अजनबी न्यूज शिवपुरी। कहते हैं कि बच्चों के मन में जो बैठ जाता है, वही उनके भविष्य की नींव बनता है। कुछ ऐसा ही भावुक और प्रेरणादायक नजारा तब देखने को मिला जब राहुल अष्ठाना पत्रकार की नन्हीं बेटी तान्या की मुलाकात SDOP संजय चतुर्वेदी से हुई। तब अपनी मासूम आवाज और आंखों में ढेर सारे सपने लिए तान्या ने जब वर्दी में सजे अधिकारी को देखा, तो वह अपनी उत्सुकता रोक नहीं पाई। उसने बड़ी ही मासूमियत के साथ एसडीओपी चतुर्वेदी से कहा “अंकल, मुझे भी आपकी तरह पुलिस बनना है।” इस दौरान एसडीओपी संजय चतुर्वेदी ने कहा कि ”बच्चों की आंखों में देश की सेवा का सपना देखना सबसे सुखद अनुभव है। तान्या जैसी नन्हीं प्रतिभाएं ही कल का सुरक्षित भारत बनाएंगी।”

मासूमियत और खाकी का अनूठा मेल
आमतौर पर पुलिस की छवि सख्त मानी जाती है, लेकिन तान्या की इस मार्मिक इच्छा ने वहां मौजूद हर शख्स के चेहरे पर मुस्कान ला दी। एसडीओपी संजय चतुर्वेदी ने भी किसी कड़क अफसर की तरह नहीं, बल्कि एक अभिभावक की तरह तान्या को दुलारा और उसका हौसला बढ़ाया।
महत्वपूर्ण बातें…..
प्रेरणा: छोटे बच्चों का पुलिस सेवा के प्रति यह आकर्षण समाज में खाकी के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
मार्मिक पल: तान्या का अपनी तोतली आवाज में “अंकल” कहकर संबोधित करना और अपने भविष्य का सपना साझा करना बेहद भावुक कर देने वाला था।
इसी के साथ राहुल अष्ठाना पत्रकार की बेटी के इस जज्बे को देखकर वहां उपस्थित सुभाषपुरा थाना प्रभारी एस आई राजीब दुबे ने कहा कि अगर बच्चों को सही दिशा और प्रोत्साहन मिले, तो वे देश का गौरव बढ़ा सकते हैं।


