अजनबी न्यूज शिवपुरी। राज्य शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ, मध्यप्रदेश के प्रांतीय आह्वान पर आज स्थानीय शासकीय कन्या महाविद्यालय, शिवपुरी में प्राध्यापकों, ग्रंथपालों एवं क्रीड़ा अधिकारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण, अनुशासित और गरिमापूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया।
शैक्षणिक कार्य प्रभावित किए बिना जताया विरोध
आंदोलन की सबसे खास बात यह रही कि प्राध्यापकों ने अपने दायित्वों को सर्वोपरि रखा। महाविद्यालय की सभी शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियाँ हमेशा की तरह सुचारू रूप से संचालित होती रहीं। शिक्षकों ने अपनी नियमित कक्षाओं को लेने और कार्यालयीन कार्यों का निर्वहन करते हुए ही काली पट्टी बांधकर शासन के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया।

2004-2005 के सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त न होने पर रोष
प्राध्यापक संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2004-2005 में नियुक्त किए गए लगभग 80 सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा (परीक्षा) अवधि आज दिनांक तक समाप्त नहीं की गई है, जो कि अत्यंत खेदजनक है। इसके अलावा शिक्षकों, ग्रंथपालों एवं क्रीड़ा अधिकारियों की कई न्यायोचित मांगें वर्षों से लंबित हैं।
इस सांकेतिक प्रदर्शन के माध्यम से प्राध्यापकों ने मध्य प्रदेश शासन और उच्च शिक्षा विभाग का ध्यान अपनी इन जायज मांगों की ओर आकर्षित किया और उम्मीद जताई कि सरकार इस दिशा में शीघ्र ही कोई सकारात्मक निर्णय लेगी।

विरोध प्रदर्शन में वरिष्ठ प्राध्यापकों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस एकजुटता प्रदर्शन में महाविद्यालय के सभी वरिष्ठ प्राध्यापकों, ग्रंथपाल, क्रीड़ा अधिकारी एवं कर्मचारियों में डॉ. एम. एस. राठौड़ , डॉ. प्रदीप भार्गव, डॉ. एस. एस. खंडेलवाल, प्रो. मनोज जैन, डॉ. अनीता कैमोर, डॉ. रेनू राय, डॉ. एस. एस. मौर्य, डॉ. भारत सिंह जयंत, डॉ. अजय सिंह, डॉ. पल्लवी सक्सेना, प्रो. नीलेश चौधरी, प्रो. कृष्णकांत वर्मा सहित महाविद्यालय के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों के मान-सम्मान और उनके अधिकारों के शीघ्र निराकरण की अपेक्षा व्यक्त की।


