” काल बनकर आए अनियंत्रित ट्रक ने ली 15 बेकसूरों की जान।”
अजनबी न्यूज ग्वालियर। शनिवार की देर रात, जब पूरी दुनिया गहरी नींद में डूबी थी, तब ग्वालियर के चीनौर रोड स्थित शीतला माता मंदिर परिसर में आस्था का सैलाब उमड़ा हुआ था। नवरात्रि और दर्शन की अभिलाषा लिए दर्जनों श्रद्धालु कतार में अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ पलों बाद यह पावन स्थल चीख-पुकार और मातम के समंदर में बदल जाएगा।
रात करीब 1:30 बजे ढलान पर काल बनकर आए एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क किनारे की दुकानों और कतार में खड़े श्रद्धालुओं को अपनी चपेट में ले लिया। अनियंत्रित ट्रक लोगों को रौंदता हुआ सीधे मंदिर के मुख्य एंट्री गेट से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मंदिर की एक दीवार भरभराकर ढह गई और मलबे के नीचे 40 से अधिक लोग दब गए।

मची चीख-पुकार, खून से सन गई सड़क
हादसे के बाद मौके पर दिल दहला देने वाला मंजर था। अंधेरे और चीख-पुकार के बीच चारों तरफ खून से सने कपड़े, बिखरा सामान और अपनों को तलाशते बिलखते परिजनों की आवाजें गूंज रही थीं। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है।
परिवारों की उजड़ी उम्मीदें
मंदिर की लाइन में खड़े इन श्रद्धालुओं में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा शामिल थे, जो अपनी मन्नतें लेकर माता के दरबार पहुंचे थे। एक चश्मदीद ने कांपते हुए बताया, “सब कुछ पलक झपकते हो गया। लोग संभल भी नहीं पाए और ट्रक सबको कुचलता हुआ आगे निकल गया।” इस মর্মান্তिक हादसे ने पूरे ग्वालियर अंचल को झकझोर कर रख दिया है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता देने और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं, लेकिन अपनों को खो चुके परिवारों के आंसुओं को कोई सांत्वना नहीं पोंछ सकती।

