपटॉप, रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन और अन्य टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं पर अब भी जीएसटी सुधार-पूर्व जीएसटी दरें लागू हैं और कर में कमी का कोई लाभ उन्हें नहीं दिया जा रहा है। सीसीपीए के विश्लेषण से पता चला है कि जीएसटी सुधारों के अंतर्गत टीवी, मॉनिटर, डिशवाशिंग मशीन और एसी पर जीएसटी दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी गई है। लैपटॉप, रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन आदि जैसे सामान पहले से ही 18 प्रतिशत की दर पर हैं।

    शिकायतों का एक तीसरा समूह घरेलू एलपीजी सिलेंडरों से संबंधित था। उपभोक्ताओं ने बताया कि सुधारों के बाद भी एलपीजी की कीमतों में कमी नहीं आई है। सीसीपीए ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी पर लागू जीएसटी दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है और घरेलू एलपीजी पर 5 प्रतिशत जीएसटी की दर जारी रहेगी। यह रेखांकित करना महत्वपूर्ण है कि एलपीजी की कीमतें कराधान के अलावा, वैश्विक कच्चे तेल के रुझान, सरकारी सब्सिडी नीतियों और वितरण लागत सहित कई कारकों से प्रभावित होती हैं।

    पेट्रोल की कीमतों के संबंध में शिकायतों का एक और समूह सामने आया। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत दर्ज कराई कि पेट्रोल की कीमतें कम नहीं हुई हैं। सीसीपीए ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल जीएसटी के दायरे से बाहर है। पेट्रोल की कम कीमतों की उपभोक्ताओं की आशा, खुदरा विक्रेताओं या तेल कंपनियों द्वारा जीएसटी का पालन न करने की बजाय, जीएसटी सुधारों के दायरे की गलतफहमी को दर्शाती है।

    कुल शिकायतों में से, 1,992 जीएसटी-संबंधी शिकायतों को उचित कार्रवाई के लिए केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) को भेज दिया गया है, जबकि 761 शिकायतों को समाधान के लिए संबंधित कन्वर्जेंस कंपनियों को तत्काल भेजा गया है। सीसीपीए इन शिकायतों के निपटान पर कड़ी निगरानी रख रहा है और जहाँ भी उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहाँ आगे की कार्यवाही शुरू करेगा।

    जीएसटी-संबंधी शिकायत रिपोर्टिंग के इस पहले सप्ताह से जो व्यापक संदेश उभर कर आता है, वह यह है कि शिकायत निवारण प्रणाली में उपभोक्ता सक्रिय और उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं, जो उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा बनाए गए संस्थागत तंत्रों के प्रति जागरूकता और विश्वास, दोनों को दर्शाता है। उपभोक्ता जागरूकता अभियान जीएसटी परिवर्तनों से प्रभावित विशिष्ट वस्तुओं और क्षेत्रों के बारे में सटीक और आसानी से समझने योग्य जानकारी का प्रसार करेंगे। इस तरह किसी भी गलत सूचना या गलत शिकायतों को ठीक से रोका जा सकेगा।

    उपभोक्ता कार्य विभाग की सचिव श्रीमती निधि खरे की अध्यक्षता में पूर्व-पैक वस्तुओं के खुदरा बिक्री मूल्य (एमआरपी) पर जीएसटी में कमी का लाभ अंतिम उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए उद्योगों/उद्योग संघों के साथ विभिन्न परामर्श किए गए हैं। इन परामर्शों में 11 सितंबर, 2025 को कई उद्योग संघों फिक्की, एसोचैम, सीआईआई, आरएआई और सीएआईटी के साथ सत्र शामिल थे। 12 सितंबर, 2025 को स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठनों (वीसीओ) के साथ वर्चुअल माध्यम से एक बैठक भी आयोजित की गई थी। 24 सितंबर, 2025 को व्यापार करने में आसानी पर केंद्रित एक गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें उद्योग प्रतिनिधि, उद्योग संघ, वीसीओ और राज्य विधिक माप विज्ञान विभाग एक साथ एकत्र हुए। इन बैठकों के दौरान, उद्योगों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया कि जीएसटी दरों में कमी का लाभ अंतिम उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए। जहाँ एक ओर गलत धारणाओं को दूर किया जा रहा है, वहीं सीसीपीए अधिक शुल्क लेने, नियमों का पालन न करने या अनुचित व्यापार प्रथाओं के वास्तविक मामलों की पहचान करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। जहाँ भी कंपनियों को जानबूझकर अधिक जीएसटी वसूलकर या उन क्षेत्रों में कर कटौती का लाभ न देकर उपभोक्ताओं को गुमराह करते हुए पाया जाएगा जहाँ सुधार लागू हैं, वहाँ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 और अन्य लागू कानूनों के प्रावधानों के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण यह सुनिश्चित करने के अपने दायित्व पर अडिग है कि सुधारों का लाभ उपभोक्ताओं तक पारदर्शी और निष्पक्ष रूप से पहुँचाया जाए।

    इस संदर्भ में शिकायत निवारण के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन प्राथमिक मंच के रूप में कार्य करती रहेगी। टोल-फ्री नंबर 1915, आईएनजीआरएएम पोर्टल (www.consumerhelpline.gov.in), व्हाट्सएप, एसएमएस, एनसीएच ऐप, उमंग ऐप और अन्य डिजिटल इंटरफेस के माध्यम से उपलब्ध यह हेल्पलाइन 17 भाषाओं में शिकायत पंजीकरण और समाधान की सुविधा प्रदान करती है। उपभोक्ताओं को न केवल जीएसटी से संबंधित मुद्दों के लिए, बल्कि वस्तुओं और सेवाओं से संबंधित सभी प्रकार की शिकायतों के लिए इन


    सुविधाओं का पूरा उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। प्रत्येक शिकायत उपभोक्ता संरक्षण इकोसिस्टम को मजबूत करती है और बेहतर प्रवर्तन में योगदान देती है।

    उपभोक्ता कार्य विभाग जीएसटी कार्यान्वयन से संबंधित चिंताओं को उजागर करने में उपभोक्ताओं द्वारा निभाई गई सक्रिय भूमिका की प्रशंसा करता है। ताज़ा दूध, इलेक्ट्रॉनिक सामान, एलपीजी और पेट्रोल के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किए गए हैं। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण जनता को आश्वस्त करता है कि वह वास्तविक समय के आधार पर शिकायतों की निगरानी कर रहा है, गलतफहमियों को दूर कर रहा है, वास्तविक शिकायतों का समाधान कर रहा है और उपभोक्ताओं के शोषण के किसी भी प्रयास के प्रति सतर्क है। जैसे-जैसे जीएसटी व्यवस्था विकसित होगी, नागरिकों और संस्थाओं के बीच यह सहयोगात्मक दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करेगा कि सुधार प्रत्येक भारतीय उपभोक्ता के लिए निष्पक्षता, पारदर्शिता और सशक्तिकरण के अपने इच्छित उद्देश्य को प्राप्त कर सकें।

    22 सितंबर 2025 से अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार 2025 का कार्यान्वयन भारत की कराधान व्यवस्था में एक परिवर्तनकारी कदम है, जिसका उद्देश्य कर संरचना को सरल बनाना, प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि तर्कसंगत कर दरों का लाभ उपभोक्ताओं और व्यवसायों दोनों तक पहुँचे। उपभोक्ता कार्य विभाग ने राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) के माध्यम से उपभोक्ताओं को एनसीएच की बहु-चैनल शिकायत निवारण प्रणाली पर जीएसटी से संबंधित शिकायतें और प्रश्न सीधे दर्ज करने में सक्षम बनाया है।

  • किट्टा पार्टी ग्रुप ने रंग पंचमी के अवसर पर रंग उत्सव मनाया 

    किट्टा पार्टी ग्रुप ने रंग पंचमी के अवसर पर रंग उत्सव मनाया 

    कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में चेंबर आफ कॉमर्स के अध्यक्ष डॉ प्रवीण अग्रवाल, लोकप्रिय शायर श्री अतुल अजनबी,  विद्युत कंपनी के सेवानिवृत्त मुख्य महाप्रबंधक श्री राजीव गुप्ता उपस्थित रहे । राहुल गुप्ता स्पर्शी द्वारा किट्टा ग्रुप की स्थापना महिलाओं की किटी पार्टी की तर्ज पर 25 जुलाई 2023 को गई थी, इसके बाद ग्रुप के कार्यक्रम लगातार हुए । किट्टा पार्टी ग्वालियर शहर में अपनी पहचान बना चुकी है । कार्यक्रम में सर्वप्रथम आमंत्रित विशिष्ट अतिथियों का सदस्यों ने माला पहनाकर स्वागत किया । उसके बाद नवीन सदस्यों सर्वश्री सुभाष कश्यप, इन्द्र देव सिंह, प्रमोद गौतम, निशिकांत मोघे, हिमांशु प्रधान, हिमांशु गोयल, प्रतीक गुप्ता, सुदीप सक्सैना और शैलेंद्र अग्रवाल का माला पहना कर स्वागत किया गया । कार्यक्रम में सुयश गोयल द्वारा उपस्थित सदस्यों को गेम खिलवाकर पुरस्कार वितरित किए गए । नीरज नायक द्वारा क्लब की गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों के बारे में जानकारी प्रस्तुत की गई । कार्यक्रम के मध्य में ग्रुप संयोजक राहुल गुप्ता स्पर्शी का जन्मदिन भी मनाया गया । रंग पंचमी उत्सव मनाते हुए फूलों की जमकर होली खेली गई, सभी ने एक दूसरे के मस्तक पर चंदन का टीका लगाकर शुभकामनाएं प्रेषित कीं । पंकज शर्मा, निशिकांत मोगे, अजय बाजपेई, अशोक सिंह चौधरी, दीपक भटनागर एवं जितेंद्र तागड़े द्वारा शानदार गीतों की प्रस्तुति दी गई । अंत में ग्वालियर के लोकप्रिय शायर अतुल अजनबी द्वारा शानदार शेरो शायरी प्रस्तुत कर पूरे हॉल में मस्ती का समां बांध दिया ।

  • चोरों ने अपार्टमेंट्स में घुसकर चुराए जूते-चप्पल, पुलिस के जूते भी

    चोरों ने अपार्टमेंट्स में घुसकर चुराए जूते-चप्पल, पुलिस के जूते भी

    हैदराबाद के मूसारामबाग में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है. जूता चोरों ने चार अपार्टमेंट को निशाना बनाया, चोरों ने एक अपार्टमेंट में रहने वाले पुलिस अधिकारीयों के जूते और चप्पल भी चुरा लिए. अपार्टमेंट में रहने वाले लोग सुबह जब अपने घरों से बाहर निकले तो उनके जूते और चप्पल गायब मिले, जिससे वे हैरान रह गए. घटना के बारे में जानकारी करने के लिए अपार्टमेंट में लगे सीसीटीवी चेक किए जा रहे हैं.हैदराबाद के मूसारामबाग में इन दिनों चप्पल और जूता चोर सक्रिय है. चोर रात में अलग-अलग इलाकों में चोरी की घटनाओं का अंजाम दे रहे हैं. चोरी ने एक अपार्टमेंट को निशाना बनाते हुए चोरी की घटना को अंजाम दिया. वहीं चोरों ने एक अन्य अपार्टमेंट से पुलिस अधिकारियों के जूते और चप्पल चोरी कर लिए. इस घटना से सभी लोग हैरान रह गए. वहीं चोरी की घटना का अंजाम देने के बाद चोरी मौके फरार हो गए. चोरों को पकड़ने के लिए पुलिस जांच कर रही है.

    जूता-चप्पल की कर रहे चोरी
    सीसीटीवी फुटेज की जांच करने पर पता चला कि यह काम छोटे-मोटे चोरों का है. सीसीटीवी में देख सकते हैं कि दो अज्ञात लोग ऑटो-रिक्शा में सवार होकर आए और जूते चप्पल चुरा कर बोरी में लेकर भाग गए. पुलिस मामले कीजांचकररहीहै. जानकारी की जुटाने के लिए पुलिस आस-पास के भी सीसीटीवी कैमरे चेक कर रही है.

    सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
    पुलिस के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि मूसारामबाग इलाके के दो अपार्टमेंट में जूता-चप्पल चोरी होने की घटना की जानकारी मिली है. अपार्टमेंट में लगे सीसीटीवी से चोरी की पहचान की जा रही है. सीसीटीवी में देखा गया है कि दो चोर ऑटो-रिक्शा में सवार होकर आए और लोगों के जूते चप्पल बोरी में भरकर ले गए. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है. जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे इस मामले में पूछताछ की जाएगी.