अजनबी न्यूज शिवपुरी। सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस विभाग का एक ऐसा मानवीय और झकझोर देने वाला रूप सामने आया है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है। पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर के निर्देशन में शहर के व्यस्ततम माधव चौक पर यातायात नियमों का पालन करवाने के दौरान यातायात निरीक्षक अरुण प्रताप सिंह जादौन ने जो किया, वह महज़ एक औपचारिकता या पुलिसिया कार्रवाई नहीं, बल्कि एक अभिभावक की मार्मिक अपील थी।
बिना हेलमेट मोटरसाइकिल चलाने और एक ही बाइक पर तीन-तीन सवारियां बैठाकर फर्राटा भर रहे नाबालिग वाहन चालकों को जब रोका गया, तो किसी ने भी लाठी-डंडों या कड़ाई की उम्मीद की होगी। लेकिन ट्रैफिक इंस्पेक्टर जादौन ने जो किया, उसने मौके पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं।

”बेटा, जरा रुको… जीवन की भीख मांग रहा हूं!”
यातायात निरीक्षक अरूण प्रताप सिंह जादौन ने अपनी गाड़ी से आगे बढ़ रहे नाबालिग चालकों के सामने हाथ जोड़ लिए और बेहद भावुक होकर कहा:
”बेटा, जरा रुको… आगे मत बढ़ो। आज मैं तुम्हें डांटने या तुम्हारा चालान काटने के लिए नहीं, बल्कि तुम्हारे सामने हाथ जोड़कर तुम्हारे जीवन की भीख मांगने खड़ा हूं।”
यह दृश्य देखकर वहां से गुजर रहे आम नागरिक भी स्तब्ध रह गए। जादौन की यह अपील न सिर्फ उन युवाओं के दिल पर उतरी, बल्कि पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई।
यातायात निरीक्षक की नागरिकों से विशेष अपील
इस भावुक पल के माध्यम से इंस्पेक्टर जादौन ने शहर के तमाम वाहन चालकों और विशेषकर अभिभावकों से एक गंभीर संदेश साझा किया है:
हेलमेट को बनाएं कवच: दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनें। यह सजा नहीं, बल्कि आपके सिर और जीवन की सुरक्षा का एकमात्र साधन है।
तय संख्या में ही बैठाएं सवारी: मोटरसाइकिल पर निर्धारित संख्या से अधिक सवारियां (विशेषकर तीन सवारी) बिठाकर अपनी और दूसरों की जान खतरे में न डालें।
नाबालिगों को न दें वाहन की चाबी: अपने कम उम्र के बच्चों को दोपहिया या चौपहिया वाहन चलाने के लिए न दें। नासमझी में उठाया गया यह कदम पूरे परिवार को उम्रभर का दर्द दे सकता है।
क्यों जरूरी है यह पहल?
सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े गवाह हैं कि थोड़ी सी लापरवाही और बिना हेलमेट के चलना अनगिनत हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ देता है। एक अधिकारी का वर्दी में खड़े होकर हाथ जोड़ना यह साबित करता है कि कानून का डंडा चलाने से ज्यादा महत्वपूर्ण नागरिकों की सुरक्षित जिंदगी है।

