matbet giriş holiganbet matbet vaycasino güncel giriş

सहायक नेत्र चिकित्सक हरिओम श्रीवास्तव हुए सेवानिवृत्त; ईमानदारी और सेवा भाव के लिए जाने जाएंगे

       // राहुल अष्ठाना “अजनबी”//

अजनबी न्यूज ​शिवपुरी। स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय तक अपनी सेवाएँ देने वाले सहायक नेत्र चिकित्सक हरिओम श्रीवास्तव आज अपनी सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हो गए। उनके विदाई अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सहकर्मियों और शहरवासियों ने उनके अनुकरणीय कार्यकाल की सराहना की।

ईमानदारी और साफ-स्वच्छ छवि की मिसाल

​हरिओम श्रीवास्तव का पूरा कार्यकाल बेदाग और पारदर्शिता से भरा रहा। विभाग में उनकी पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में रही जिन्होंने हमेशा नियमों का पालन किया और अनुशासन के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। सहकर्मियों के अनुसार, श्रीवास्तव जी ने कभी भी अपने काम में कोताही नहीं बरती और उनकी ‘साफ-स्वच्छ छवि’ नए आने वाले चिकित्सकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

मरीजों को माना अपना परिवार

​उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी विशेषता मरीजों के प्रति उनका मानवीय दृष्टिकोण रहा। उन्होंने अस्पताल आने वाले हर मरीज को केवल एक ‘रोगी’ नहीं, बल्कि ‘परिवार का सदस्य’ मानकर उनकी सेवा की। उनकी सौम्य वाणी और संवेदनशीलता के कारण मरीज उन पर अटूट विश्वास करते थे। विदाई के क्षणों में कई पुराने मरीजों ने भी उपस्थित होकर उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

सहकर्मियों ने दी भावभीनी विदाई

​विदाई समारोह के दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और सहयोगियों ने उन्हें फूल-मालाओं और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। वक्ताओं ने कहा कि:

​”हरिओम जी जैसे समर्पित चिकित्सक का जाना विभाग के लिए एक बड़ी रिक्ति है। उनकी ईमानदारी और मरीजों के प्रति प्रेम को हमेशा याद रखा जाएगा।”

सेवानिवृत्त हुए नेत्र सहायक हरिओम श्रीवास्तव, बेटों ने भी समाज में बढ़ाया मान

स्वास्थ्य विभाग में अपनी निष्कलंक सेवा और सेवाभावी स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले सहायक नेत्र चिकित्सक हरिओम श्रीवास्तव आज अपनी शासकीय सेवाओं से सेवानिवृत्त हो गए। जहाँ एक ओर विभाग ने उन्हें एक कर्मठ योद्धा के रूप में विदाई दी, वहीं उनके परिवार और बेटों की उपलब्धियों ने इस पल को और भी गौरवान्वित कर दिया है।

 

ईमानदारी और सेवा भाव की मिसाल

​हरिओम श्रीवास्तव का कार्यकाल हमेशा ईमानदारी और साफ-स्वच्छ छवि के लिए जाना गया। उन्होंने अस्पताल आने वाले हर मरीज को अपना परिवार मानकर उनकी सेवा की। उनकी सौम्य कार्यप्रणाली और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता ने उन्हें स्वास्थ्य विभाग में एक अलग पहचान दिलाई। विदाई के समय सहकर्मियों ने उनके अटूट समर्पण की जमकर प्रशंसा की।

होनहार बेटों ने किया कायस्थ समाज का नाम रोशन

​श्रीवास्तव जी की सफलता केवल उनके करियर तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि उनके द्वारा दिए गए संस्कारों का प्रतिफल उनके दोनों बेटों की सफलता में भी झलकता है। उनके दोनों होनहार बेटों ने अपनी मेहनत से कायस्थ समाज और शिवपुरी जिले का नाम रोशन किया है। ​अनुभव श्रीवास्तव (बड़ा बेटा) वर्तमान में ओरिएंटल इंश्योरेंस जैसी प्रतिष्ठित संस्था में मैनेजर के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ​अंकित श्रीवास्तव (छोटा बेटा) वर्तमान में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), शिवपुरी में कनिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी (Junior Statistical Officer) के रूप में कार्यरत हैं।

संस्कारों की जीत

इस दौरान ​समाज के प्रबुद्ध जनों का कहना है कि यह एक आदर्श परिवार का उदाहरण है, जहाँ पिता ने ईमानदारी से विभाग की सेवा की और उन्हीं पदचिन्हों पर चलते हुए दोनों पुत्रों ने भी प्रशासनिक और वित्तीय क्षेत्रों में सफलता के झंडे गाड़े हैं। विदाई समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने हरिओम श्रीवास्तव जी को उनके सुखद और स्वास्थ्यप्रद सेवानिवृत्त जीवन की शुभकामनाएं दीं।

​”एक सफल करियर और बच्चों को उच्च पदों पर देखना ही एक अभिभावक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। हरिओम जी ने इसे अपनी मेहनत और ईमानदारी से सच कर दिखाया है।”