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डबल इंजन सरकार बच्चों की मौत पर चुप्पी क्या संवेदशील मोदी जी आंकड़ा कम है

 

भाजपा राज में ज़हर बन गई दवा — 20 बच्चों की मौत पर भी प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव मौन

ग्वालियर ।मध्यप्रदेश  कांग्रेस के प्रवक्ता धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश में ज़हरीली कफ़ सिरप से 20 मासूम बच्चों की मौत हो चुकी है, लेकिन इतने बड़े हादसे के बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कोई बयान नहीं आया, कोई शोक संदेश तक नहीं। जो व्यक्ति वोट माँगने के लिए बार-बार मध्यप्रदेश आ सकता है, वह 20 मासूमों की मौत पर चुप है।
उन्होंने कहा कि सिर्फ प्रधानमंत्री ही नहीं, बल्कि कोई बड़ा भाजपा नेता भी इस त्रासदी पर संवेदना व्यक्त करने आगे नहीं आया — न ज्योतिरादित्य सिंधिया, न कैलाश विजयवर्गीय, न शिवराज सिंह चौहान, न अमित शाह। सब खामोश हैं क्योंकि इन्हें पता है कि जनता अब सवाल नहीं पूछती। इन्हें विश्वास है कि चाहे 20 बच्चे मरें या 2000, लोगों को धर्म और नफरत के मुद्दों में उलझाकर वोट फिर भी मिल जाएंगे।
धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तो बेशर्मी की सारी सीमाएँ लांघ दीं, जब उन्होंने कहा — “वो कल की बात थी, अब आज की बात करो।” यह बयान न केवल असंवेदनशील है बल्कि यह साबित करता है कि भाजपा सरकार जनता की पीड़ा से पूरी तरह बेपरवाह हो चुकी है। राज्यपाल स्वागत समारोह में व्यस्त हैं, मंत्री प्रेस कॉन्फ़्रेंसों में और भाजपा नेता अगले चुनाव की तैयारियों में — किसी को फर्क नहीं पड़ता कि 20 परिवारों के घरों में सन्नाटा पसरा है।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शासन की विफलता नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक संवेदनहीनता का भी प्रमाण है। हमने ही आँखें बंद कर वोट दिया, हमने ही सरकार से जवाब माँगना छोड़ दिया, हमने ही अस्पतालों और दवाओं की गुणवत्ता की जगह मंदिर-मस्जिद और लव जिहाद जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि अब सवाल यह नहीं कि 20 बच्चे क्यों मरे, बल्कि यह है कि हम इतने असंवेदनशील क्यों हो गए हैं? कब तक हम मौतों को “दुर्भाग्य” कहकर भूलते रहेंगे? अगर जनता अब भी चुप रही, तो अगली बार मरने वाला किसी और का नहीं, हमारा अपना बच्चा होगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि मृत बच्चों के परिवारों को कम से कम 50 लाख रुपये मुआवज़ा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। ज़हरीली कफ़ सिरप बनाने वाली कंपनी और संबंधित अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो, और पूरे मामले की न्यायिक जाँच उच्च न्यायालय की निगरानी में कराई जाए।
धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि यह सरकार सिर्फ प्रचार और चुनाव के लिए जीती है, जनता की जान इनके लिए कोई मायने नहीं रखती। जब तक जनता अपनी आवाज़ नहीं उठाएगी और जिम्मेदारों से जवाब नहीं मांगेगी, तब तक मौतें रुकेंगी नहीं।
उन्होंने कहा कि अब वक्त है कि जनता चुप्पी तोड़े और ज़िंदगी के लिए वोट देना शुरू करे, वरना आने वाले कल में यही खामोशी सबसे बड़ा अपराध बन जाएगी।

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