Category: Top-4

  • पुणे पोर्शे हादसे में बड़ा खुलासा, आरोपी को बचाने के लिए बदला ब्लड सैंपल, ससून अस्पताल के डॉक्टर्स अरेस्ट   

    पुणे पोर्शे हादसे में बड़ा खुलासा, आरोपी को बचाने के लिए बदला ब्लड सैंपल, ससून अस्पताल के डॉक्टर्स अरेस्ट   

    पुणे: पोर्शे कार हिट एंड रन मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। क्राइम ब्रांच ने पुणे के दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है। डॉक्टरों पर आरोप है कि उन्होंने नाबालिग की मेडिकल रिपोर्ट में गड़बड़ी की और सबूतों से छेड़छाड़ की। क्राइम ब्रांच का दावा है कि इन दोनों डॉक्टर्स ने ही आरोपी की ब्लड रिपोर्ट में हेरफेर की थी। पुणे पुलिस ने घटना में पकड़े गए नाबालिग आरोपी की ब्लड जांच के लिए सैंपल ससुन अस्पताल भेजा था। आरोप है कि दोनों डॉक्टर्स ने मिली भगत से आरोपी के ब्लड सैंपल को किसी दूसरे ब्लड सैंपल के साथ बदल दिया।बीते दिनों शराब के नशे में एक नाबालिग ने अपनी पोर्शे कार से मोटरसाइकिल को रौंद दिया था। इस हादसे में दो इंजीनियरों की मौत हो गई थी। पोर्श दुर्घटना में दो युवा इंजीनियर्स की मौत की घटना ने पूरे देश को हिला दिया।सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
    आरोपियों की पहचान अश्विनी कोस्ता और अनीश अवधिया के रूप में हुई है जो तेज गति से पोर्श कार चला रहे थे। गिरफ्तारी के आठ घंटे बाद उन्हें रक्त परीक्षण के लिए ले जाया गया। जांच के बाद पता चला कि आरोपी ने शराब का सेवन नहीं किया था। हालांकि, सीसीटीवी फुटेज और बार के बिल से पता चला कि उसने शराब पी थी।

    पुलिस कर रही पूछताछ
    अब इस मामले में ससून के दो डॉक्टरों पर नाबालिग आरोपी की रक्त रिपोर्ट में हेरफेर करने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि आरोपी डॉक्टर्स के नाम डॉ. अजय तावरे और डॉ. श्रीहरि हार्लोर हैं। पुलिस के अनुसार, डॉक्टर ने नाबालिग आरोपी के खून के नमूने बदल दिए थे। डॉ. अजय तवारे ससून अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक हैं। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। दोनों को दोपहर में अदालत में पेश किया जाएगा।

  • तूफान में ट्रेन न उड़ जाए चेन ताले से बांध रही है भारतीय रेलवे

    तूफान में ट्रेन न उड़ जाए चेन ताले से बांध रही है भारतीय रेलवे

    नई दिल्ली: चक्रवात तूफान रेमल के कारण पश्चिम बंगाल के कई तटीय इलाकों में तेज हवाएं चल रही हैं। इसके कारण राजधानी कोलकाता और दक्षिण बंगाल के अन्य हिस्सों में हवाई, रेल और सड़क परिवहन में व्यवधान पैदा हुआ है। कोलकाता एयरपोर्ट के अधिकारियों ने बताया कि ऐहतियात के तौर पर रविवार दोपहर से 21 घंटे के लिए फ्लाइट ऑपरेशन को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा, पूर्वी और दक्षिण पूर्वी रेलवे ने कई ट्रेनें रद्द कर दी हैं। इस बीच रेलवे ने भारी हवाओं को देखते हुए ऐहतियात के तौर पर ट्रेनों को चेन के जरिए ट्रैक से बांध दिया है, ताकि साइक्लोन में उन्हें पटरी से खिसकने से रोका जा सके। शालीमार रेलवे स्टेशन का एक वीडियो सामने आया है जहां रेल कर्मचारी ट्रेनों को चेन के जरिए ट्रैक से बांध रहा है।तूफान के कारण पश्चिम बंगाल के दक्षिणी इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। बारिश और तेज हवाओं के ने दक्षिण बंगाल के जिलों को प्रभावित किया है। इसकी वजह से कोलकाता में अधिकतर बसें, टैक्सियां और तिपहिया वाहन सड़कों से नदारद रहे। भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण (AAI) के एक अधिकारी ने कहा कि उड़ानों पर रोक के दौरान कुल 394 अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानें संचालित नहीं होंगी। अधिकारी ने बताया कि यह एहतियाती कदम नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक के बाद उठाया गया है। कोलकाता समेत पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्र पर चक्रवात रेमल के प्रभाव को देखते हुए 26 मई की दोपहर से 27 मई को सुबह नौ बजे तक उड़ान संचालन को निलंबित करने का निर्णय लिया गया है।

  • अडाणी के कोयला घोटाले की होगी जांच, जेपीसी का होगा गठन; राहुल गांधी

    अडाणी के कोयला घोटाले की होगी जांच, जेपीसी का होगा गठन; राहुल गांधी

    नई दिल्ली। कांग्रेस ने अदाणी को लेकर एक बार फिर भाजपा पर निशाना साधा है। अदाणी को लेकर एक मीडिया रिपोर्ट के दावे पर राहुल गांधी ने भाजपा और पीएम मोदी पर हमला बोला है और कहा कि वो सत्ता में आने के बाद इसका सच सबके सामने लाएंगे। राहुल बोले- हम करेंगे जेपीसी का गठन दरअसल, लंदन की एक अखबार की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि अदाणी समूह ने कथित तौर पर 2014 में इंडोनेशिया से कम गुणवत्ता वाला कोयला खरीदा और इसे भारत में तीन गुना कीमत पर बेचा। कांग्रेस ने अदाणी समूह से जुड़ी एक खबर का हवाला देते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि केंद्र में आइएनडीआइ की सरकार बनने पर इस तरह के आरोपों की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन किया जाएगा। अदाणी ने हजारों करोड़ लूटे: राहुल पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि भाजपा की सरकार के तहत बड़ा कोयला घोटाला सामने आया है। इस घोटाले के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करीबी ने कम गुणवत्ता वाले कोयले को तीन गुने दाम पर बेचकर हजारों करोड़ रुपये लूटे हैं। इसकी कीमत आम जनता ने बिजली का महंगा बिल भरकर चुकाई है। कम गुणवत्ता वाला कोयला दिया गया राहुल ने कहा कि ब्रिटेन के एक अखबार ने कुछ दस्तावेजों का हवाला देते हुए एक खबर प्रकाशित की है, जिसमें कहा गया है कि अदाणी समूह ने सार्वजनिक क्षेत्र के तमिलनाडु जेनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कारपोरेशन (टीएएनजीईडीसीओ) को कम गुणवत्ता वाला कोयला कहीं अधिक कीमत पर बेचा। भाजपा पर साधा निशाना राहुल गांधी ने इस खबर को लेकर एक्स पर पोस्ट किया कि भाजपा सरकार में कोयला घोटाला सामने आया है। वर्षों से चल रहे इस घोटाले के जरिये पीएम मोदी के करीबी अदाणी ने निम्न स्तरीय कोयले को तीन गुने दाम पर बेचकर हजारों करोड़ रुपये लूटे हैं।

  • नेपाल और यूपी की सीमा पर अलर्ट, एसएसबी के जवानों को किया गया तैनात

    नेपाल और यूपी की सीमा पर अलर्ट, एसएसबी के जवानों को किया गया तैनात

    पटना। लोकसभा चुनाव के छठे चरण में बिहार में आठ सीटों पर शनिवार को एक साथ वोट डाले जाएंगे। इनमें आधा दर्जन सीटें नेपाल और उत्तरप्रदेश की सीमा से सटी हैं। इसको लेकर नेपाल और उत्तरप्रदेश की सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है।इस चरण में 60 हजार से अधिक सुरक्षा बलों को लगाया गया है। इसके अलावा 18 हजार से अधिक गृहरक्षकों को भी चुनावी ड्यूटी में लगाया गया है। छपरा में हुई चुनावी हिंसा के बाद महाराजगंज में विशेष चौकसी बरती जा रही है।पुलिस मुख्यालय के स्तर से संबंधित जिलों में इंटरनेट मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग यूनिट इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित खबरों, फेसबुक-एक्स पोस्ट और यूट्यूब के वीडियो आदि पर नजर रख रहा है। किसी भी तरह के आपत्तिजनक पोस्ट, भ्रामक खबर को अविलंब हटाते हुए संबंधित पर कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, छठे चरण के चुनाव में भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। सभी बूथों पर सशस्त्र सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। अभी तक पहले चरण में चार जबकि अन्य चार चरणों में पांच-पांच सीटों पर एक साथ मतदान हुआ है। इस बार पुलिस-प्रशासन के लिए चुनौती इसलिए भी अधिक है क्योंकि लगभग दोगुने क्षेत्र में एक साथ मतदान हो रहा है। वाल्मीकिनगर, पश्चिम चंपारण और शिवहर लोकसभा सीट की सीमा जहां नेपाल से सटी है, वहीं वाल्मीकिनगर, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सिवान और महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश से सीमा साझा करते हैं। वैशाली और पूर्वी चंपारण में भी होगा मतदान इसके अलावा वैशाली और पूर्वी चंपारण लोकसभा क्षेत्र में भी मतदान होना है। नेपाल की सीमा पर एसएसबी के जवानों को लगाया गया है। सीमा पर अतिरिक्त चेकपोस्ट भी बनाए गए हैं। नेपाली सुरक्षा बलों के साथ भी संयुक्त गश्ती की जा रही है। इसके अलावा मतदान को लेकर अतिरिक्त अंतरराज्यीय एवं अंतरजिला चेकपोस्ट भी बनाकर वाहनों की विशेष जांच की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतदान को लेकर सुदूर क्षेत्रों में घुड़सवार दस्ता एवं नदी क्षेत्रों के लिए नाव से निगरानी की व्यवस्था की है। इसके अलावा ड्रोन से भी निगरानी की जाएगी। सुरक्षा बलों को सेटेलाइट फोन, बम निरोधक दस्ता और वायरलेस सेट भी उपलब्ध कराए गए हैं। मतदान में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न करने वालों से सख्ती से निबटने के निर्देश दिए गए हैं।

  • लेडी सिंघम अनु बेनीवाल, कम्युनिटी पुलिसिंग की बनी बेहतर मिसाल

    लेडी सिंघम अनु बेनीवाल, कम्युनिटी पुलिसिंग की बनी बेहतर मिसाल

    जितेंद्र परिहार

    ग्वालियर । समाज को व्यवस्थित रखने में पुलिस को महत्वपूर्ण अंग के तौर पर देखा जाता है, तो अक्सर कार्यप्रणाली को लेकर उंगलियां भी उठाई जाती रही है, लेकिन ग्वालियर में एक प्रशिक्षु आईपीएस ने कम समय के अंतराल में बेहतर पुलिसिंग की मिसाल कायम करते हुए अपने थाना क्षेत्र में जुआ, खनन और शराब मफियाओं के खिलाफ मुहिम चलाकर ऐसा कर दिखाया कि अंचल ही नहीं बल्कि प्रदेश में कम्युनिटी पुलिसिंग की वह तस्वीर सामने आई है जिसकी वास्तविक तौर पर समाज को जरुरत है ।

    जी हां अवैध उत्खनन और परिवहन के लिए कुख्यात अंचल में प्रशिक्षु आईपीएस अनु बेनीवाल को ग्वालियर जिले के ग्रामीण थाना बिजौली की कमान 25 फरवरी 2024 को सौंपी गई थी। यहां आते ही उन्होंने जुआ और शराब के अड्डों तथा अवैध खनन को टारगेट किया और एक के बाद एक कार्रवाई के चलते वह माफियाओं की आंखों की किरकिरी तो आम लोगों की रोल मॉडल बन  गईं। वास्तव में देखा जाए तो किसी भी आईपीएस अधिकारी के ट्रेनिंग पीरियड के यह तीन महीने उसकी कर्तव्य शैली और इच्छाशक्ति को बताते हैं कि भविष्य में वह किस तरह समाज को दिशा देने में अपनी भूमिका का निर्वहन करता है।

    बहरहाल बिजौली थाने में पदस्थ अनु बेनीवाल द्वारा नई सोच और युवा जोश के साथ जिस तरह माफियाओं पर नकेल कसी गई है उससे आम लोगों को बेशक राहत महसूस हुई हो मगर माफियाओं को पुलिस का यह अंदाज रास नहीं आया। लिहाजा अनु बेनीवाल को इस थाने से हटाने के लिए एक के बाद अनेक चालें चलना शुरू हो गई, जबकि उनका प्रशिक्षण पीरियड 25 मई को पूरा होगा। जिसमें  खनन माफियाओं के गुर्गे द्वारा आईपीएस अनु बेनीवाल का लगातार पीछा कर उनकी रेकी की गई। इसी तरह अवैध शराब के मामले में उनके खिलाफ हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ग्वालियर में शिकायत तक दर्ज कराई गई है। यहां सवाल उठना लाजिमी है कि समाज विरोधी गतिविधियों के खिलाफ यदि कोई अधिकारी खड़ा होता है तो उसका सहयोग करने के बजाय तथाकथित समाज के ठेकेदार अपना रसूख दिखाकर हतोत्साहित करने में क्यों जुट जाते हैं। जबकि होना तो यह चाहिए था कि समाज के सभी वर्ग इस बेहतर कार्यप्रणाली के लिए पुलिस की सरहाना कर जिले के सभी थानों में इस तरह की व्यवस्था कायम करने की बात पर जोर दिया जाता।

    इसी थाना क्षेत्र की शराबखोरी से परेशान महिलाएं और आम नागरिक शराब और जुए के अड्डों को खत्म करने के लिए इस प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी को बेहतर कार्यप्रणाली के लिए  आशीष दे रहे हैं । यहां बताना जरुरी है कि यह वही ग्वालियर चम्बल का इलाका है जहां खनन माफियाओं के खिलाफ कड़े कदम उठाने पर अनेक जांबाज अधिकारियों को वाहनों से रोंद दिया गया था।

     माफियाओं पर भारी बेनीवाल के बुलंद हौसले

    अवैध खनन कारोबार से जुड़े माफियाओं द्वारा प्रशिक्षु महिला पुलिस अधिकारी अनु बेनीवाल की लोकेशन ट्रेस करने के लिए एक महीने तक अपने गुर्गे को लगाया गया, जिसमें आरोपी, ट्रेनी आईपीएस के आने-जाने की जानकारी खनन माफियाओं के वॉट्सएप ग्रुप में शेयर कर रहा था, इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है ।

    अथक प्रयासों से परिवारों में लोटाई खुशी

    अनु बेनीवाल ने बिजौली थाने की कमान संभालते ही यहां एक के बाद एक लगातार जुए के अड्डों पर दबिश दी। जुआ खिलाने वालों पर एफआइआर की, इन्हें अवैध हथियारों के साथ पकड़कर जेल भेजा। इससे गांव में जुए की फड़ लगना बंद हो गई अवैध शराब मिलना बंद हो गया। फलस्वरूप गांव के जिन किसान, मजदूरों को जुए और शराब की लत थी, वह अब घर गृहस्थी पर ध्यान दे रहे हैं। इस थाने की हद में करीब 60 गांव आते हैं। जहां एक भी देशी शराब की दुकान नहीं है लेकिन अवैध शराब लोगों के घर बर्बाद कर रही थी, जिसे अनु बेनीवाल ने जड़ से खत्म कर दिया तो शराबखोरी से परेशान महिलाएं इकठ्ठी होकर थाने पहुंची और आइपीएस अनु बेनीवाल को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा इस कार्रवाई ने उनका घर- परिवार बचा लिया।

      जज्बे को सलाम

    प्रशिक्षु पीरियड के तीन महीने के कार्यकाल में से दो महिने में आईपीएस अनु बेनीवाल ने  50 से ज्यादा कार्रवाई की है, जिसमें खनन सट्टा, जुआ और शराब माफिया शामिल हैं, अनु बेनीवाल के सख्त तेवरों से अपराधियों में खौफ का माहौल है। अनु बेनीवाल 2022 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं, बता दें कि किसी भी अधिकारी का यह वह कार्यकाल होता है जिसमें वह जमीनी हकीकत की बारीकियों को समझता है।

  • मामला परिवहन विभाग का – परिवहन आयुक्त ने निज सचिव शर्मा को दी शिकायत शाखा की अतरिक्त जिम्मेदारी

    मामला परिवहन विभाग का – परिवहन आयुक्त ने निज सचिव शर्मा को दी शिकायत शाखा की अतरिक्त जिम्मेदारी

    लंबित शिकायतों को किया दरकिनार

    जीतेन्द्र परिहार  ग्वालियर ! परिवहन आयुक्त मुख्यालय में अंततः शिकायत शाखा के प्रभारी की नियुक्ति कर दी गई ! बता दें कि उप परिवहन आयुक्त शिकायत दिलीप सिंह तोमर के स्थानांतरण के बाद से शिकायत शाखा का काम रुक गया था! जिसका आदेश जारी कर डीपी गुप्ता आयुक्त परिवहन ने अपने निज सचिव सत्य प्रकाश शर्मा को अतिरिक्त प्रभार दे दिया ! यानि अब से शर्मा शिकायत से संबंधित सभी नस्तियो को देखेंगे और परिवहन आयुक्त को प्रस्तुत करने का काम करेंगे!
    मतलब साफ है कि जो भी शिकायत आएगी वह निज सचिव और ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के बीच रहेगी और उन्ही के मुताबिक शिकायत का निराकरण किया जाएगा ! अब इसे परिवहन आयुक्त द्वारा निज सचिव पर कृपा समझें या सीसे में उतरना ? क्योंकि पूर्व में परिवहन आयुक्त रहे शैलेन्द्र श्रीवास्तव के बाद जो भी अधिकारी इस कुर्सी पर बैठा उसने गंभीर शिकायतों के कारण किसी न किसी तरह सत्य प्रकाश से दूरी बनाए रखी, इसके चलते आईपीएस बी मधुकुमार बाबू को पुराने वीडियो के वायरल होने के कारण न सिर्फ समय से पहले विभाग छोड़ना पड़ा बल्कि लंबे समय तक जांच का सामना भी करना पड़ा ! इसी तरह आईपीएस मुकेश जैन ने भी सत्यप्रकाश के खिलाफ मिली शिकायतों और फीडबैक के आधार पर शक्ति बरती थी, लिहाजा अपनी निष्पक्ष छवि के चलते समय से पहले उन्होंने विभाग को अलविदा कह दिया !


    खैर परिवहन आयुक्त डीपी गुप्ता द्वारा अपने निज सचिव को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है तो इसके पीछे वजह भी महत्वपूर्ण ही रही होगी ? वैसे ईमानदार और निष्पक्ष छवि के बावजूद टी सी गुप्ता द्वारा लिए गए निर्णय से क्या यह माना जाए कि इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए विभाग में कोई अन्य काबिल अधिकारी नहीं है या फिर ज्वॉइनिंग के समय दी गई बड़ी -बड़ी दलीलें केवल दिखावे के लिए ही थी ! यह प्रश्न इसलिए भी है कि विभाग में नीचे से ऊपर तक सभी को मालूम है कि सत्यप्रकाश का जितना सर्विस पीरियड नहीं है उससे कहीं ज्यादा उनकी विभागीय और विभाग के बाहर जांचें लंबित है ! निश्चित ही विभाग में आने के साथ ही आईपीएस डीपी गुप्ता को भी विभागीय लोगों ने फीडबैक दिया होगा, जिसमें सत्यप्रकाश उनके लिए फिट बेठे और उसे निज सचिव के साथ ही शिकायत शाखा भी सौंप दी!

    क्या पूर्व की ठेका प्रथा की फिर से है शुरुआत
    विभागीय सूत्रों के मुताबिक श्रीवास्तव के आयुक्त रहते मैदानी अमले की तैनाती पूरी तरह कुछ चुनिंदा लोगों के हाथ में चली गई थी जो लंबे समय तक चलती रही, उस व्यवस्था में संबंधित अधिकारी केवल अपने हिस्से और बनाई गई सूची पर हस्ताक्षर तक सीमित रह गए थे! मजे की बात यह है कि उस टीम के मुख्य पात्र निज सचिव ही माने जाते थे! निज सचिव के साथ ही शिकायत शाखा की जिम्मेदारी सत्यप्रकाश को दिए जाने से तय है कि नवागत आयुक्त उनपर पूरी तरह मेहरबान है ! अब देखना होगा कि जांच की आंच का खेल आने वाले समय में क्या और किस तरह के गुल खिलाएगा!


    शिकायत शाखा के रास्ते प्रवर्तन अमले पर कब्जा
    जिस तरह से आयुक्त ने निज सचिव को शिकायत शाखा का प्रभारी बनाया है उससे फिलहाल तो यही प्रतीत हो रहा है कि टी सी और एडिशनल के बीच चल रहे शीतयुद्ध में शह और मात के खेल में निज सचिव को लाकर आयुक्त परिवहन ने बड़ी चाल चल दी है ! चर्चा तो यह भी है कि जिस तरह से शिकायत शाखा पर कब्जा किया है उसी तरह वह फिर से पुराने रोल में आकर छोटे साहब को पूरी तरह खाली हाथ बिठाने की तैयारी कर चुके हैं!

  • क्या महिला पुलिस के साथ अभद्रता व सरकारी काम में बाधा डालने वाले पर होगी कार्यवाही ?

    क्या महिला पुलिस के साथ अभद्रता व सरकारी काम में बाधा डालने वाले पर होगी कार्यवाही ?

    जितेंद्र परिहार

    ग्वालियर ! शहर की बिगड़ती कानून व्यवस्था की शिकायतों के चलते मुख्यमंत्री डॉ यादव ने संभागयुक्त सहित कलेक्टर और एसपी को भी बदल दिया, इसके बाद भी शहर में कानून का राज्य दिखाई नहीं देता जबकि गृह विभाग स्वयं मुख्यमंत्री संभाल रहे हैं! हाल के दिनों में घटित घटनाएं इस बात का प्रमाण है ! यहां बताना उचित होगा कि लोकसभा चुनावी समय में निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में पुलिस अधीक्षक द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चेकिंग पॉइंट लगाए गए हैं ताकि निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों का ठीक से पालन कराया जा सके ! घटना बीते रोज विवेकानंद चौराहे की है जहां शहर का कारोबारी मुकेश अग्रवाल ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों को अपनी ठसक दिखाते हुए पुलिस कार्रवाई को ठेंगा दिखा कर चलता हो गया! ड्यूटी पर तैनात सूबेदार सोनम पाराशर ने यहां तक कहा कि यह चैकिंग पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर ही की जा रही है, आपकी गाड़ी पर आरटीओ की गाइडलाइन के विपरीत काली फिल्म लगी है और हूटर भी लगा है, इसलिए चालान कटेगा, लेकिन कारोबारी की रंगबाजी के आगे पुलिस यहां भी बेबस साबित हुई ! वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि आचार सहिंता के तहत चैकिंग के दौरान महिला एसआई के साथ बहस करते हुए व्यापारी मुकेश अग्रवाल ने कहा न हूटर हटेगा-न चालान कटवाऊंगा, एसपी को बता दो मेरी गाड़ी का नम्बर, कारोबारी ने इस दौरान महिला एसआई सोनम पाराशर के चेहरे पर उंगली लगाने की कोशिश भी की, जिस पर सोनम ने व्यापारी की गलत हरकत का विरोध भी किया! अब सवाल इस बात का है कि जो शहर का व्यापारी वर्ग आए दिन छोटी-छोटी बातों पर जनप्रतिनिधियों और पुलिस को घेरकर अपने आप को सादगी पसंद और समाज सुधारक बताते हैं, वह अपने ही समाज के कारोबारी द्वारा सड़क पर खुलेआम पुलिस के साथ रंगबाजी करने के लिए क्या कदम उठाएंगे ? यदि यहां व्यापारी वर्ग मौन रहता है तो निश्चित ही यह माना जाएगा कि निष्पक्षता के बजाय राजनीतिक रसूख और संगठन की आड़ में कहीं ना कहीं पुलिस को हर ओर से झुकाने का प्रयास किया जा रहा है ! सनद रहे यह वहीं महिला पुलिस कर्मी हैं जो ड्यूटी दौरान सड़क पर बेहोश बुजुर्ग को सीपीआर देकर जान बचा चुकी हैं व घायलों को भी समय से अस्पताल भेजने का कार्य किया है समाजसेवा के इस कार्य के लिए सोनम पाराशर की ग्वालियर की बेटी कह कर खूब सराहना की गई थी वहीं जब यही ग्वालियर की बेटी ऑनड्यूटी है तब उसके साथ ऐसा दुरव्यवाहर किया जा रहा है ।

    व्यापारिक संगठन की चुप्पी

    इस संबंध में व्यापारियों के हित में खड़े रहने वाले मप्र चैंबर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष डॉ प्रवीण अग्रवाल का कहना है कि चैंबर हमेशा पीडि़त की लड़ाई लड़ता है! इस मामले की मुझे अभी जानकारी नहीं है, जानकारी के बाद ही बता पाऊंगा! जब कहा गया कि गलती होने पर भी ऑन ड्यूटी पुलिस अधिकारी के साथ बदसलूकी का मामला है तो उन्होंने कहा पुलिस कानूनी कार्रवाई के लिए सक्षम है!

    इनका कहना

    मै शाम के समय गाडियों की चैकिंग कर रही थी इसी दौरान एक गाड़ी आई जिस पर हूटर लगे थे और काली फिल्म चढ़ी थी, उसे रोका तो उसमें से मुकेश अग्रवाल निकले, जिनसे चालान बनाने कहा तो भड़क गए, मेरे मुंह तक उंगली लगाने की कोशिश की, जिसका मैंने विरोध किया, साथ ही इस पूरे घटना को एडिशनल एसपी सियाज के एम को अवगत कराया!

    सोनम पाराशर एस आई

    ……………………………

    जिस व्यक्ति ने पुलिस चैकिंग में अधिकारी को सहयोग नहीं किया उसके वाहन का चालान कोर्ट पेश किया जा रहा हैं, इसके अलावा उनके विरुद्ध पीछे जो भी ई चालान बने थे उन्हें कमरों मदद से निकाला जा रहा है, इसके अलावा इस प्रकरण में जो भी वैधानिक कार्रवाई है, वह कर रहे हैं!

    धर्मवीर सिंह यादव एसपी ग्वालियर

  • पैसों की बर्बादी के बाद भी प्रदूषण नियंत्रण में नाकाम जिम्मेदार वायु गुणवत्ता में भी इंदौर प्रदेश में अव्वल

    पैसों की बर्बादी के बाद भी प्रदूषण नियंत्रण में नाकाम जिम्मेदार वायु गुणवत्ता में भी इंदौर प्रदेश में अव्वल

    ग्वालियर को मिला सबसे प्रदूषित शहर का खिताब

    जीतेन्द्र परिहार

    ग्वालियर । प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा बुधवार को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) के माध्यम से कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें प्रदेश के सात प्रमुख शहरों में वायु गुणवत्ता को लेकर समीक्षा की गई। इनमें ग्वालियर में सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण है। टीम द्वारा कहा गया कि अगर समय रहते यहां के हालात नहीं सुधारे गए तो, दिल्ली जैसे हालात बन जाएंगे,वायु गुणवत्ता में ग्वालियर की स्थिति काफी खराब है। राष्ट्रीय और प्रादेशिक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा मिलकर मप्र के सात शहरों का चयन किया है, जहां पर वायु गुणवत्ता में सुधार करना है। इसी को लेकर यह कार्यशाला आयोजित की गई है। कार्यशाला में इन सभी शहरों से प्रतिनिधियों बुलाया गया था। एनसीएपी के डायरेक्टर डॉ. प्रशांत गार्गव ने बताया कि जिन शहरों में वायु गुणवत्ता खराब हो रही है, वहां काम किया जा रहा है। वायु गुणवत्ता में इंदौर का काम काफी बेहतर रहा है। कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वैज्ञानिक एन. सुब्रमण्यम, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक पी. जगन, मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इंदौर के क्षेत्रीय अधिकारी एसएन द्विवेदी आदि मौजूद थे। इसके साथ ही कानपुर आईआईटी के प्रोफेसर डॉ. मुकेश शर्मा ने ग्वालियर और मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल के प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने उज्जैन शहर का प्रेजेंटेशन दिया। ग्वालियर में वायु प्रदूषण के कारणों में जगह- जगह खुदी सड़के , शहर के आसपास की क्रेशर डस्ट एवं शहर में जारी निर्माण कार्यों की वजह से यहां की वायु गुणवत्ता खराब हो रही है। फंड आया मगर सुधार नहीं दिखा पिछले पांच साल से केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) के माध्यम से काम किया जा रहा है। इसके तहत इंदौर, ग्वालियर, भोपाल, जबलपुर, सागर, देवास और उज्जैन शहर में 2019 से एनसीएपी द्वारा हवा में प्रदूषण को कम करने के लिए फंड जारी किया जा रहा है इसके बावजूद ग्वालियर की स्थिति में सुधार दिखाई नहीं दिया ।

  • 4500 करोड़ के आलीशान जय विलास पैलेस में 400 कमरे, सपनों के महल में शाही ठाठ से रहते हैं ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया

    4500 करोड़ के आलीशान जय विलास पैलेस में 400 कमरे, सपनों के महल में शाही ठाठ से रहते हैं ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया

    Jyotiraditya Scindia Life Style: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अलग ही लाइफस्टाइल से जीते हैं. उनका अंदाज और रहने का तरीका सभी से अलग है. वे भारत के सबसे आलीशान महलों में शुमार ग्वालियर के जय विलास पैलेस में रहते हैं. बता दें, इस महल की कीमत 4500 हजार करोड़ रुपये है. यहां सिंधिया पत्नी प्रियदर्शनी बेटे महान आर्यमन और बेटी के साथ रहते हैं. जय विलास महल भारत के सबसे खूबसूरत और भव्य महलों में शुमार है.

    सिंधिया राजवंश के शासक जयाजी राव सिंधिया ने सन 1874 जय विलास महल बनवाया था. यूरोपीय वास्तुकला पर आधारित इस महल को फ्रांसीसी आर्किटेक्ट सर माइकल फिलोस ने डिजाइन किया था. विदेशी कारीगरों की मदद से इस महल को चार सौ कमरों के साथ भव्य बनाया गया था. इस महल की पहली मंजिल टस्कन शैली, दूसरी मंजिल इतालवी-डोरिक शैली और तीसरी कोरिंथियन शैली में बनी है. इतावली संगमरमर और फारसी कालीन से महल की सजावट की गई है. महल के दरबार हॉल के अंदरूनी हिस्से को सोने और गिल्ट बनाया गया है.

    1874 में बना जय विलास पैलेस 12 लाख 40 हजार 771 वर्ग फीट में फैला है. इसमें चार सौ कमरे हैं. 146 साल पहले बने इस महल के निर्माण में एक करोड़ रुपए खर्च हुआ था. विदेशी कारीगरों की मदद से जय विलास महल को बनाने में 12 साल का समय लगा था. इस महल में साल 1964 में म्युजियम शुरु हुआ था. चालीस कमरों को विजयाराजे सिंधिया ने म्युजियम में तब्दील कराया था. महल की दूसरी मंजिल पर बना दरबार हाल जयविलास की शान कहा जाता है. दरबार हाल की दीवारों और छत को पूरी तरह सोने-हीरे-जवाहरात से सजाया गया था.

    दरबार हाल की छत पर दुनिया का सबसे बड़ा वजनी झूमर लगाया गया है. साढ़े तीन हजार किलो के झूमर को लटकाने से पहले कारीगरों ने छत की मजबूती को परखा. इसके लिए छत के ऊपर नौ से दस हाथियों को खड़ा किया गया. दस दिन तक छत पर हाथी चहलकदमी करते रहे. जब छत मजबूत होने का भरोसा हो गया तब फ्रांस के कारीगरों ने इस झूमर को छत पर लटकाया.

    रिसायत कालीन दौर में जब भी कोई राजप्रमुख या बड़ी शख्सियत ग्वालियर आते थे तो उनका खास स्वागत दरबार हाल में ही किया जाता था. आज जब कोई दरबार हाल में आता है तो इसका वैभव देखते ही रह जाता है. देखने वालों को न सिर्फ दरबार हाल, बल्कि अपने राजा महाराजाओं पर भी गर्व महसूस होता है. जयविलास पैलेस का शाही डायनिंग हाल राजसी वैभाव की निशानी है. इसके आसपास एक वक्त में पचास से ज्यादा शाही लोग भोजन करते थे. खास बात ये है कि भोजन के दौरान परोसने के लिए कोई कर्मचारी नहीं, बल्कि चांदी की खूबसूरत ट्रेन भोजन परोसती थी. ट्रेबल पर ट्रेन के लिए बकायदा पटरी बनी हुई है.

    दरबार हाल, डायवनिंग हाल के अलावा यहां भारतीय भोजन दरबार भी है. इसमें मेहमानों को फर्श पर बैठकर सोने-चांदी के बरतनों में भोजन कराया जाता था. इसमें राजा के लिए बड़ा आसान लगाया जाता था. महल में राजा-महाराजा के वाहन, राज दरबार, बैठक हॉल सहित सभी चीजें देखने लायक हैं. महल में संग्राहालय का ये हिस्सा आज भी शाही मराठा सिंधिया राजवंश के निवास के रूप में जाना जाता है.

  • हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने पद से इस्तीफा दिया, नए कैबिनेट का होगा गठन

    हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने पद से इस्तीफा दिया, नए कैबिनेट का होगा गठन

    हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्य में भाजपा और जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के बीच विभाजन की अटकलों के बीच मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह घटनाक्रम आगामी लोकसभा चुनाव से पहले सामने आया है। खट्टर ने राजभवन जाकर बंडारू दत्तात्रेय को अपना इस्तीफा सौंप दिया।

    सीएम खट्टर ने बुलाई विधायकों की बैठक

    हरियाणा सरकार में बीजेपी और जेजेपी के बीच चल रही तनातनी के बीच सीएम मनोहर लाल खट्टर ने बीजेपी और सरकार समर्थित निर्दलीय विधायकों की बैठक बुलाई। सीएम ने आज सुबह 11:30 बजे बीजेपी और सरकार समर्थित निर्दलीय विधायकों को हरियाणा आवास पर बुलाया। इस बैठक में बीजेपी निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने के फॉर्मूले को लेकर रणनीति की खब र है। 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में भाजपा के 41 विधाय क, कांग्रेस के 30 और जेजेपी के 10 विधायक हैं। सात निर्दलीय हैं, जबकि इंडियन नेशनल लोक दल (आईएनएलडी) और एचए लपी का एक-एक विधायक है।
    पीएम मोदी ने सुनाया था पुराना किस्सा

    पीएम मोदी ने खट्टर को लेकर पुराना किस्सा भी सुनाया। मैं और मनोहर लाल पुराने साथी हैं। मनोहर लाल के पास एक मोटरसाइकिल रहती थी। वो उसे चलाते थे। मैं पीछे बैठता था। रोहतक से निकलता था। गुरुग्राम में पहुंचता था। उस समय पूरा सफर मोटरसाइकिल पर गुजरता था। आज मुझे खुशी हो रही है कि हम भी साथ है और आपका भविष्य भी साथ है।