कांग्रेस, तुमसे ज़्यादा तो गांधी को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने समझा
तुम्हें देखकर आज अफसोस होता है। कभी तुम आंदोलन थे, आज तुम मीटिंग हो गए हो। कभी तुम्हारे पोस्टरों में देश बोलता था, अब बस नेता बोलते हैं। गांधी तुम्हारे अपने थे, फिर भी तुम उनसे सबसे ज़्यादा दूर हो गए। जो आदमी तुम्हारा जल, जीवन, हवा सब था – उसे तुमने सिर्फ फोटो में…

