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  • झूठ बोल रही है पाकिस्तान की सेना? BLA का दावा- हमारे कब्जे में अब भी 150 सैनिक

    झूठ बोल रही है पाकिस्तान की सेना? BLA का दावा- हमारे कब्जे में अब भी 150 सैनिक

    पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हाईजैक जफर एक्सप्रेस ट्रेन को लेकर सस्पेंस बरकरार है. BLA और पाकिस्तान सरकार अलग-अलग दावे कर रही है. बलोच आर्मी का दावा है कि 60 सैनिक मारे गए हैं और 150 अभी भी उसके कब्जे में हैं. वहीं, पाकिस्तान के मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा है कि सेना और एयरफोर्स ने ऑपरेशन पूरा कर लिया है. सुसाइड बॉम्बर्स को मार गिराया गया है. पाक सेना के दावे के मुताबिक, हाइजैक के दौरान 21 यात्री और 4 सैनिक मारे गए हैं. BLA के सभी 33 लड़ाकों को मार गिराया गया है. वहीं, एक चश्मदीद ने 70-80 शव देखने का दावा किया है. BLA और पाकिस्तान के दावे में भारी अंतर है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पाकिस्तान और उसकी सेना झूठ बोल रही है.

    बलोच लिबरेशन आर्मी के मुताबिक, ट्रेन में कुल 426 यात्री थे, जिसमें पाकिस्तान के 214 सैनिक थे. ट्रेन में मौजूद 212 नागरिकों को छोड़ दिया गया था. 60 सैनिक मारे जा चुके हैं. 150 अभी भी उनके कब्जे में हैं. इसके अलावा पाकिस्तान आर्मी के हमले में बलूच आर्मी के 3 कमांडर भी मारे गए हैं.

    1 बजे खत्म होगी डेडलाइन
    बलूच आर्मी की डेडलाइन आज दोपहर 1 बजे खत्म हो रही. उसने बलूच कैदियों को नहीं छोड़ने पर ट्रेन में मौजूद सभी बंधकों को मारने की धमकी दी है. BLA ने अपने अल्टीमेटम में कहा कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो सभी 150 बंधक सैनिकों को मार देंगे. BLA ने पाकिस्तान की जेलों में बंद 241 बलोचों की रिहाई की मांग की है.

    BLA ने कहा है कि पाकिस्तान को अपने सैनिकों की फिक्र नहीं है. पाक की तरफ से बातचीत की कोई कोशिश नहीं हुई है. हम जो कहते हैं वो करने का माद्दा रखते हैं. डेडलाइन खत्म होने के हर घंटे में हम 5 बंधक मारेंगे. एक बार हमने फैसला कर लिया तो वो नहीं बदलेगा. पाकिस्तान के पास भूल सुधारने का आखिरी मौका है. वो प्रोपेगेंडा और फेक नैरेटिव चलाना बंद करे.

    दोनों ओर से क्या दावे?
    BLA का दावा है कि उसने पाकिस्तान के 60 सैनिक मार गिराए हैं. 150 सैनिक अब भी उसके कब्जे में हैं, जो 48 घंटे के अल्टीमेट के खत्म होने के बाद मार दिए जाएंगे. बलूचों का दावा है कि उसने आम रेल पैंसेजर्स को बगैर नुकसान पहुंचाए रिहा किया है.

    BLA के मुताबिक…

    ट्रेन में कुल यात्री- 426
    पाकिस्तान के कितने सैनिक-214
    रिहा किए गए यात्रियों की संख्या- 212
    कुल कितने पाक सैनिकों की मौत- 60
    कितने सैनिक अब भी बंधक- 150
    पाक के कितने सैनिक घायल- 63 से ज्यादा
    वहीं, पाकिस्तान सरकार का कहना है कि उसके सैनिकों ने सभी बलूच लड़कों को मार दिया है. बगैर किसी रेल यात्री के हताहत हुए ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचा दिया है. ऑपरेशन के दौरान उसने महज 4 सैनिकों को खोया है. इसके अलावा 21 यात्रियों को मौत हुई है. कुल 25 लोगों की जान गई है. बाकी सभी सकुशल रिहा करा लिए गए हैं.

    पाकिस्तान का ये दावा सही है तो फिर इस हकीकत को वो साबित क्यों नहीं कर पा रहा है. ट्रेन कब्जे में हैं तो फिर उसके वीडियो कहां हैं. मारे गए बलूच लड़ाकों के शव कहां हैं.

    पाकिस्तान के दावे पर सवाल
    पाक किस आधार पर 25 मौत की बात कह रहा?
    चश्मदीदों ने 70-80 शव देखने की बात कही है
    पाकिस्तान किरकिरी से बचने के लिए मौत का आंकड़ा छिपा रहा है?
    क्वेटा रेलवे स्टेशन पर 200 ताबूत पहुंचने का दावा किया गया
    चश्मदीदों का दावा
    70-80 शव ट्रेन के बाहर पड़े थे
    कई शव ट्रेन के भीतर यहां-वहां पड़े थे
    बलूच आर्मी ने हमें सुरक्षित जाने दिया

  • SpaDeX मिशन, ISRO की बड़ी कामयाबी

    SpaDeX मिशन, ISRO की बड़ी कामयाबी

    भारत के अंतरिक्ष मिशन में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई है. भारतीय अंतरिक्ष रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) ने स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट (SpaDeX) के तहत दो सैटेलाइट को सफलतापूर्वक अनडॉक करने में सफलता हासिल कर ली है.

    यह उपलब्धि भविष्य में भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और बाकी मानव अंतरिक्ष मिशनों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इसरो का लक्ष्य है कि 2035 तक भारत अपना खुद का स्पेस स्टेशन स्थापित कर ले और इसके पहले मॉड्यूल को 2028 तक लॉन्च किया जाए.

    कैसे हुआ यह मिशन सक्सेसफुल?
    SpaDeX मिशन में Chaser और Target नाम की दो सैटेलाइट शामिल थे. पहले चरण में, Chaser सैटेलाइट ने Target सैटेलाइट के साथ सफलतापूर्वक डॉकिंग की थी. अब अनडॉकिंग की प्रक्रिया के दौरान इसरो ने एक कठिन तकनीक का इस्तेमाल किया.

    इसके तहत कैप्चर लीवर को रिलीज किया गया और डी-कैप्चर कमांड जारी किया गया. इसके बाद दोनों सैटेलाइट को सफलतापूर्वक अलग कर दिया गया. यह तकनीक भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा विकसित की गई है, जो भविष्य में अंतरिक्ष में सैटेलाइट्स की मरम्मत, रीफ्यूलिंग और मलबा हटाने जैसे जटिल कार्यों में मदद करेगी.

    भारत बना दुनिया का चौथा देश
    ISRO की इस सफलता के साथ भारत अब अमेरिका, रूस और चीन के बाद दुनिया का चौथा देश बन गया है. जिसने स्पेस डॉकिंग और अनडॉकिंग तकनीक में महारत हासिल की है. इससे पहले केवल ये तीन देश ही इस तकनीक का सफलतापूर्वक उपयोग कर पाए थे. यह भारत के लिए एक बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि है जो भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए मील का पत्थर साबित होगी.

    SpaDeX का महत्व: क्या होंगे फायदे?
    इस तकनीक के जरिए भारत अब अंतरिक्ष में बड़े अंतरिक्ष यान और मॉड्यूल जोड़कर स्पेसक्राफ्ट बनाने में सक्षम हो गया है. इससे भारतीय स्पेस स्टेशन (BAS) के निर्माण में मदद मिलेगी. इसरो के मुताबिक, 2028 में पहला मॉड्यूल लॉन्च करने की योजना है, जिसके बाद भारत 2035 तक अपना खुद का स्पेस स्टेशन बना सकता है. इस सफलता से भारत को गगनयान जैसे मानव मिशनों में भी नई ऊर्जा मिलेगी.

    भविष्य के लिए क्यों महत्वपूर्ण है SpaDeX?
    इस मिशन की सफलता से गगनयान और चंद्रयान-4 जैसे मानव मिशनों का रास्ता साफ हो गया है. ISRO अब ऐसी तकनीक विकसित कर रहा है जिससे पृथ्वी की कक्षा में छोड़े गए सैटेलाइट को वापस लाया जा सके. जरूरत पड़ने पर उन्हें रीफ्यूलिंग और दोबारा सक्रिय करने की क्षमता भी विकसित की जा रही है. इससे गहरे अंतरिक्ष अभियानों, चंद्रमा और मंगल पर बेस बनाने और स्पेस में वैज्ञानिक प्रयोगों में मदद मिलेगी.

    गृह मंत्री अमित शाह ने दी बधाई
    इस उपलब्धि पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने टीम ISRO को बधाई दी है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर इसे भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक बड़ा कदम बताया. शाह ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन, चंद्रयान-4 और गगनयान’ मिशन के सपने को और रफ्तार देगा.

  • देहरादून : कार ने 4 मजदूरों को कुचला, मौके पर ही सभी की मौत

    देहरादून : कार ने 4 मजदूरों को कुचला, मौके पर ही सभी की मौत

    उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में तेज रफ्तार कार का कहर देखने को मिला है। अनियंत्रित कार ने चार मजदूरों को कुचल दिया। यह हादसा साईं मंदिर के पास हुआ। हादसे में चारों मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान पास में खड़े दो स्कूटी सवार भी घायल हो गए, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस को हादसे की जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए दून अस्पताल भिजवाया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय वाहन बहुत तेज गति में था और अचानक अनियंत्रित होकर मजदूरों को रौंदते हुए फरार हो गया। गाड़ी का चालक घटना के बाद घटनास्थल से भाग निकला। पुलिस अब उसकी तलाश में जुटी हुई है।

  • नमामि गंगे मिशन की टीम आएगी ग्वालियर कुछ और बिंदुओं को प्रोजेक्ट में जोड़ने का प्रयास

    नमामि गंगे मिशन की टीम आएगी ग्वालियर कुछ और बिंदुओं को प्रोजेक्ट में जोड़ने का प्रयास

    बेसली नदी का होगा ज्वाइंट सर्वे
    सिरोल रोड और पुलिया पर भी होगी चर्चा

    ग्वालियर। भदावना कुंड से निकलकर शहर के मुरार क्षेत्र से गुजरते हुए गौहद बांध से जुड़ने वाली बेसली नदी के जीर्णोद्धार की कवायद एक फिर तेज हो गई है। नगर निगम आयुक्त अमन वैष्णव इस मिशन को लेकर काफी उत्साहित है। उन्होंने इस नदी के प्रोजेक्ट को लेकर तैयरियां तेज कर दी है। निगम आयुक्त ने इस संबंध में नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत नदी के संयुक्त सर्वे को लेकर राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक को आमंत्रित किया है। ताकि शहर से गुजरने वाली इस नदी के स्वरूप को प्राकृतिक रूप से बेहतर बनाने के साथ ही आवागमन की बाधाओं को भी दूर किया जा सके। जिससे नदी का स्वरूप लंबे समय तक बना रहे। इस प्रोजेक्ट में हुरावली-सिरोल मार्ग को शामिल कराए जाने का प्रयास भी किया जा रहा है । बता दें कि राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अंतर्गत नमामि गंगे प्रोजेक्ट में मुरार नदी को शामिल किया गया है। इस परियोजना के तहत 22.19 करोड़ रुपए की लागत से इसे पुनः नदी का परमवैभव लौटाने के लिए काम हो रहा है। लेकिन अभी इस नदी के प्रोजेक्ट को लेकर जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के बीच एक राय नहीं बन पा रही है । इसलिए नमामि गंगे प्रोजेक्ट के दल के साथ जनप्रतिनिधि और निगम आयुक्त सहित स्थानीय प्रशासन एक बार पुनः पूरे क्षेत्र का निरीक्षण करेंगा और जो जरुरी बिंदु होंगे उन्हें प्रोजेक्ट में जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। जानकारी मिल रही है कि अगले कुछ ही दिनों में टीम ग्वालियर आएगी और संयुक्त रूप से नदी का निरीक्षण कर प्रोजेक्ट को गति दी जाएगी। गौर करने की बात है कि हाल ही में हुई तेज बरसात के कारण इस नदी के आसपास काफी तबाही देखने को मिली साथ ही शहर को जोड़ने वाले मार्ग भी जलमग्न हो गए थे और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई थी। यदि यह मार्ग इस प्रोजेक्ट से जुड़ जाता है तो हुरावली-सिरोल के बीच ऊंचा पुल बन जाएगा जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति से बचा जा सकेगा।

    अहम बिंदुओं पर होगी खास चर्चा
    इस नदी पर दो चरणों में काम होना है, जिसमें पहले चरण का काम जारी है उसको गति देने के साथ- साथ दूसरे चरण के कार्यों पर चर्चा के साथ ही कुछ जरुरी बिंदुओं को शामिल करने पर भी सहमति बन सकती है। जिसमें नदी के तटों के आसपास आवादी, सीवर और गंदगी के निस्तारण से जुड़े विषयों को लेकर भी ठोस रणनीति बनाई जा सकती है।

    इनका कहना
    इस संबंध में निगम ने कहा कि प्रोजेक्ट को लेकर कुछ बिंदु हैं, जिनको लेकर नमामि गंगे की टीम आ रही है, हम ज्वाइंट सर्वेक्षण करेंगे, उसके बाद जो रिपोर्ट आएगी उसके आधार पर आगे कार्रवाई करेंगे।
    अमन वैष्णव
    निगम आयुक्त

  • पेरिस ओलंपिक में विनेश को मेडल मिलेगा या नहीं, आज आ सकता है फैसला, IOC की तरफ से हरीश साल्वे रखेंगे पक्ष

    पेरिस ओलंपिक में विनेश को मेडल मिलेगा या नहीं, आज आ सकता है फैसला, IOC की तरफ से हरीश साल्वे रखेंगे पक्ष

    पेरिस ओलंपिक में भारत की स्टार महिला पहलवान विनेश फोगाट की अर्जी पर अब शुक्रवार को सुनवाई होगी. उन्होंने अयोग्य करार दिए जाने के खिलाफ CAS (Court of Arbitration for Sport) में अपील दायर की थी, जिसे सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया गया. इसमें उन्होंने संयुक्त सिल्वर मेडल दिए जाने की मांग की है. सुनवाई के लिए खेल मामलों की कोर्ट ने विनेश को अपने वकील भी नियुक्त करने का मौका दिया है. सुनवाई भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 1:30 बजे होगी.

    दरअसल, CAS में पहले गुरुवार को ही सुनवाई होनी थी. कॉर्ट ऑफ एर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट ने विनेश का पक्ष रखने के लिए 4 वकीलों की पेशकश की थी. इनके नाम जोएल मोनलुइस, एस्टेले इवानोवा, हैबिन एस्टेले किम और चार्ल्स एमसन है. ये सभी पेरिस 2024 ओलंपिक के लिए CAS के निःशुल्क वकील हैं. लेकिन भारतीय दल ने सुनवाई के लिए भारतीय वकील भी नियुक्त करने के लिए समय मांगा. इस पर कोर्ट ने उन्हें समय देते हुए सुनवाई अगले दिन यानी शुक्रवार के लिए स्थगित कर दी.

    IOA का पक्ष रखेंगे हरीश साल्वे
    जानकारी के मुताबिक भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल और किंग्स काउंसिल हरीश साल्वे विनेश फोगाट अयोग्यता केस में CAS के समक्ष आज भारतीय ओलंपिक संघ की ओर से पेश होंगे. साल्वे को आज पेरिस समयानुसार सुबह 10 बजे की सुनवाई में वर्चुअल रूप से पेश होना होगा. साल्वे को मामले की जानकारी दे दी गई है और उनका नाम CAS के समक्ष IOA के वकील के रूप में प्रस्तुत किया गया है.

    इसके अलावा फैसला भी शुक्रवार को ही आ सकता है. लेकिन अगर जज को लगता है कि उन्हें और सुनवाई की जरूरत है तो कोई और तारीख दी जा सकती है. हालांकि ज्यादातर CAS मामलों में फैसला सुनवाई के दिन ही आ जाता है.

    खेल मामलों का निपटारा करता है CAS

    कोर्ट ऑफ अर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट Court of Arbitration for Sport (CAS) दुनिया भर में खेलों के लिए बनाई गई एक स्वतंत्र संस्था है. इसका काम खेल से जुड़े सभी कानूनी विवादों का निपटारा करना है. 1984 में स्थापित अंतरराष्ट्रीय निकाय काम खेल से संबंधित विवादों को मध्यस्थता के माध्यम से निपटाते का काम करता है. इसका मुख्यालय लॉज़ेन , स्विटजरलैंड में है और इसकी अदालतें न्यूयॉर्क शहर, सिडनी और लॉज़न में स्थित हैं. अस्थायी अदालतें वर्तमान ओलंपिक मेजबान शहरों में भी स्थापित की जाती हैं. इस क्रम में CAS इस बार पेरिस में स्थापित है.

    100 ग्राम वजन के कारण अयोग्य हो गई विनेश

    बता दें कि ओलंपिक में भारत की उम्मीदों को तब झटका लगा जब विनेश फोगाट को डिसक्वालिफाई (अयोग्य) घोष‍ित किया गया है. 50 किलोग्राम फ्रीस्टाइल रेसल‍िंग कैटगरी के फाइनल मुकाबले से महज कुछ घंटे पहले विनेश का वजन करीब 100 ग्राम अधिक पाया गया था. विनेश के पास गोल्ड मेडल जीतने का मौका था, लेक‍िन वजन अधिक होने के कारण फाइनल मुकाबले से कुछ घंटे पहले ही उन्हें अयोग्य करार दे दिया गया. ऐसे में नियम के कारण वह सेमीफाइनल जीतने के बाद भी मेडल से चूक गईं. लेकिन अब CAS में मामला जाने के बाद विनेश को मेडल मिलने की आस फिर से जग गई है.

    विनेश ने एक दिन में जीते थे 3 मैच

    विनेश फोगाट ने 50 किलोग्राम वेट कैटेगरी में मंगलवार को तीन मैच खेले थे. उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में टोक्यो ओलिंपिक की चैंपियन यूई सुसाकी को 3-2 से हराया था. उन्होंने क्वार्टर फाइनल में यूक्रेन की महिला पहलवान ओक्साना लिवाच को 7-5 से और सेमीफाइनल में क्यूबा की रेसलर युसनेइलिस गुजमैन को 5-0 से पटखनी दी थी. इसके बाद उनका मुकाबला अमेरिकी रेसलर सारा के साथ गोल्ड मेडल के लिए होना था.

    कुश्ती को कह दिया अलविदा

    पेरिस ओलंपिक से डिसक्वालिफाई होने के बाद भारतीय पहलवान विनेश फोगाट ने संन्यास लेने का ऐलान कर दिया. उन्होंने यह जानकारी सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए दी है. विनेश फोगाट ने कहा कि मां कुश्ती मेरे से जीत गई, मैं हार गई माफ करना आपका सपना मेरी हिम्मत सब टूट चुके. इससे ज्यादा ताकत नहीं रही अब. अलविदा कुश्ती 2001-2024. उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि आप सबकी हमेशा ऋणी रहूंगी

  • गोल्डन ब्वॉय’ को मिला ‘सिल्वर’, पाकिस्तान के अरशद नदीम ने ओलंपिक रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण

    गोल्डन ब्वॉय’ को मिला ‘सिल्वर’, पाकिस्तान के अरशद नदीम ने ओलंपिक रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण

    चैम्पियन नीरज चोपड़ा पेरिस ओलंपिक की भालाफेंक स्पर्धा में रजत पदक जीतकर लगातार दो ओलंपिक पदक जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक और फील्ड खिलाड़ी बन गए लेकिन पाकिस्तान के अरशद नदीम ने ओलंपिक में नये रिकॉर्ड के साथ बाजी मार ली।

    26 वर्ष के नीरज का दूसरा थ्रो ही उनका एकमात्र वैध थ्रो रहा जिसमें उन्होंने 89 . 45 मीटर फेंका जो इस सत्र का उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो था। इसके अलावा उनके पांचों प्रयास फाउल रहे। उन्होंने तोक्यो में 87 . 58 मीटर के थ्रो के साथ पीला तमगा जीता था।

    वहीं नदीम ने नया ओलंपिक रिकॉर्ड बनाते हुए दूसरा थ्रो ही 92 . 97 मीटर का लगाया। उन्होंने छठा और आखिरी थ्रो 91 . 79 मीटर का लगाया।पाकिस्तान का 1992 बार्सीलोना ओलंपिक के बाद यह पहला ओलंपिक पदक है।

    इससे पहले दस मुकाबलों में नीरज ने हमेशा नदीम को हराया था। पिछला ओलंपिक रिकॉर्ड नॉर्वे के आंद्रियास टी के नाम था जिन्होंने 2008 में बीजिंग खेलों में 90 . 57 मीटर का थ्रो फेंका था।

    ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 88 . 54 मीटर के थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे। नीरज लगातार दो ओलंपिक व्यक्तिगत स्पर्धा का पदक जीतने वाले तीसरे और ट्रैक और फील्ड के पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए। उनसे पहले पहलवान सुशील कुमार (2008 और 2012) और बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधू (2016 और 2021) यह कारनामा कर चुके हैं।

    नदीम को हांगझोउ एशियाई खेलों में नीरज से प्रतिस्पर्धा करनी थी लेकिन आखिरी मौके पर चोट के कारण उन्होंने नाम वापिस ले लिया। नीरज ने उन्हें 2018 एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में हराया था।

  • प्रदूषण एक महामारी

    प्रदूषण एक महामारी

    चिकित्सा विज्ञान से जुड़ी चर्चित अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका लासेंट के हाल के अध्ययन में वायु प्रदूषण की बढ़ती विनाशकारी स्थितियों के आंकड़े न केवल चौंकाने वाले है बल्कि अत्यंत चिन्तातनक है। भारत के दस बड़े शहरों में हर दिन होने वाली मौतों में सात फीसदी से अधिक का मुख्य कारण हवा में व्याप्त प्रदूषण है। वहीं दुनिया में सबसे प्रदूषित राजधानी दिल्ली में यह आंकड़ा साढ़े ग्यारह प्रतिशत है। भारत के महानगरों में वायु प्रदूषण के रूप में पसर रही मौत के लिये सरकार एवं उनसे संबंधित एजेंसियों की लापरवाही एवं कोताही शर्मनाक है, क्योंकि सरकार द्वारा 131 शहरों को आवंटित धनराशि का महज 60 फीसदी ही खर्च किया जाता है। गंभीर से गंभीरतर होती वायु प्रदूषण की स्थितियों के बावजूद समस्या के समाधान में कोताही चिन्ता में डाल रही है एवं आम जनजीवन के स्वास्थ्य को चौपट कर रही है। महानगरों में प्रदूषण का ऐसा विकराल जाल है जिसमें मनुष्य सहित सारे जीव-जंतु फंसकर छटपटा रहे हैं, जीवन सांसों पर छाये संकट से जूझ रहे हैं।केंद्र सरकार ने वायु प्रदूषण एवं हवा में घुलते जहरीले तत्वों की चुनौती के मुकाबले के लिये राष्ट्रीय वायु स्वच्छता कार्यक्रम के क्रियान्वयन की घोषणा 2019 में की थी। जिसका मकसद था कि खराब हवा के कारण नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले घातक प्रभाव को कम किया जा सके। सरकार की कोशिश थी कि देश के चुनिंदा एक सौ तीस शहरों में वर्ष 2017 के मुकाबले वर्ष 2024 तक घातक धूल कणों की उपस्थिति को बीस से तीस फीसदी कम किया जा सके। लेकिन विडम्बना है कि तय लक्ष्य हासिल नहीं हो सके। महानगरों-नगरों को रहने लायक बनाने की जिम्मेदारी केवल सरकारों की नहीं है, बल्कि हम सबकी है।वायु प्रदूषण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से खतरनाक होने लगती है। महानगरों की हवा में उच्च सांद्रता है, जो बच्चों को सांस की बीमारी और हृदय रोगों की तरफ धकेल रही है। शोध एवं अध्ययन में यह भी पाया गया है कि दिल्ली जैसे महानगरों में रहने वाले 75.4 फीसदी बच्चों को घुटन महसूस होती है। 24.2 फीसदी बच्चों की आंखों में खुजली की शिकायत होती है। सर्दियों में बच्चों को खांसी की शिकायत भी होती है। बुजुर्गों का स्वास्थ्य तो बहुत ज्यादा प्रभावित होता ही है। हवा में कैडमियम और आर्सेनिक की मात्रा में वृद्धि से कैंसर, गुर्दे की समस्या और उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है। 300 से अधिक एक्यूआई वाले शहरों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी सहित अनेक महानगर क्षेत्र में रहने वाले सांस के रूप में जहर खींचने को क्यों विवश है, इसके कारणों पर इतनी बार चर्चा हो चुकी है कि उन्हें दोहराने की आवश्यकता नहीं। निस्संदेह, राज्यों के शासन व स्थानीय प्रशासन के वायु प्रदूषण को लेकर उदासीन रवैये से नागरिकों के जीवन का संकट बरकरार है। सर्वविदित तथ्य है कि न तो सरकारों के पास पर्याप्त संसाधन हैं और न ही ऐसा विशिष्ट कार्यबल। नागरिकों की जागरूकता व जवाबदेही बढ़ाकर वायु प्रदूषण पर नियंत्रण किया जा सकता है। इस विषम एवं ज्वलंत समस्या से मुक्ति के लिये प्रशासन एवं सरकारों को संवेदनशील एवं अन्तर्दृष्टि-सम्पन्न बनना होगा।

  • मुरैना : वृद्ध की गोली मारकर हत्या 20 वर्ष पुराना था जमीनी विवाद 

    मुरैना : वृद्ध की गोली मारकर हत्या 20 वर्ष पुराना था जमीनी विवाद 

    मुरैना जिला : नहीं रुक रही बेलगाम हिंसा

    मुरैना। जिले के सिहोनियाँ थाना अंतर्गत संगोली गांव में गोड़ा मैं सो रहे 70 वर्षीय वृद्ध व्यक्ति की 20 वर्ष पुराने सरकारी जमीन के विवाद पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। जब सुबह परिजन खेत पर पहुंचे तो वृद्ध की लाश खटिया पर खून से सनी पड़ी मिली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लाश को पीएम के लिए भेजा गया। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। मृतक के पुत्र रामलखन तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके पिताजी रामाधार पुत्र रामचरण सिंह तोमर 70 वर्ष एवं उनकी मां घर से 100 मीटर की दूरी पर स्थित गोड़ा पर प्रतिदिन रात में सोते थे। बीती रात्रि मां नहीं थी, वह बाहर गई हुई थी और पिताजी अकेले सो रहे थे। रात्रि 2:30 बजे के लगभग उनके पिता की गले पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। रामलखन ने आरोप लगाया है कि वह उक्त गांव में पिछले 50 वर्ष से निवास कर रहे हैं और यहां सरकारी जमीन को लेकर राजेंद्र सिंह पुत्र हरिकृष्ण तोमर से लगभग 20 वर्षों से विवाद चल रहा है। परिजनों ने हत्या का सीधा आरोप राजेंद्र सिंह पर लगाया है। सोमवार की सुबह जब परिजन गोड़ा पर पहुंचे तो देखा कि खटिया पर उनके पिताजी की लाश खून से सनी पड़ी थी। परिजनों ने घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृतक के शव का पीएम करा कर लाश परिजनों को सौंप दी है तथा मामले की जांच कर रही है।

  • गडकरी और हरदीप सिंह पुरी के मंत्रालयों पर टीडीपी की नजर?

    गडकरी और हरदीप सिंह पुरी के मंत्रालयों पर टीडीपी की नजर?

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शपथ लेने के बाद आज अपना कार्यभार संभाला और अब मंत्री पद बंटवारा विभाग बंटवारा करना है । मंत्रिमंडल के शपथ लेने के बाद अब सरकार में विभागों के आवंटन पर सबकी नजर है। सरकार के कई ऐसे विभाग हैं जिसपर उसके सहयोगी दल टीडीपी की नजर है। बुनियादी ढांचे से जुड़े मंत्रालयों पर टीडीपी की नजर दरअसल, आंध्र प्रदेश के बापटला निर्वाचन क्षेत्र से तेलुगु देशम पार्टी टीडीपी के एक सांसद ने इस बात का जिक्र किया है कि चंद्रबाबू के नेतृत्व वाली पार्टी बुनियादी ढांचे से जुड़े मंत्रालयों पर नजर गड़ाए हुए है। हाल ही में टीडीपी के दो सांसदों राम मोहन नायडू और चंद्रशेखर पेम्मासानी ने पीएम मोदी की 71 सदस्यीय कैबिनेट में शपथ ली। गडकरी और पुरी के मंत्रालयों पर नजर टीडीपी नेता के बयान की माने तो पार्टी की नजर पूर्व में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय संभाल रहे नितिन गडकरी के विभाग के साथ-साथ हरदीप सिंह पुरी को मोदी 2.0 में मिले शहरी विकास मंत्रालय पर हो सकती है। नए शपथ लेने वाले मंत्रियों को विभागों का आवंटन जल्द ही अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। पहली कैबिनेट बैठक के बाद ही इसपर फैसला हो सकता है। टीडीपी सांसद ने कही ये बात एएनआई से बात करते हुए, टीडीपी सांसद कृष्ण प्रसाद ने आंध्र प्रदेश के लिए बुनियादी ढांचे के महत्व पर जोर दिया, जो 2014 में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के विभाजन के बाद अस्तित्व में आया था। प्रसाद ने पोलावरम सिंचाई परियोजना और अमरावती को महानगर के रूप में विकसित करने के साथ-साथ राज्य की हजार किलोमीटर लंबी तटरेखा पर बंदरगाहों के निर्माण जैसी प्रमुख परियोजनाओं पर भी ध्यान खींचा। बुनियादी ढांचे का विकास महत्वपूर्ण टीडीपी सांसद ने जोर देकर कहा कि अगले पांच वर्षों में राज्य की प्रगति के लिए बुनियादी ढांचे का विकास महत्वपूर्ण है। उन्होंने सरकार के गठन और एनडीए के गठबंधन की प्रशंसा करते हुए भविष्यवाणी की कि देश की आर्थिक वृद्धि में तेजी आएगी, जिसका लक्ष्य पांच वर्षों के भीतर भारत को पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से तीसरे स्थान पर पहुंचाना है।

  • भाजपा की नई परीक्षा, क्या उपचुनाव में जीत पाएगी अमरवाड़ा सीट? 

    भाजपा की नई परीक्षा, क्या उपचुनाव में जीत पाएगी अमरवाड़ा सीट? 

    भोपाल। मध्य प्रदेश की अमरवाड़ा विधानसभा सीट पर 10 जुलाई को उपचुनाव है। उपचुनाव के कार्यक्रम की घोषणा सोमवार को चुनाव आयोग ने की। 13 जुलाई को मतगणना होगी। यह विधानसभा सीट छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत आती है। लोकसभा चुनाव में भाजपा ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस के आखिरी किला छिंदवाड़ा को भी ढहा दिया है। प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ का यह गढ़ है। मगर लोकसभा चुनाव में उनके बेटे नकुलनाथ को हार का सामना करना पड़ा। अब भाजपा की निगाहें उपचुनाव पर टिकी हैं। उसने अमरवाड़ा विधानसभा सीट पर कब्जा करने की तैयारी भी कर ली है। दो बार अमरवाड़ा में जीत चुकी भाजपा छिंदवाड़ा लोकसभा सीट पर भाजपा के विवेक बंटी साहू ने 113618 मतों से जीत दर्ज की है। खास बात यह है कि अमरवाड़ा विधानसभा से भाजपा को 15,000 से अधिक मतों से बढ़त मिली थी। भाजपा ने अमरवाड़ा (एसटी) सीट पर 1990 और 2008 में दो बार जीत दर्ज कर चुकी है। हालांकि कांग्रेस ने नौ बार कब्जा जमाया। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने 2003 में एक विधानसभा चुनाव जीता था। कमलेश शाह के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट 2023 में कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश शाह ने यहां से विधानसभा चुनाव जीता था। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार मोनिका मनमोहन शाह को 25086 मतों से हराया था। तीन बार के कांग्रेस विधायक कमलेश शाह ने इसी साल 29 मार्च को इस्तीफा देने के बाद भाजपा का दामन थामा था। उनके इस्तीफे के बाद से ही यह सीट रिक्त थी। भाजपा अमरवाड़ा से कमलेश शाह को उतार सकती है। 14 जून को चुनाव की अधिसूचना जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 21 जून है।