अजनबी न्यूज आगरा। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत और उसके शव को यमुना नदी में ठिकाने लगाने के रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने आरोपी लेखपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
शादी का वादा और दूरी:
बाह क्षेत्र की रहने वाली विशाखा ओझा आगरा के नूरी दरवाजा में रहकर पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात लेखपाल शिवजीत भदौरिया से हुई और दोनों में नजदीकियां बढ़ गईं। शिवजीत ने विशाखा से शादी का वादा किया था। हालांकि, मई 2026 में शिवजीत ने किसी और से शादी कर ली। पत्नी द्वारा मोबाइल में विशाखा की तस्वीर देखने और घर में विवाद होने के बाद उसने विशाखा से दूरी बनानी शुरू कर दी।
गुमशुदगी से खुला राज:
29 सितंबर को विशाखा का परिवार से संपर्क टूट गया, जिसके बाद परिजनों ने एमएम गेट थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। कॉल डिटेल खंगालने पर लेखपाल शिवजीत का नाम सामने आया। कड़ाई से पूछताछ में उसने सच उगल दिया।
शव को यमुना में फेंका:
शिवजीत के मुताबिक, 30 सितंबर को विशाखा उसके कमरे पर आई थी, जहां उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह उसे अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पकड़े जाने के डर से शिवजीत शव को कार में रखकर इटावा ले गया और चित्राहाट के कचौरा घाट पुल के पास यमुना नदी में फेंक दिया।
नदी किनारे मिला शव, आरोपी जेल में:
पुलिस की तलाश के बाद मंगलवार को इटावा के मिहौली के पास यमुना किनारे से विशाखा का शव बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी लेखपाल शिवजीत भदौरिया को गिरफ्तार कर अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया है।
फिलहाल आरोपी पर अपहरण, दुष्प्रेरण और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर हत्या की धारा भी जोड़ी जाएगी।

