कोदागुः पोन्नमपेट तालुका में शुक्रवार को एक परिवार के चार सदस्य अपने घर में मृत पाए गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान महिला नागी (32), उसकी सात वर्षीय बेटी कावेरी, नागी के पिता करिया (75) और नागी की माता गौरी (70) के रूप में हुई है। पुलिस को संदेह है इन हत्याओं में नागी के पति गिरीश (35) की संलिप्ता हो सकती है, क्योंकि वह फिलहाल फरार है। पुलिस के अनुसार, यह घटना तब प्रकाश में आई जब ‘कॉफी एस्टेट’ में काम करने वाले नागी और गिरीश कई दिनों से काम पर नहीं गए, जिसके कारण उनके साथ काम करने वाले अन्य लोग उनकी तलाश में निकले। पुलिस ने बताया कि नागी और गिरीश अपनी बेटी के साथ करिया के घर पर रह रहे थे। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और मुख्य संदिग्ध गिरीश को पकड़ने के लिए टीम गठित कर दी गई हैं।”
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जन्म से लेकर मृत्यु तक हर कदम पर टैक्स की मार : राघव चड्ढा
नई दिल्ली । राज्यसभा में गुरुवार को आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा ने भारत की टैक्स प्रणाली का मुद्दा उठाया। इस दौरान उन्होंने व्यक्ति के जन्म से लेकर मृत्यु तक की आठ स्टेज का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि किस तरह से जन्म से लेकर जीवन के अंतिम समय तक वह टैक्स के जंजाल में फंसा रहता है। आप सांसद ने संसद में केंद्र सरकार से आम जनता पर से टैक्स का बोझ कम करने की अपील की। अपने भाषण की शुरुआत में आप सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि वित्त मंत्री जी हर बार मेरे सवालों का जवाब निजी तंज से देती हैं, कभी कहती हैं कि मैं चार्टर्ड अकाउंटेंट नहीं हूं, कभी मेरी डिग्री पर सवाल उठाती हैं। मैं उनका सम्मान करता हूं, वे अनुभव, ओहदे और उम्र में मुझसे बड़ी हैं। लेकिन आज मैं उस डिग्री को किनारे रखकर, एक आम आदमी की तरह यह दिखाना चाहता हूं कि जन्म से मृत्यु तक सरकार हर कदम पर टैक्स वसूलती है, बिना यह सोचे कि आम आदमी को बदले में क्या सुविधा मिल रही है।सांसद राघव चड्ढा ने सवाल उठाया कि इस टैक्स के बदले देशवासियों को क्या मिल रहा है? उन्होंने पूछा- क्या सरकार हमें मुफ्त या क्वॉलिटी वाली स्वास्थ्य सेवाएं देती है? क्या हमारे पास बेहतर सड़कें, किफायती शिक्षा या सुरक्षित पब्लिक ट्रांसपोर्ट है?उन्होंने तंज कसते हुए कहा, हम भारत में विकसित देशों की तरह टैक्स भरते हैं, लेकिन सुविधाएं अविकसित देशों की तरह हैं। राघव चड्ढा ने अपने भाषण में जिंदगी के हर पड़ाव पर टैक्स की मार को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा, जिस पल एक बच्चा जन्म लेता है, उसी पल से सरकार टैक्स वसूलने के लिए तैयार खड़ी होती है और जब तक एक परिवार उसकी मृत्यु पर शोक मना रहा होता है, तब भी सरकार टैक्स वसूलने में पीछे नहीं हटती। उन्होंने बताया कि हमारी मेहनत की कमाई का एक बड़ा हिस्सा टैक्स चुकाने में चला जाता है। सवाल यह है कि जनता को टैक्स के बदले क्या मिल रहा है? राघव चड्ढा ने देश की मौजूदा टैक्स व्यवस्था को लाइफ साइकिल टैक्सेशन मॉडल करार दिया और जीवन के आठ चरणों में लगने वाले टैक्स का विवरण सदन के सामने रखा।आप सांसद राघव चड्ढा ने पहले चरण के बारे में बताया, जब एक बच्चा जन्म लेता है, तो उसकी आंखें खुलने से पहले ही टैक्स शुरू हो जाता है। नवजात के लिए वैक्सीनेशन पर 5प्रति जीएसटी लगता है। अस्पताल के कमरे का किराया अगर 5,000 रुपए से ज्यादा है, तो 5प्रति जीएसटी। बेबी केयर आइटम्स पर 5प्रति से 18प्रति जीएसटी। जन्म प्रमाणपत्र के लिए रजिस्ट्रेशन फी और उस पर भी जीएसटी। उन्होंने हल्के अंदाज में कहा, अगर जन्म की खुशी में मिठाई या ब्रांडेड चॉकलेट बांटी जाती है, तो उस पर भी 5 से 28 फीसदी तक का जीएसटी चुकाना पड़ता है। वहीं, जन्म के बाद बचपन की स्टेज का जिक्र भी उन्होंने अपने भाषण में किया। राघव चड्ढा ने बताया, माता-पिता बेबी फूड खरीदते हैं तो उस पर 18प्रति तक जीएसटी लगता है। डायपर्स पर 12प्रति जीएसटी। बेबी स्ट्रॉलर पर 5प्रति से 12प्रति जीएसटी। बच्चों के खिलौनों पर भी 12प्रति जीएसटी, चाहे वो पेडल टॉयज हों। उन्होंने आगे कहा, बच्चे का पहला हेयरकट या मुंडन- सैलून में 18प्रति जीएसटी। पहली बर्थडे की फोटोशूट पर 18प्रति जीएसटी। बर्थडे पार्टी में कैटरिंग पर 18प्रति जीएसटी। बर्थडे केक पर भी 18प्रति जीएसटी। जब बच्चा स्कूल जाने लगता है, तब भी टैक्स पीछा नहीं छोड़ता। यूनिफॉर्म, जूते, स्कूल बैग, लंच बॉक्स- इन सब पर जीएसटी। स्टेशनरी आइटम्स पर 18प्रति जीएसटी लगाया जाता है। तीसरी किशोरावस्था में टैक्स का बोझ और बढ़ जाता है। उन्होंने कहा, यह जीवन का सबसे मस्त और बेफिक्री का समय होता है। इस उम्र में बच्चा पहला स्मार्टफोन खरीदता है, उस पर जीएसटी। अगर फोन महंगा या विदेशी है, तो इम्पोर्ट ड्यूटी। फोन रिचार्ज पर जीएसटी। ब्रॉडबैंड इंटरनेट पर जीएसटी लगता है। नेटफ्लिक्स, स्पॉटिफाई, वीडियो गेम्स की सब्सक्रिप्शन पर जीएसटी देना पड़ता है। दोस्तों के साथ मूवी देखने जाएं, एंटरटेनमेंट टैक्स, पॉपकॉर्न और कोल्ड ड्रिंक्स पर जीएसटी देना पड़ता है। उन्होंने आगे कहा, 18 साल की उम्र में पहली बाइक या स्कूटर खरीदते हैं, तो उस पर भी जीएसटी, रोड टैक्स, रजिस्ट्रेशन फी, के अलावा इंश्योरेंस और व्हीकल एक्सेसरीज पर भी जीएसटी भरना पड़ता है। सांसद राघव चड्ढा ने कहा, चौथे चरण में यानी उच्च शिक्षा के दौरान भी टैक्स की मार जारी रहती है। प्राइवेट कॉलेज की ट्यूशन फी पर जीएसटी लगता है। हॉस्टल या पीजी का रेंट भर रहे हैं, तो उस पर जीएसटी लगता है। स्टूडेंट लोन की प्रोसेसिंग फी पर जीएसटी। किताबों से लेकर लैपटॉप तक, हर चीज पर जीएसटी लगता है। उन्होंने कहा, वहीं, जब तक आप ग्रेजुएट होते हैं, तब तक आपको एहसास हो जाता है कि सरकार आपकी मेहनत की कमाई को अपने पास रखने नहीं देती। अगर आप विदेश में पढ़ाई करते हैं, तो फॉरेन रेमिटेंस पर टीसीएस (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) देना पड़ता है। पांचवें चरण में करियर की शुरुआत होते ही पडऩे वाले टैक्स की मार को भी राघव चड्ढा ने समझाया। उन्होंने कहा, यह डायरेक्ट टैक्स का जंजाल है। पहली नौकरी लगती है, तो स्लैब रेट के हिसाब से टीडीएस काटा जाता है। इनकम टैक्स वसूला जाता है। पहली सैलरी मिलती है, तो माता-पिता या दोस्तों को खाने या पिक्चर दिखाने ले जाएं, उस बिल पर भी सरकार जीएसटी वसूलती है। सैलरी बढ़ती है, तो स्लैब के हिसाब से इनकम टैक्स बढ़ता है। वर्क फ्रॉम होम में इंटरनेट बिल्स, लैपटॉप, ब्रीफकेस, इन सब पर जीएसटी। उन्होंने कहा, अगर निवेश करते हैं, तो फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट की खरीद पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स, ब्रोकरेज पर जीएसटी, फाइनेंशियल एडवाइजरी पर जीएसटी। मुनाफा होने पर कैपिटल गेन टैक्स। हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर भी जीएसटी भरना पड़ता है। छठी अवस्था का जिक्र करते हुए आप सांसद ने कहा, प्रमोशन या अप्रेजल से सैलरी बढ़ती है, टैक्स स्लैब बढ़ता है, परफॉर्मेंस बोनस पर भी टैक्स। कार खरीदते हैं, जीएसटी, रोड टैक्स, इंश्योरेंस, रजिस्ट्रेशन फी। पेट्रोल-डीजल पर वैट, एक्साइज ड्यूटी और सेस, और सड़क पर ड्राइविंग के लिए टोल टैक्स। फिर, घर खरीदने की प्रक्रिया में भी टैक्स की मार है। स्टैंप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन फी, कंस्ट्रक्शन सर्विसेज पर जीएसटी, सीमेंट, मार्बल, स्टील जैसे मटेरियल्स पर जीएसटी। सालाना प्रॉपर्टी टैक्स और हाउस टैक्स। अगर आप घर बेचते हैं, तो कैपिटल गेन्स टैक्स। शादी के मौके पर भी टैक्स से राहत नहीं मिलती। बैंक्वेट हॉल बुकिंग, कैटरिंग सर्विसेज, सोने के गहने, कपड़े, वेडिंग इनविटेशन कार्ड से लेकर ब्राइडल मेकअप और हनीमून ट्रैवल तक, हर चीज पर जीएसटी। सांसद राघव चड्ढा ने रिटायरमेंट के बाद भी लगने वाले टैक्स का जिक्र किया। उन्होंने कहा, इस उम्र में इंसान आरामदायक जीवन चाहता है। लेकिन, पेंशन पर टैक्स लगाया जाता है। ब्याज से होने वाली आय पर टैक्स भरना पड़ता है। दवाइयों, हेल्थकेयर सर्विसेज पर टैक्स भरते हैं। लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी देना पड़ता है। प्रॉपर्टी की वसीयत तैयार करने पर लीगल फीस और जीएसटी। वसीयत के रजिस्ट्रेशन पर भी स्टैंप ड्यूटी भरनी पड़ती है। राघव चड्ढा ने जोर देकर कहा, मृत्यु के बाद भी टैक्स पीछा नहीं छोड़ता। अखबार में शोक-संदेश छपवाने पर जीएसटी। अंतिम संस्कार में देसी घी, चंदन, नारियल, इत्र पर जीएसटी। जमीन या प्रॉपर्टी पर टैक्स। प्रॉपर्टी को परिवार में ट्रांसफर करने पर लीगल फी और जीएसटी। अगर परिवार वाले इसे आगे बेचते हैं, तो कैपिटल गेन्स टैक्स, स्टैंप ड्यूटी, और रजिस्ट्रेशन फी चुकानी पड़ती है। इसके अलावा जमीन या प्रॉपर्टी की म्युटेशन पर कई राज्यों में स्टॉम्प ड्यूटी भी चुकानी पड़ती है। आप सांसद राघव चड्ढा ने टैक्स के अर्थव्यवस्था पर पडऩे वाले असर का भी संसद में जिक्र किया। उन्होंने पूछा, इतना टैक्स देने के बाद सरकार हमें देती क्या है? टैक्स सरकार के लिए जरूरी हैं, लेकिन, सवाल यह है कि क्या ये टैक्स हमारी इकॉनमी को बढ़ा रहे हैं या हमारी इकॉनमी को खा रहे हैं? हमारी जिंदगी बेहतर हो रही है या बदतर? टैक्स की वजह से आमदनी घट रही है, खपत गिर रही है, डिमांड नहीं बढ़ रही, प्रोडक्शन गिर रहा है। इकॉनमी का चक्का धीमा हो गया है। उन्होंने कहा, इस देश में 80 करोड़ जनता 5 किलो फ्री राशन के सहारे जी रही है। लेकिन, उनसे भी जीएसटी लिया जाता है। गरीब से गरीब आदमी भी जीएसटी देता है। टैक्स की वजह से एफएमसीजी की सेल्स घट रही है, स्टॉक्स गिर रहे हैं, खपत घट रही है, नई गाडिय़ों की सेल सिकुड़ रही है। सरकार को जीएसटी कम करना चाहिए। अगर जीएसटी कम करेंगे, तो जनता की जेब में पैसा आएगा। पैसा आएगा, तो मांग बढ़ेगी, खपत बढ़ेगी और इकॉनमी का चक्का चलेगा।
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बांग्लादेश में 20 छात्रों को होगी फांसी शेख हसीना की पार्टी से रहा है संबंध
ढाका: बांग्लादेश में हत्या के मामले में 20 छात्रों को मौत की सजा को ढाका हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है। इन छात्रों को साल 2019 में अपने साथी छात्र अबरार फहद की पीट-पीटकर हत्या करने में सजा हुई है। फहद ने उस समय की शेख हसीना सरकार के खिलाफ फेसबुक पोस्ट की थी। इस पर शेख हसीना की अवामी लीग के छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने फहद को पीटकर मार डाला था। इस केस में निचली अदालत ने 2021 में आरोपी छात्रों को दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई थी। अब हाईकोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखा है।20 छात्रों को मौत की सजा के अलावा पांच अन्य छात्रों को उम्रकैद की सजा भी कोर्ट ने बरकरार रखी है। फहद के परिवार ने फैसले पर संतोष जताया है। दूसरी ओर बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि वे ऊपरी अदालत में अपील करेंगे। इस मामले में एक दोषी मुंतसिर जेल से फरार है। ये सभी छात्र BUET (बांग्लादेश यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) के थे।सजा के ऐलान ने लिया राजनीतिक रंग
बांग्लादेश में छात्रों को सजा का यह मामला राजनीतिक रंग ले रहा है। इसकी वजह ये है कि सभी दोषी छात्र BCL (बांग्लादेश छात्र लीग) के सदस्य थे। BCL, शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग की छात्र शाखा है। फहाद ने जिस पोस्ट की वजह से अपनी जान गंवाई, उसमें सरकार की नीतियों की आलोचना की थी। इससे BCL के छात्र भड़क गए थे और उस पर हमला किया था। हालांकि मामले के सामने आने के बाद इन सभी को पार्टी ने निकाल दिया था।
दोषी छात्रों को दिसंबर 2021 को ढाका की एक निचली अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। उस समय शेख हसीना की अवामी लीग ही सत्ता में थी। पांच छात्रों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। अब हाईकोर्ट में जस्टिस असदुज्जमान और जस्टिस सैयद एनायत हुसैन की पीठ ने इस फैसले को बरकरार रखी है। बेंच ने कहा कि हम हाईकोर्ट के फैसले से संतुष्ट हैं। इस फैसले को जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए।
फहद के भाई फैयाज ने कहा कि हमें हाईकोर्ट से इतनी जल्दी फैसला आने की उम्मीद नहीं थी। हम इस फैसले से संतुष्ट हैं, हालांकि अभी भी कई कानूनी प्रक्रियाएं बाकी हैं। बचाव पक्ष के वकील अजीजुर रहमान दुलु ने कहा कि वह फैसले से निराश हैं। उन्होंने कहा कि हम अपीलीय विभाग में अपील करेंगे, हमें वहां से न्याय मिलने की उम्मीद है। -

भारत दुनिया का पांचवां सबसे प्रदूषित देश:कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा
कांग्रेस ने विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट में भारत को दुनिया का पांचवां सबसे प्रदूषित देश बताए जाने के बाद रविवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मांग की कि पिछले 10 वर्षों में पर्यावरण कानून में किए गए सभी जनविरोधी संशोधनों को वापस लिया जाए। कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने एक बयान में कहा कि स्विट्जरलैंड की वायु गुणवत्ता प्रौद्योगिकी कंपनी आईक्यूएआईआर ने हाल में अपनी विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट-2024 जारी की है, जिसमें पाया गया है कि भारत दुनिया का पांचवां सबसे प्रदूषित देश है।राज्यसभा सदस्य रमेश ने एक बयान में कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक भारत में औसत सूक्ष्म पदार्थ कण (पीएम) का स्तर 50.6 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के पांच माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के वार्षिक मानक स्तर से 10 गुना अधिक है।कांग्रेस नेता ने दावा किया कि रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के 100 सबसे प्रदूषित शहरों में से 74 भारत में हैं और राष्ट्रीय राजधानी नयी दिल्ली मेघालय के बर्नीहाट के बाद दुनिया का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर है।उन्होंने अपने बयान में कहा, ”प्रधानमंत्री के शासनकाल की कम ज्ञात त्रासदियों में शामिल राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से बिगड़ती वायु गुणवत्ता और इसके प्रति सरकार की प्रतिक्रिया पर कम ही चर्चा होती है।”रमेश ने देश में वायु प्रदूषण से जुड़ी मौतों के बारे में अतीत में हुए कई अध्ययनों का हवाला भी दिया।उन्होंने कहा कि जुलाई 2024 की शुरुआत में प्रतिष्ठित लांसेट जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में दावा किया गया था कि भारत में होने वाली 7.2 प्रतिशत मौतों के लिए वायु प्रदूषण जिम्मेदार होता है।पूर्व पर्यावरण मंत्री ने कहा कि लगभग उसी समय, विज्ञान एवं पर्यावरण केंद्र द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चला कि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सरकार की ओर से की जाने वाली कार्रवाई अपर्याप्त है।उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) का मुख्य ध्यान पीएम 2.5 के प्रमुख स्रोत औद्योगिक, वाहन और बायोमास उत्सर्जन के बजाय सड़क की धूल को कम करने पर केंद्रित है। पीएम 2.5 को प्रदूषण के कारण होने वाली मौतों का प्रमुख कारक माना जाता है।रमेश ने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने पर्यावरण संरक्षण शुल्क (ईपीसी) और पर्यावरण क्षतिपूर्ति (ईसी) के 75 प्रतिशत से अधिक धन को खर्च नहीं किया है, जिससे स्थिति और खराब हो गई है।
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मध्यप्रदेश : भीषण सड़क हादसा 7 लोगों की मौत, 4 घायल
भोपाल । मध्य प्रदेश के धार जिले के बदनावर-उज्जैन फोरलेन पर बुधवार देर रात भीषण सड़क हादसा हुआ। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई और चार लोग घायल हो गए। तीन लोग हालत गंभीर बताई गई है। ष्टरू॥ह्र आरके शिंदे ने 7 लोगों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि हादसे में चार लोग घायल हुए हैं। वहीं, बदनावर पुलिस थाना प्रभारी अमित कुशवाह ने बताया कि टैंकर गलत दिशा में जा रहा था। उसने पहले एक पिकअप वाहन को टक्कर मारी और फिर उसके पीछे आ रही कार को भी टक्कर मार दी। टैंकर उज्जैन की ओर जा रहा था, जबकि बाकी वाहन विपरीत दिशा से आ रहे थे। अधिकारी ने बताया कि यह घटना रात करीब 11 बजे हुई। उन्होंने बताया कि चार लोग मौके पर ही मारे गए, जबकि बाकी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें बदनावर सिविल अस्पताल भेजा गया। मृतकों की संख्या स्पष्ट नहीं हो पाई, क्योंकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है और कहा जा रहा है कि उसकी मौत हो गई, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।अधिकारी ने बताया कि घायलों को अस्पताल भेजा गया और तीनों की हालत गंभीर है। उन्होंने यह भी बताया कि टैंकर चालक दुर्घटना के बाद मौके से फरार हो गया और पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है।रिपोर्ट के अनुसार, मृतक सीतामऊ थाना क्षेत्र के मंदसौर के निवासी थे। वे इंदौर से उज्जैन होते हुए मंदसौर लौट रहे थे। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों और मृतकों के शवों को बदनावर सिविल अस्पताल भेजा। सुबह उनका पोस्टमार्टम किया जाएगा। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि पिकअप टैंकर के नीचे फंस गई, जिससे पुलिस के लिए तुरंत पहचान करना मुश्किल हो गया। इसलिए पीडि़तों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस के अनुसार, पिकअप में सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे को अस्पताल भेजा गया। वहीं, कार में सवार चार में से तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई और एक घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया। फरार टैंकर चालक का पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है।
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पाकिस्तान : ट्रैन हाईजैक की घटना के बीच क्वेटा पहुंचे पीएम शहबाज शरीफ
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गुरुवार को बलूचिस्तान प्रांत का दौरा किया जहां अलगाववादी चरमपंथियों ने एक ट्रेन पर हमला कर 400 से अधिक यात्रियों को बंधक बना लिया था। सरकार ने बताया कि शरीफ क्वेटा के एक दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान उन्हें क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति के बारे में जानकारी दी जाएगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चरमपंथियों से बचाए गए कई लोग क्वेटा पहुंच हैं। प्रधानमंत्री शरीफ ने बुधवार को एक्स पर एक पोस्ट में हमले की निंदा की और कहा, ऐसी कायरतापूर्ण हरकतें पाकिस्तान के शांति के संकल्प को हिला नहीं पाएंगी। शरीफ का दौरा ऐसे समय में हुआ जब अलगाववादी ग्रुप बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने सेना के इस दावे को खारिज कर दिया कि संघर्ष समाप्त हो गया है। उसने कहा कि लड़ाई जारी है और उसने अभी भी लोगों को बंधक बनाया हुआ है।पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि 300 यात्रियों को बचा लिया गया. सेना के प्रवक्ता ने कहा कि यात्रियों को बचाने के लिए चलाए गए उसके अभियान में 33 चरमपंथियों की मौत हो गई। सेना के अनुसार, कुल 21 बंधकों और चार सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई। हालांकि बीएलए ने कहा कि 50 बंधकों को मार दिया गया। चरमपंथियों ने मंगलवार दोपहर को बलूचिस्तान प्रांत में क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस पर हमला कर यात्रियों को बंधक बना लिया था। ट्रेन में 400 यात्री सवार थे। बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) इसकी जिम्मेदारी ली जिसका कहना था कि अगर सरकार ने 48 घंटों के अंदर बलूच राजनीतिक कैदियों को नहीं छोड़ा तो वो सभी बंधकों को मार देंगे। बीएलए ने कहा कि पाकिस्तान ने जिन लोगों को बचाने का दावा किया है, उन्हें वास्तव में समूह ने ही छोड़ा था। बीएलए बलूचिस्तान की आजादी चाहता है। यह कई जातीय विद्रोही समूहों में से सबसे बड़ा है, जिसने दशकों से पाकिस्तान सरकार से लड़ाई लड़ी है। संगठन का कहना है कि सरकार बलूचिस्तान के समृद्ध गैस और खनिज संसाधनों का अनुचित तरीके से दोहन कर रही है।
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पेपर लीक को लेकर राहुल गांधी का भाजपा पर निशाना
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा कि परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होना एक व्यवस्थित विफलता है और उन्होंने कहा कि यह गंभीर समस्या तभी समाप्त होगी जब सभी राजनीतिक दल और सरकारें अपने मतभेदों को भुलाकर एक साथ सख्त कदम उठाएंगी। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि छह राज्यों में 85 लाख बच्चों का भविष्य खतरे में है, क्योंकि पेपर लीक हमारे युवाओं के लिए सबसे खतरनाक पद्मव्यूह बन गया है।उन्होंने एक्स पर हिंदी में लिखे एक पोस्ट में कहा, पेपर लीक से मेहनती छात्र और उनके परिवार अनिश्चितता और तनाव में आ जाते हैं, जिससे उनकी मेहनत का फल छिन जाता है। इससे अगली पीढ़ी को यह गलत संदेश भी जाता है कि बेईमानी मेहनत से बेहतर हो सकती है, जो पूरी तरह से अस्वीकार्य है।उन्होंने कहा, अभी एक साल भी नहीं हुआ है जब नीट पेपर लीक ने देश को हिलाकर रख दिया था। हमारे विरोध के बाद मोदी सरकार एक नए कानून के पीछे छिप गई और इसे समाधान बताया, लेकिन हाल ही में हुई कई लीक ने साबित कर दिया है कि यह सरकार भी विफल रही है।गांधी ने कहा कि यह गंभीर समस्या एक व्यवस्थित विफलता है। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि इसका उन्मूलन तभी होगा जब सभी राजनीतिक दल और सरकारें अपने मतभेदों को भुलाकर एक साथ सख्त कदम उठाएंगी।गांधी ने कहा, इन परीक्षाओं की गरिमा हमारे बच्चों का अधिकार है और इसे हर कीमत पर संरक्षित किया जाना चाहिए। चक्रव्यूह के रूपक का प्रयोग करते हुए गांधी ने पिछले वर्ष दावा किया था कि चारों ओर भय का माहौल है और छह लोगों का एक समूह पूरे देश को चक्रव्यूह में फंसा रहा है। उन्होंने वादा किया था कि इस चक्रव्यूह को भारत ब्लॉक तोड़ देगा। चक्रव्यूह से तात्पर्य एक बहुस्तरीय सैन्य संरचना से है, जिसका उद्देश्य कमल के आकार की भूलभुलैया जैसी संरचना में रणनीतिक रूप से रखे गए विरोधियों द्वारा योद्धा को फंसाना होता है। गांधी ने कहा था कि चक्रव्यूह को पद्मव्यूह भी कहा जाता है क्योंकि यह कमल (भाजपा का चुनाव चिन्ह) के समान दिखता है।
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मनीष सिसोदिया-सत्येंद्र जैन को झटका, भ्रष्टाचार मामले की होगी जांच, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी मंजूरी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को दिल्ली सरकार द्वारा स्कूल के कमरों/भवनों के निर्माण में अनियमितताओं के संबंध में मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ औपचारिक जांच शुरू करने के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17 ए के तहत दिल्ली के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को मंजूरी दे दी। सिसोदिया शिक्षा मंत्री थे, जबकि जैन दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री थे। जुलाई 2018 में केंद्र द्वारा एक संशोधन के माध्यम से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में धारा 17ए डाली गई थी, जिससे पुलिस, सीबीआई या भ्रष्टाचार के अपराधों से निपटने वाली किसी भी अन्य एजेंसी के लिए भ्रष्टाचार से संबंधित किसी भी अपराध में कोई भी जांच करने के लिए पूर्व अनुमोदन लेना अनिवार्य हो गया।केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने 17 फरवरी, 2020 की एक रिपोर्ट में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा दिल्ली सरकार के स्कूलों में 2,400 से अधिक कक्षाओं के निर्माण में “घोर अनियमितताओं” को उजागर किया। दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय ने 2022 में कथित घोटाले की जांच की सिफारिश की और मुख्य सचिव को एक रिपोर्ट सौंपी। 18 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जांच किए जा रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैन के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी। 60 वर्षीय दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 218 के तहत मंजूरी मांगी गई थी।गृह मंत्रालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच और “पर्याप्त सबूत” की मौजूदगी के आधार पर जैन पर मुकदमा चलाने की मंजूरी देने के लिए राष्ट्रपति से अनुरोध किया था। सीबीआई ने दिसंबर 2018 में एक आरोपपत्र दायर किया, जिसमें कहा गया कि कथित अनुपातहीन संपत्ति 1.47 करोड़ रुपये थी, जो 2015-17 के दौरान जैन की आय के ज्ञात स्रोतों से लगभग 217 प्रतिशत अधिक थी।
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ईरान का इजराइल पर बड़ा हमला, दागी गईं 400 बैलेस्टिक मिसाइलें
ईरान ने इजराइल पर बड़ा हमला कर दिया है. इजराइली फोर्स ने दावा किया है कि ईरान की तरफ से 400 बैलेस्टिक मिसाइल दाग दी गई है. नागरिकों से शेल्टर में रहने के लिए कहा गया है. IDF की चेतावनी के बाद पूरे इजराइल में सायरन बज रहे हैं. खास तौर से मध्य और दक्षिणी इजराइल में लोगों से कहा गया है कि वह बंकर में जाएं. इजराइल के आयरन डोम ने ईरानी मिसाइलों से मुकाबला शुरू कर दिया है.
हिजबुल्लाह चीफ नसरल्लाह की मौत के बाद से ही माना जा रहा था कि इजराइल पर बड़ा हमला हो सकता है. ईरान की ओर से बैलेस्टिक मिसाइल दागे जाने से पहले ही इजराइली फोर्स ने हमले की आशंका जताई थी. आईडीएफ की ओर से किए गए ट्वीट में भी ये कहा गया था कि हिजबुल्लाह इजराइल के निर्दोष नागरिकों को मारने की प्लानिंग कर रहा है.
ईरान की मिसाइलों से टकरा रहा आयरन डोम
इजराइल ने ईरान से मिसाइल लांच होते ही अपने सुरक्षा कवच आयरन डोम को एक्टिव कर दियाईरान ने कहा- इजराइल ने दिया जवाब तो और हिंसक हमले करेंगे
इजराइल पर अटैक को लेकर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की ओर से आधिकारिक बयान जारी किया गया है. इसमें इस्माइल हनियेह, हसन नसरल्लाह और अब्बास निलफोरुशन को शहीद बताया गया है. इसमें कहा गया है कि इन हत्याओं के जवाब में हमने इजराइल पर दर्जनों रॉकेटों से हमला किया है. अगर इजराइल इनका जवाब देता है तो हम और विध्वंसक हमला करेंगे.जाफा में स्टेशन पर आतंकी हमला, फिर मिसाइल अटैक
इजराइल पर हमलों की शुरुआत मंगलवार को जाफा स्टेशन से हुई, जहां पर दो आतंकियों ने नागरिकों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी. इस फायरिंग में 4 लोगों की मौत हुई थी. इजराइल इस हमले से निपट ही रहा था, इसी बीच ही ईरान से बैलेस्टिक मिसाइल दागे जाने की खबर ने इजराइल के नागरिकों में दहशत पैदा कर दी है.जॉर्डन ने हवाई यातायात निलंबित किया, इजराइल ने उड़ानें रोकीं
जॉर्डन की राज्य समाचार एजेंसी ने रिपोर्ट की है कि उसने हवाई यातायात को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है. इस बीच इज़राइली आर्मी रेडियो से जो सूचना मिली है, उसके मुताबिक भी बेन गुरियन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टेकऑफ़ और लैंडिंग रोक दी गई है.अगले आदेश तक बंकर में रहें इजराइली नागरिक
ईरान से बैलेस्टिक मिसाइस के हमलों के बीच आईडीएफ ने बयान जारी कर कहा है कि नागरिकों को अगले आदेश तक संरक्षित क्षेत्रों में रहना होगा. सेना के बयान में कहा गया है कि तेल अवीव, मृत सागर के पास, दक्षिण में और शेरोन क्षेत्र में कई जगहों पर छर्रे या रॉकेट के हमले की खबरें मिली हैं. अभी तक किसी के घायल होने की खबर नहीं है, हालांकि सभी इजरायलियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश दिया गया है.अमेरिकी राष्ट्रपति ने की सुरक्षा सलाहकार से बात
इजराइल पर ईरान का हमला होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बयान जारी कर हर हाल में इजराइल का साथ देने की बात कही है. उन्होंने सुरक्षा सलाहकार से भी बात की है. व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बाइडेन ने सुरक्षा सलाहकारों के साथ बैठक में इजराइल को हमलों से बचाने को लेकर समीक्षा की है.ईरान को पछतावा होगा: इजराइली वित्तमंत्री
ईरान के अटैक के बाद इजराइली वित्त मंत्री बेजेलेल स्मोट्रिच ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि गाजा हिजबुल्लाह और लेबनान की तरह ही ईरान को भी इस पल के लिए पछतावा होगा. है. फिलहाल इजराइल का पूरा जोर ईरान की मिसाइलों को रोकने पर है. टाइम्स ऑफ इजराइल की एक रिपोर्ट के मुताबिक आयरन डोम ने ईरान की मिसाइलों को गिराना शुरू कर दिया है .इजराइली आर्मी के प्रवक्ता डैनियल हगारी ने कहा कि है कि हमारा आयरन डोम एक्टिव है. हम हर तरह की धमकी और हमले का मुकाबला करने में सक्षम हैं. -

BREAKING राजस्थान : कार और टैंकर की टक्कर में दंपति और डेढ़ साल की बच्ची की मौत
राजस्थान के जयपुर में बुधवार शाम एक कार और टैंकर की टक्कर में कार सवार दंपति और उनकी डेढ़ साल की बेटी की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि शिवदासपुरा थाना क्षेत्र में रिंग रोड पर प्रहलाद पुरा रीको एरिया में एक कार और टैंकर की टक्कर में कार सवार किशन शर्मा (30), उनकी पत्नी पिंकी शर्मा (28) और बेटी गुड्डू (डेढ़ साल) की मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, बताया कि हादसे के बाद टैंकर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिये महात्मा गांधी अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया है और बृहस्पतिवार सुबह पोस्टमार्टम किया जायेगा। पुलिस के मुताबिक, कार सवार लोग बीलवा के रहने वाले थे और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
