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भारत मंडपम में G20 के बाद यशोभूमि में P20, जानिए क्यों दिल्ली में जुट रहे हैं दुनियाभर के सांसद

जी-20 की शानदार सफलता के बाद भारत में पहली बार पी-20 सम्मेलन का आयोजन हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को ‘यशोभूमि’ में इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे. इस सम्मलेल में हिस्सा लेने जी-20 देशों के अलावा अन्य देशों के भी सांसद और प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. पी-20 समिट का यह नौवां संस्करण है.
P20 summit: जी-20 शिखर सम्मेलन के बाद दिल्ली में एक बार फिर दुनियाभर के नेताओं का जुटान होगा. कल से दो दिवसीय पी-20 समिट का आयोजन होगा. 13 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे. पी-20 शिखर सम्मलेन में जी-20 देशों के अलावा अन्य देशों की संसद के अध्यक्ष और अंतराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. जी-20 की शानदार सफलता के बाद भारत में पहली बार हो रहे इस पी-20 सम्मेलन का आयोजन दिल्ली के द्वारका स्थित इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर ‘यशोभूमि’ में होगा. बता दें कि पी-20 समिट का यह नौवां संस्करण है.

P20 शिखर सम्मेलन की शुरुआत 12 अक्टूबर से होगी. मुख्य कार्यक्रम 13-14 को अक्टूबर है. सम्मेलन के पहले दिन पार्लियामेंटरी फोरम ऑन लाइफ के थीम पर कई कार्यक्रम आयोजित होंगे. पी-20 शिखर सम्मलेन का मुख्य विषय ‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर के लिए संसद’ रखा गया है. राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतृत्व में इन कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है.

दो दिवसीय सम्मेलन में होंगे चार सत्र

वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर के लक्ष्यों के साथ P20 सम्मेलन के दौरान भारत अपने सदियों पुराने लोकतांत्रिक इतिहास को दुनिया के सामने रखने वाला है. इसके जरिए विश्व के तमाम देशों को समानता, भाईचारा और एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की जाएगी. सम्मेलन में कुल चार सत्र रखे गए हैं. पहला सत्र ‘SDG के लिए एजेंडा 2030: उपलब्धियों का प्रदर्शन, प्रगति में तेजी लाना’ है. यह संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों पर आधारित है.

दूसरे सत्र का विषय ‘सतत ऊर्जा परिवर्तन: हरित भविष्य के प्रवेश द्वार’ है. वहीं, तीसरे सत्र में ‘लैंगिक समानता को मुख्यधारा में लाना: महिला सशक्तिकरण एवं महिलाओं के नेतृत्व में विकास’ विषय पर चर्चा होगी जबकि चौथे सत्र का विषय ‘सार्वजनिक डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से लोगों के जीवन में परिवर्तन’ है. ये सारे विषय आज वैश्विक मुद्दों से निपटने की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करते हैं.

G20 का हुआ था सफल आयोजन

बता दें कि भारत ने सितंबर में जी-20 सम्मेलन की अध्यक्षता की थी. दो दिन (9-10 सितंबर) चले इस समिट में दुनियाभर के नेता एक दूसरे से मिले. भारत मंडपम में इसका सफल आयोजन किया गया था. इस सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता को लेकर सवाल उठाया गया. G20 सम्मेलन के घोषणापत्र पर सभी देशों ने सहमति जताई. इसके अलावा सभी देशों के साथ भारत की द्विपक्षीय वार्ता हुई. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि इस जी-20 सम्मेलन ने उम्मीदें बढ़ा दी हैं. ये संगठन जटिल से जटिल समस्याओं का हल कर सकता है.