– ”प्यार में अंधापन और क्रूरता की इंतहा: 13 महीने की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अदालत का ऐतिहासिक और कड़ा संदेश।”
अजनबी न्यूज। उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में जिला अदालत ने आज (14 अक्टूबर 2026) अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई है। इस खौफनाक फैसले ने एक बार फिर इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है।
दिल दहला देने वाली वारदात का पूरा सच
मार्च 2025 में मेरठ से सामने आए इस सनसनीखेज मामले ने पूरे देश को सन्न कर दिया था। मर्चेंट नेवी के पूर्व कर्मचारी सौरभ राजपूत की उनकी ही पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर निर्ममता से हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव के कई टुकड़े किए गए और उन्हें एक नीले ड्रम में भरकर सीमेंट से हमेशा के लिए सील करने की कोशिश की गई थी, ताकि सबूतों को मिटाया जा सके।
न्याय की लंबी और कढ़ी राह कुल सुनवाई की 127 तारीखें
गवाहों के बयान: 22 से अधिक गवाह पेश किए गए
कुल कानूनी प्रक्रिया: करीब 13 महीने तक चली सुनवाई के बाद 30 सितंबर 2026 को दोनों को दोषी करार दिया गया था और आज अदालत ने मुजरिमों को उनके कुकर्मों की पूरी सजा दे दी।
नोट:- यह फैसला उन तमाम रिश्तों के लिए एक चेतावनी है जो धोखे, लालच और अंधेरता की भेंट चढ़ जाते हैं। अदालत का यह कठोर निर्णय समाज में यह कड़ा संदेश देता है कि कानून की नजरों से क्रूरता और हत्या जैसे जघन्य अपराध कभी बच नहीं सकते।

