सिस्टम की लालफीताशाही के आगे लाचार जिंदगी: “हमारे ही 10 लाख रुपये बैंक में कैद, इधर पापा की हर सांस के साथ टूट रही है उम्मीद”
– कलेक्टर से गुहार: “साहब! एकमुश्त 10 लाख दिलवा दीजिए, वरना सांसें थम जाएंगी” – उदयपुर के अस्पताल में ज़िंदगी और मौत से जूझ रहे 72 वर्षीय वृद्ध; हर हफ्ते सिर्फ 1,000 रुपये दे रहा जिला सहकारी बैंक, इलाज के अभाव में डायलिसिस रुकने की नौबत /// राहुल अष्ठाना “अजनबी” /// अजनबी न्यूज शिवपुरी।एक तरफ…
